भारतीय यूजर्स की स्मार्टफोन खरीदने की च्वॉइस अब पूरी तरह से बदल गई है। हाल में आई एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय ग्राहक अब पहले की तरह स्मार्टफोन का कैमरा, बैटरी या डिस्प्ले नहीं देखते हैं। यूजर्स फोन अपग्रेड करने से पहले एआई फीचर्स, रैम और स्टोरेज के बारे में भी सोच रहे हैं। यही नहीं, यूजर्स स्मार्टफोन के कलर के लिए भी ज्यादा पैसे खर्च करने के लिए तैयार हैं। स्मार्टफोन की तेजी से बढ़ रही कीमत और नए फीचर्स आने की वजह से अब यूजर्स के इसे इस्तेमाल करने के तरीके भी बदल रहे हैं।
ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म फ्लिपकार्ट और Smartphone Insights Report 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में स्मार्टफोन के इस्तेमाल में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, ग्राहक अब एआई यानी आर्टिफिशियप इंटेलिजेंस वाले फोन को खरीदने में अपना इंटरेस्ट दिखा रहे हैं। यूजर्स अब केवल कैमरा, डिस्प्ले या बैटरी जैसे छोटे-मोटे हार्डवेयर की बजाय परफॉर्मेंस और एआई कैपेबिलिटीज और लंबे समय तक मिलने वाले फायदे देखते हैं।
स्मार्टफोन अब लोगों के लिए बुनियादी जरूरत बन गया है, जिसे देखते हुए यूजर्स ऐसा फोन खरीदना पसंद करते हैं, जिसे लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सके। फोन के हार्डवेयर के अलावा यूजर्स उसके सॉफ्टवेयर पर भी फोकस कर रहे हैं, ताकि उन्हें हर 1-2 साल में फोन अपग्रेड न करना पड़े। एआई फीचर वाले फोन में वॉइस असिस्टेंट, सर्च, कंटेंट क्रिएशन और पर्सनलाइजेशन जैसे बेनिफिट्स मिलते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, यूजर्स एडवांस्ड एआई सपोर्ट वाले फोन में निवेश करन पसंद कर रहे हैं। यही कारण है कि भारत में मिड और प्रीमियम बजट वाले फोन की डिमांड में तेजी देखने को मिली है। वहीं, बजट फोन की डिमांड में थोड़ी गिरावट देखी गई है।
इस रिपोर्ट में कहा गया है कि AI का इस्तेमाल अलग-अलग डेमोग्राफी और जेनरेशन के हिसाब से अलग है। Gen Z यूजर्स अपने नए स्मार्टफोन को कंटेंट क्रिएशन और मनोरंजन के साधन के तौर पर इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में वो उन फोन को खरीदना पसंद करते हैं, जिनमें बेहतर कैमरा और परफॉर्मेंस मिल सके।
वहीं, मिलेनियल्स के लिए स्मार्टफोन प्रोडक्टिविटी और प्लानिंग के लिए यूज हो रहा है। इसके अलावा महिलाएं स्मार्टफोन का इस्तेमाल लाइफस्टाइल से जुड़े कामों के लिए कर रही हैं। वो एआई पर रोजमर्रा के कामों के लिए निर्भर हैं। ऐसे में फोन खरीदने के च्वॉइस में भी असर पड़ा है।
इस रिपोर्ट के मुताबिक, 64% यूजर्स रंगीन डिवाइस खरीदना पसंद करते हैं। अपनी पसंद के रंग वाले फोन को खरीदने के लिए वो 5% ज्यादा तक भुगतान करने के लिए भी तैयार हैं। वहीं, 57% यूजर्स ब्रांड पर भरोसा करके, जबकि 56% लोग ऑनलाइन रिव्यू के आधार पर नया फोन खरीदते हैं। वहीं, 60% यूजर्स फोन की पूरी कीमत वसूलने पर फोकस करते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, 45% यूजर्स का मानना है कि वो फोन की परफॉर्मेंस के लिए ज्यादा पैसे खर्च करने के लिए तैयार है। वहीं, 57% यूजर्स कैमरे में अपग्रेड के लिए खर्च कर सकते हैं। अब, स्मार्टफोन का एवरेज रिप्लेसमेंट साइकिल भी 3.5 साल से बढ़कर 4 साल तक पहुंच गया है। 33 प्रतिशत यूजर्स महंगे फोन खरीदने के लिए EMI स्कीम की मदद लेते हैं।
यह भी पढ़ें – महंगे हो सकते हैं iPhone? मेमोरी चिप की शॉर्टेज ने Apple की बढ़ाई टेंशन

