Last Updated:
आजम कादरी के मुताबिक मस्जिद निर्माण के लिए जिस जमीन का आवंटन किया गया है वहां तक पहुंचने के लिए 12 मीटर चौड़ा रास्ता होना जरूरी है. इसी मानक के पूरा न होने की वजह से पहले विकास प्राधिकरण ने नक्शा मंजूर नहीं किया था. अब आवश्यक बदलाव कर नक्शा दोबारा पास कराने के लिए आवेदन किया गया है. उनका कहना है कि अगर नक्शा पास हो जाता है तो निर्माण कार्य जल्द शुरू कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सरकार ने मस्जिद निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराई थी. एक तरफ जहां राम मंदिर का निर्माण तेजी से पूरा हो गया वहीं मस्जिद परियोजना अब तक शुरू नहीं हो पाई है.
अयोध्या: अयोध्या में प्रभु राम का भव्य और दिव्य मंदिर बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन क्या आपको पता है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए दिशा निर्देश के बाद मुस्लिम समाज को मस्जिद निर्माण करने के लिए भूमि दी गई थी. आखिर उस भूमि पर वर्तमान समय में मस्जिद निर्माण को लेकर कैसी तैयारी चल रही है? दरअसल अयोध्या के धन्नीपुर में प्रस्तावित मस्जिद निर्माण को लेकर एक बार फिर प्रक्रिया तेज होती दिखाई दे रही है.
मस्जिद के नक्शे को लेकर विकास प्राधिकरण में दोबारा आवेदन किया गया है. सुन्नी वक्फ बोर्ड के जिला कोऑर्डिनेटर और इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ट्रस्ट से जुड़े आजम कादरी ने जानकारी देते हुए बताया कि पहले तकनीकी कारणों की वजह से नक्शा खारिज कर दिया गया था, लेकिन अब संशोधित प्रस्ताव फिर से जमा कराया गया है.
मंदिर तक पहुंचने के लिए 12 मीटर चौड़ा रास्ता
आजम कादरी के मुताबिक मस्जिद निर्माण के लिए जिस जमीन का आवंटन किया गया है वहां तक पहुंचने के लिए 12 मीटर चौड़ा रास्ता होना जरूरी है. इसी मानक के पूरा न होने की वजह से पहले विकास प्राधिकरण ने नक्शा मंजूर नहीं किया था. अब आवश्यक बदलाव कर नक्शा दोबारा पास कराने के लिए आवेदन किया गया है. उनका कहना है कि अगर नक्शा पास हो जाता है तो निर्माण कार्य जल्द शुरू कर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सरकार ने मस्जिद निर्माण के लिए जमीन उपलब्ध कराई थी. एक तरफ जहां राम मंदिर का निर्माण तेजी से पूरा हो गया वहीं मस्जिद परियोजना अब तक शुरू नहीं हो पाई है. ऐसे में सरकार और संबंधित विभागों को भी इस दिशा में गंभीरता से ध्यान देना चाहिए ताकि परियोजना आगे बढ़ सके.
2027 तक शुरू हो सकता है निर्माण कार्य
धन्नीपुर में प्रस्तावित इस परियोजना में केवल मस्जिद ही नहीं बल्कि एक अस्पताल और कम्युनिटी किचन बनाने की भी योजना शामिल है. इंडो इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन ट्रस्ट का कहना है कि यह परिसर सामाजिक और मानवीय सेवाओं का केंद्र भी बनेगा. आजम कादरी ने उम्मीद जताई कि यदि विकास प्राधिकरण से जल्द मंजूरी मिल जाती है तो वर्ष 2027 तक निर्माण कार्य शुरू हो सकता है. उन्होंने कहा कि नक्शा जल्दी पास हुआ तो काम भी जल्द शुरू होने की संभावना है.
About the Author
मैं रजनीश कुमार यादव, 2019 से पत्रकारिता से जुड़ा हूं. तीन वर्ष अमर उजाला में बतौर सिटी रिपोर्टर काम किया. तीन वर्षों से न्यूज18 डिजिटल (लोकल18) से जुड़ा हूं. ढाई वर्षों तक लोकल18 का रिपोर्टर रहा. महाकुंभ 2025 …और पढ़ें

