अभिषेक सिंह | सीतापुर2 मिनट पहले
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सीतापुर के 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले महान विद्वान और स्वतंत्रता सेनानी अल्लामा फजल हक खैराबादी की याद में रविवार को खैराबाद में एक भव्य सेमिनार आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य अल्लामा के साहित्यिक, धार्मिक और राजनीतिक योगदान को नई पीढ़ी तक पहुँचाना रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए खालिद रशीद फिरंगी महली ने सुझाव दिया कि अल्लामा फजल हक खैराबादी के नाम से एक ट्रस्ट का गठन कर एक लाइब्रेरी स्थापित की जाए, जिससे आने वाली पीढ़ियां उनके विचारों और संघर्ष से प्रेरणा ले सकें।

इस अवसर पर ऐशबाग, लखनऊ के पेश इमाम जनाब खालिद रशीद फिरंगी महली मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। विशिष्ट अतिथि अपर जिलाधिकारी खालिद अंजुम प्रशासनिक व्यस्तताओं के कारण शामिल नहीं हो सके, लेकिन उन्होंने समिति को संदेश भेजकर अल्लामा की कुर्बानियों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
सेमिनार में सुहेल वहीद अंसारी (पूर्व सहायक निदेशक सूचना कार्यालय), राष्ट्रपति सम्मानित मस्त हफीज रहमानी, फरीद बिलग्रामी, मास्टर आदिल अंसारी, मौलाना आफताब आलम नदवी, कारी सलाहुद्दीन और पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रेम त्रिपाठी सहित कई वक्ताओं ने अपने विचार रखे। सभी ने अल्लामा की जिंदगानी और संघर्ष को याद करते हुए उन्हें हिंदुस्तान की आज़ादी का सच्चा रहनुमा बताया।

सेमिनार की समिति के सदस्य नोमान सिद्दीकी, खलील अली, शाहनवाज हुसैन और मोहम्मद अमीर ने बताया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य अल्लामा को उनकी जन्मभूमि पर सम्मान के साथ याद करना और उनकी विरासत को संजोना है।

