सिद्धार्थनगर में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। अप्रैल माह में ही लोग जून जैसी तपिश महसूस कर रहे हैं। मंगलवार को अधिकतम तापमान लगभग 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। हालांकि यह पिछले दिनों से थोड़ी कम थी, लेकिन गर्म हवाओं और उमस के कारण लोगों को अभी भी राहत नहीं मिल पाई है। जिला मुख्यालय सहित नौगढ़, बांसी, इटवा, डुमरियागंज और शोहरतगढ़ जैसे सभी तहसील क्षेत्रों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। सुबह से ही तेज धूप और गर्म हवाएं चलने लगती हैं। दोपहर होते-होते कलेक्ट्रेट परिसर, बाजारों और मुख्य सड़कों पर सन्नाटा पसर जाता है। लोग केवल आवश्यक कार्यों के लिए ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। गर्मी से बचाव के लिए लोग अपने सिर और चेहरे को गमछे, टोपी या दुपट्टे से ढककर चल रहे हैं। महिलाओं में छाते का उपयोग भी बढ़ गया है। ग्रामीण इलाकों में लोग पेड़ों की छांव, बाग-बगीचों और ट्यूबवेल के पास समय बिताने को मजबूर हैं। शहरी क्षेत्रों में लोग कूलर और पंखों का सहारा लेकर गर्मी से राहत पाने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि, दोपहर के समय बिजली आपूर्ति में बाधाएं लोगों की परेशानी को और बढ़ा रही हैं, जिससे गर्मी और उमस का प्रभाव दोगुना हो गया है।
इस भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए जिलेभर में गन्ने का रस, लस्सी, शर्बत, नींबू पानी और अन्य ठंडे पेय पदार्थों की मांग में वृद्धि हुई है। जिला मुख्यालय सहित विभिन्न बाजारों में बर्फ के गोले और मौसमी फल जैसे तरबूज, खरबूजा और खीरा बेचने वाले ठेलों पर ग्राहकों की भीड़ देखी जा रही है। इस भीषण गर्मी का सबसे अधिक प्रभाव स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और किसानों पर पड़ रहा है। स्कूलों का समय यथावत रहने के कारण बच्चों को तपती धूप में ही घर लौटना पड़ रहा है। खेतों में काम करने वाले किसान अब केवल सुबह और शाम के समय ही काम कर पा रहे हैं, क्योंकि दोपहर में काम करना बेहद मुश्किल हो गया है।
Source link
सिद्धार्थनगर में पारा 40 डिग्री के करीब: बच्चे सिर ढककर जा रहे स्कूल, नौकरी-पेशा लोगों की परेशानी बढ़ी – Siddharthnagar News
RELATED ARTICLES

