सिंगरौली जिले में शादी-विवाह के सीजन के दौरान स्कूल बस और वैन संचालकों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। बच्चों को लाने-ले जाने के लिए पंजीकृत इन वाहनों का उपयोग चोरी-छिपे बारात और शादी समारोहों में सवारियां ढोने के लिए किया जा रहा था। जांच में पाया गया कि अधिकांश वाहन बिना परमिट, टैक्स और अन्य आवश्यक वैधानिक दस्तावेजों के ही सड़कों पर चल रहे थे। परिवहन विभाग की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि कई स्कूल वाहन अपनी निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियां भरकर व्यावसायिक उपयोग में लाए जा रहे थे। यह न केवल नियमों का सीधा उल्लंघन है, बल्कि यात्रियों, विशेषकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा भी पैदा करता है। इस कार्रवाई के तहत अधिकारियों ने मौके पर ही ऑनलाइन चालान करते हुए कुल 1,38,000 रुपये का जुर्माना लगाया। जांच में यह भी सामने आया कि वाहन संचालक टैक्स चोरी कर रहे थे और बिना वैध परमिट के इन वाहनों का उपयोग शादी समारोहों में कर रहे थे। विभाग ने स्पष्ट किया कि ऐसे अवैध रूप से संचालित वाहनों का दुर्घटना की स्थिति में बीमा भी अमान्य हो सकता है। ऐसी स्थिति में दुर्घटना की पूरी जिम्मेदारी वाहन मालिक और चालक पर आ जाती है। हालांकि, शादी समारोह में शामिल लोगों को असुविधा से बचाने के लिए विभाग ने तत्काल वाहन जब्त करने के बजाय चालान और नोटिस जारी करने का तरीका अपनाया। साथ ही, यह चेतावनी भी दी गई है कि यदि समय पर सभी आवश्यक दस्तावेज पूरे नहीं किए गए, तो सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें वाहन का पंजीकरण रद्द करना भी शामिल हो सकता है। परिवहन विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अब समझाइश का दौर समाप्त हो चुका है। अवैध परिवहन, ओवरलोडिंग और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। प्रशासन का लक्ष्य सिंगरौली जिले में एक सुरक्षित और अनुशासित परिवहन व्यवस्था स्थापित करना है।
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सिंगरौली में स्कूल बसों का अवैध इस्तेमाल उजागर: बिना परमिट, ओवरलोडिंग पर परिवहन विभाग ने 1.38 लाख का जुर्माना लगाया – Singrauli News
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