एलन मस्क एक बार फिर से अपने बयान को लेकर चर्चा में हैं। Tesla CEO ने इंस्टाग्राम, टिकटॉक, स्नैपचैट आदि पर देखे जाने वाले शॉर्ट वीडियो को लेकर ऐसी बात कह दी है कि Meta, Google, Snapchat, TikTok में हड़कंप मच गया है। एक इंटरव्यू के दौरान एलन मस्क से जब ये सवाल पूछा गया कि ऐसा कौन का आविष्कार है, जो मानव समाज के लिए बेहतर की बजाय बदतर बन गया तो उन्होंने इसके जवाब में ‘शॉर्ट वीडियो’ का नाम लिया है। मस्क यही नहीं रूके और उन्होंने शॉर्ट वीडियो को ‘ब्रेन रॉट’ यानी दिमाग सड़ाने वाला बताया है।
शॉर्ट वीडियो दिमाग सड़ाने वाला
इन दिनों युवा हो या सोशल मीडिया यूज करने वाले करोड़ों लोग, ज्यादातर समय शॉर्ट वीडियो देखने में निकाल देते हैं। हाल ही में शॉर्ट फॉर्म वीडियो की लत को लेकर रिसर्च भी सामने आया है, जिसमें इसे Addictive यानी आदत लगाने वाला बताया गया है। पिछले दिनों एक इंटरव्यू के दौरान एलन मस्क से जब ये सवाल पूछा गया कि वो मानव समाज के किस आविष्कार को बदतर बताते हैं तो उन्होंने शॉर्ट वीडियो का नाम लिया।
Katie Miller के पॉडकास्ट में बोलते हुए मस्क ने शॉर्ट वीडियो को ब्रेन रॉट यानी दिमाग को सड़ाने वाली चीज बताया है। हाल में आई रिसर्च के मुताबिक, 15 से 30 सेकेंड के यूट्यूब शॉर्ट्स या इंस्टाग्राम रील्स की वजह से बच्चों के दिमाग पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है। इसकी वजह से बच्चों के दिमाग पर बुरा असर पड़ता है और इसकी लत लग जाती है। 2 से 12 साल की उम्र वाले 78 से 84 प्रतिशत बच्चे यूट्यूब पर हैं, जो प्रायः डेली 2 से ज्यादा घंटे इस पर बिताते हैं।
लोगों की बढ़ी टेंशन
एलन मस्क के इस बयान ने एक बार फिर से शॉर्ट वीडियो को लेकर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। शॉर्ट वीडियो की वजह से बच्चों के दिमाग में मौजूद डोपामाइन ट्रिगर होता है, जिसकी वजह से दिमाग को तुरंत खुशी पाने की लत लग जाती है। एलन मस्क का यह बयान Meta, Google, Snapchat, TikTok जैसी कंपनियों की टेंशन बढ़ाने वाला है, जिनके शॉर्ट वीडियो प्लेटफॉर्म्स लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हैं। लोग इन सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर घंटो शॉर्ट वीडियो देखते हैं।
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