ब्रजेश्वर साकी
घटनास्थल पूर्व विधायक होशियार सिंह के घर के पास ही है. खास बात यह है कि उनके घर पर पहले से ही गृह मंत्रालय (MHA) की सुरक्षा के तहत CRPF जवान तैनात हैं. इसके बावजूद पास के 4–5 घरों पर रोजाना पत्थरों की बरसात और चेतावनी भरे संदेश मिलना पूरे इलाके के लिए रहस्य बन गया.
ग्राम पंचायत प्रधान जसवीर गुलेरिया ने बताया कि सबसे पहले एक घर का ताला और ग्लेज टूटा पाया गया था. इसके बाद लगातार रात को पत्थरों का गिरना शुरू हो गया. ग्रामीणों ने पंचायत को सूचना दी और फिर पुलिस भी मौके पर पहुंची.
इलाके में संदिग्ध लोगों को भी घूमते देखा
वार्ड पंच कमल किशोर ने कहा, “मैंने पुलिस स्टेशन हरिपुर में इसकी शिकायत करवाई थी. बीती रात पुलिस के जवान गांव में गश्त पर थे. उसी रात पत्थर नहीं गिरे. जबकि पिछले एक हफ्ते से रोजाना रात को कोई पत्थर छतों पर फेंकता था.” ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार इलाके में संदिग्ध लोगों को भी घूमते देखा है. इस वजह से गांव में दहशत और बढ़ गई थी. कई परिवार डर के कारण रातभर सो भी नहीं पा रहे थे.
कई परिवार डर के कारण रातभर सो भी नहीं पा रहे थे.
एसपी मयंक चौधरी ने अब साफ किया
इस पूरे मामले पर एसपी मयंक चौधरी ने अब साफ किया है कि इसमें किसी भी तरह का बड़ा खतरा नहीं है. उन्होंने कहा, “जांच में सामने आया है कि यह पत्थरों की बरसात किसी संगठन या बाहरी तत्व का काम नहीं, बल्कि बच्चों की शरारत थी. बच्चों ने मज़ाक में पत्थर फेंककर डर पैदा किया. ग्रामीण निश्चिंत रहें, किसी तरह का सुरक्षा खतरा नहीं है.” एसपी ने यह भी कहा कि इलाके में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह मजबूत है और पूर्व विधायक के घर की सुरक्षा में किसी तरह की कमी नहीं थी. उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों में न आएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें.

ने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों में न आएं और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें.
गांव में माहौल थोड़ा शांत हुआ
हालांकि, पुलिस के इस बयान के बावजूद ग्रामीणों के मन से पूरी तरह संदेह खत्म नहीं हुआ है. लोगों का कहना है कि बच्चों द्वारा पत्थरों पर इस तरह के संदेश लिखना और रोजाना देर रात को घरों की छतों पर फेंकना असामान्य लगता है. ग्रामीणों का कहना है कि “बच्चे इतनी बड़ी हरकत कर सकते हैं या नहीं, यह सवाल अब भी बना हुआ है.” फिलहाल गांव में माहौल थोड़ा शांत हुआ है, लेकिन लोग अब भी सतर्क हैं. पंचायत ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बच्चों पर निगरानी रखें और ऐसी हरकतों से रोकें.

