कांग्रेस अब नई अप्रोच के साथ काम कर रही है। संगठन सृजन अभियान के तहत नियुक्त जिलाध्यक्षों को खास प्रशिक्षण दिया जाएगा। जल्दी ही प्रशिक्षण की तिथियां तय होंगी। इसके अलावा सभी जिलाध्यक्षों को यह भी निर्देशित किया गया है कि वे तीन माह में काम करके दिखाए
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एक दिन पहले जयपुर गए कोटा के दोनों जिलाध्यक्षों को बड़े नेताओं से इस पूरे अभियान की रीति-नीति की औपचारिक जानकारी दी गई है। अब जिलाध्यक्षों को 29 नवंबर को जयपुर बुलाया गया है। उस दिन की बैठक में प्रदेश के सभी प्रमुख नेताओं के अलावा प्रदेश प्रभारी हरजिंदर सिंह रंधावा भी रहेंगे।
प्रशिक्षण में बूथ मैनेजमेंट और अनुशासन पर फोकस रहेगा
संगठनात्मक मजबूती/संगठन निर्माण:जिला से बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने की रणनीति।
बूथ मैनेजमेंट और वोटर कनेक्ट रणनीति:बूथ-प्रबंधन, जनसंपर्क, वोटर आधार बढ़ाने की ट्रेनिंग।
इलेक्शन प्रक्रिया/इलेक्टोरल रोल्स:मतदाता सूची संबंधी काम, एसआईआर/निर्वाचन से जुड़ी रणनीतियां और “वोट चोरी” जैसे मुद्दों से निपटने की तैयारियां।
मिसइन्फॉर्मेशन से निपटना:गलत सूचनाओं का माकूल जवाब देना व सरकार की नीतियों का तार्किक ढंग से तथ्यों के साथ विश्लेषण करना।
जेंडर सेंसिटिव:खास सेशन महिलाओं की भागीदारी और जेंडर-सेंसिटिव मुद्दों पर भी हो सकता है।
अनुशासन:इसमें सबसे बड़ी सीख अनुशासन की दी जाएगी। पचमढ़ी में हुए शिविर में देरी से आने पर राहुल गांधी को भी 10 पुश-अप लगाने की प्रतीकात्मक सजा दी गई थी। मैसेज साफ था—अनुशासन से कोई समझौता नहीं।

