सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद शुक्रवार रात दीवार फांदकर दिल्ली की जामिया यूनिवर्सिटी में घुस गए। छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर 12 दिन से धरने पर बैठे छात्रों से मुलाकात की।
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उन्होंने छात्रों से कहा- “आपकी जान कीमती है और आप भूख हड़ताल पर हैं। यूनिवर्सिटी प्रशासन को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। ऐसा न करना शर्मनाक है। छात्रों के संवैधानिक अधिकारों को कुचला जा रहा है। राहुल गांधी इस लड़ाई को मजबूती से लड़ रहे हैं। ये हमारे बच्चे हैं, मैं इनके लिए अपनी जान भी दे सकता हूं।”
दरअसल, यूनिवर्सिटी के गेटों पर भारी पुलिस बल तैनात था। मसूद को अंदेशा था कि गेट से जाने पर पुलिस उन्हें रोक सकती है, इसीलिए उन्होंने 6-7 फीट की दीवार फांदकर अंदर जाने का फैसला किया।
हालांकि, बाहर निकलते समय पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया और थाने ले गई। करीब 6 घंटे बाद शनिवार तड़के उन्हें छोड़ा गया। पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें इमरान जमीन पर बैठकर छात्रों से बात करते दिखाई दे रहे हैं।
2 तस्वीरें देखिए-
दीवार फांदकर जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में घुसते हुए सहारनपुर के सांसद इमरान मसूद।

भूख हड़ताल कर रहे छात्रों से हाल-चाल जानते इमरान मसूद।
सबसे पहले पढ़िए वीडियो में क्या दिखाई दे रहा…
- पूरे घटनाक्रम के कई वीडियो सामने आए हैं। इसमें कांग्रेस सांसद इमरान मसूद आधी रात में दीवार फांद रहे हैं। कुछ लोग दीवार चढ़ने में उनकी मदद कर रहे हैं, जबकि कुछ दीवार के ऊपर से उनका हाथ पकड़कर खींच रहे हैं।
- दीवार फांदने के बाद इमरान मसूद जमीन पर छात्रों के साथ बैठे दिखाई दे रहे हैं। भूख हड़ताल कर रहे छात्रों का हाथ पकड़कर उन्हें समर्थन का दावा कर रहे हैं। उनका हालचाल पूछ रहे हैं। उनसे बात कर रहे हैं।

इमरान मसूद को विश्वविद्यालय के गेट से हिरासत में ले लिया गया।
‘बच्चे देश का भविष्य, अधिकारों को दबाने की कोशिश’
दिल्ली के जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी में छात्र 12 अक्टूबर से धरने और भूख हड़ताल पर बैठे हैं। उन्हें समर्थन देने के लिए इमरान मसूद और सपा MLC शहनवाज खान यूनिवर्सिटी पहुंच गए। जमीन पर बैठकर छात्रों से बात की।
छात्र संघ की बहाली और अधिकारों को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन पर सवाल उठाए। मसूद ने कहा- ये बच्चे देश का भविष्य हैं। उनके अधिकारों को दबाने की कोशिश की जा रही है। प्रशासन बताए कि छात्र संघ की बहाली क्यों नहीं की जा रही है।
‘मैं भारत को तोड़ने वाले किसी भी नारे का समर्थन नहीं करता’
यूनिवर्सिटी की दीवारों पर ‘फ्री कश्मीर’ और ‘फ्री शरजील इमाम’ जैसे नारों और पोस्टरों को लेकर मसूद ने कहा- वह भारत को तोड़ने वाले किसी भी नारे का समर्थन नहीं करते। कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और हमेशा रहेगा। कुछ लोग पोस्टर लगाकर छात्रों के आंदोलन को तोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। ये ठीक नहीं है। हम लोग संविधान को मानने वाले लोग हैं।

इमरान मसूद ने कहा- मैं अपने बच्चों के लिए अपनी जान भी दे सकता हूं। ये मेरे बच्चे हैं और मेरे मुल्क का भविष्य हैं।
‘छात्रों की मांगों को पूरा कराने का काम करेंगे’
बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किए जाने पर भी इमरान मसूद ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि वह छात्रों से मिलने आ रहे थे, ऐसे में इतनी पुलिस फोर्स लगाने की क्या जरूरत थी। छात्रों से मिलना कोई गुनाह नहीं है। इस मसले पर वीसी और प्रशासन से बात करूंगा। वे जल्द छात्रों की मांगों को पूरा करवाने का काम करेंगे।
‘अगर सामने से जाते तो पुलिस हमें जाने नहीं देती’
हिरासत से छोड़े जाने के बाद यूपी कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष इमरान मसूद ने दैनिक भास्कर को बताया- हमें पता था कि अगर हम सामने के रास्ते से जाएंगे तो पुलिस हमें जाने नहीं देगी। इसलिए हमने पीछे से दीवार कूदकर अंदर गए। बच्चों से बात भी की। हम वापस गेट से ही आए तो पुलिस ने हमें हिरासत में ले लिया। थाने में रखा। सुबह 5:30 बजे छोड़ा।

इमरान मसूद ने कहा- हम लोग संविधान को मानने वाले लोग हैं। छात्रों के संवैधानिक अधिकारों को कुचला जा रहा है।
सपा-कांग्रेस गठबंधन से सहारनपुर लोकसभा से चुनाव जीते
- इमरान मसूद 2024 में सपा-कांग्रेस गठबंधन से सहारनपुर लोकसभा से चुनाव जीते थे। वह गठबंधन के अंतर्विरोधों पर खुलकर बोलते रहते हैं। हाल ही में उन्होंने सार्वजनिक रूप से दावा किया था कि 2024 में कांग्रेस के साथ के कारण ही समाजवादी पार्टी 37 सीटें जीत पाई।
- इमरान मसूद ने जनवरी 2022 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस पार्टी छोड़ दी थी। वह सपा में चले गए। हालांकि, बाद में उन्होंने सपा छोड़कर बसपा जॉइन कर ली। अगस्त 2023 में बसपा से निष्कासित होने के बाद 7 अक्टूबर 2023 को उन्होंने फिर कांग्रेस पार्टी में वापसी कर ली थी।
- इसके बाद उन्हें 2024 के भारतीय आम चुनाव के लिए सहारनपुर से पार्टी का उम्मीदवार नामित किया गया। मसूद ने पूर्व सांसद राघव लखनपाल के खिलाफ 5.25% के अंतर से चुनाव जीता था।
- साल 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए उनके एक विवादित बयान ने देश भर में सुर्खियां बटोरी थीं, जिसके लिए उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। एक चुनावी सभा के दौरान इमरान मसूद ने कहा था- यदि नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश को गुजरात बनाने की कोशिश करेंगे, तो उनकी “बोटी-बोटी” काट दी जाएगी।

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