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Bollywood 90s Forgotten Heroes : 80-90 के दशक में बॉलीवुड में कई नए एक्टर अपना भाग्य आजमाने के लिए फिल्म इंडस्ट्री में आए. कुछ का आगाज तो बहुत ही शानदार रहा. कुछ ने डेब्यू फिल्म से दर्शकों को दीवाना बना लिया. ऐसे ही पांच एक्टर 5 साल के अंतराल में फिल्मों में आए. कुछ का परिवार पहले से ही फिल्म लाइन में था. कुछ ने अपने टैलेंट के दम पर फिल्मों में मौका पाया. कई तो एक जमाने में उभरते सितारे थे. दिलचस्प बात यह है कि इन चार स्टार में से तीन का करियर पूरी तरह से डूब गया. चारों आज गुमनाम की चादर तले जिंदगी जी रहे हैं. जिस एक्टर का करियर बचा, वही आज बॉलीवुड पर राज कर रहा है. ये सब एक्टर कौन हैं, आइये जानते हैं….
रणवीर सिंह की ‘धुरंधर’ फिल्म बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा रही है. इस फिल्म में अक्षय खन्ना रहमान डकैत के किरदार में छाए हुए हैं. उनका हुक स्टेप सोशल मीडिया पर छाया हुआ है. फिल्म 400 करोड़ के क्लब में शामिल होने वाली है. अक्षय खन्ना अपनी दमदार एक्टिंग के चलते सब पर भारी पड़े हैं. 90 के दशक में बॉलीवुड में एंट्री लेने वाले अक्षय खन्ना अकेले अभिनेता नहीं है. 80 के दशक के अंत में और 90 के दशक की शुरुआत में चार और हीरो बॉलीवुड में आए थे. इन चार में से तीन का करियर कुछ ही फिल्मों में सिमट गया. इन्हीं में से एक एक्टर ऐसा भी है जो आज बॉलीवुड में राज कर रहा है. ये एक्टर हैं : सुमित सहगल, सलमान खान, विवेक मुश्रान और अयूब खान. इनमें सलमान खान आज बॉलीवुड सुपरस्टार हैं और पूरी इंडस्ट्री में उनके नाम का सिक्का चलता है. आइये जानते हैं इन सभी एक्टर्स की जिंदगी से जुड़े दिलचस्प पहलुओं के बारे में ….

सबसे पहले बात करते हैं एक्टर सुमित सहगल की जिन्होंने 1987 में आई फिल्म ‘इंसानियत के दुश्मन’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था. पहली ही फिल्म से धमाकेदार एंट्री ली. मासूम चेहरे वाले सुमित सहगल को दर्शकों का भरपूर प्यार मिला. सुमित सहगल के पिता मशहूर सिनेमेटोग्राफर थे. पिता फिल्म लाइन में थे, ऐसे में सुमित ने भी बॉलीवुड में अपना करियर बनाने का फैसला किया था. उन्होंने ईमानदार (1987), परम धरम (1987), तमाचा (1988), लश्कर (1989), बहार आने तक (1990), पति पत्नी और तवायफ (1990) और गुनाह (1993) जैसी फिल्मों में काम किया. सुमित ने अपने समय के लीड हीरो जीतेंद्र, संजय दत्त, गोविंदा, आदित्य पंचोली और मिथुन चक्रवर्ती के साथ फिल्मों में काम किया. 1995 में उन्हें आखिरी बार ‘साजन की बाहों’ फिल्म में देखा गया. इस दौरान उन्होंने 30 फिल्मों में काम किया, लेकिन उन्हें सेकेंड लीड रोल ही मिला.

सुमित जब इंडस्ट्री में आए, तब गोविंदा का स्टारडम उभर रहा था. ऐसे में उन्होंने इंडस्ट्री छोड़ दी. सुमित रातोंरात फिल्म इंडस्ट्री से गायब हो गए. आगे चलकर उन्होंने 2010 में हॉरर फिल्म ‘रोक’ बनाई जिसमें उदिता गोस्वामी और तनुश्री दत्ता लीड रोल में थीं. दुर्भाग्य से यह फिल्म भी नहीं चली. महाभारत में द्रोपदी का रोल करने वाली रूपा गांगुली के साथ की गई फिल्म ‘बहार आने तक’ उनकी सफल फिल्मों में से एक है. इस फिल्म का एक गाना ‘काली तेरी चोटी है’ बहुत पॉप्युलर हुआ था. वह ‘सुमित आर्ट्स’ के नाम से एक कंपनी चलाते हैं जो साउथ की फिल्मों को हिंदी में डब करती है. सुमित की निंजी जिंदगी भी विवादों में रही. सुमित ने दो शादियां की हैं. उनकी पहली शादी 1990 में सायरा बानो की भतीजी शाहीन बानो से हुई थी. शाहीन ने ‘आई मिलन की रात’ में शानदार एक्टिंग की थी. 2003 में दोनों में डिवोर्स हो गया. फिर उन्होंने तब्बू की बहन फराह नाज से शादी की. फराह नाज की पहली शादी दारा सिंह के बेटे बिंदु दारा सिंह से हुई थी.
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‘चेहरा क्या देखते हो, दिल में उतरकर देखो ना’ यह रोमंटिक सॉन्ग जब भी मोबाइल-टीवी-यूट्यूब पर सुनने-देखने को मिलता है तो इसमें नजर आ रहे हीरो अयूब खान की यादें ताजा हो जाती हैं. अयूब खान ट्रेजडी किंग दिलीप कुमार के भतीजे हैं. पूरा परिवार फिल्म लाइन में था, इसलिए उन्होंने इंडस्ट्री में एंट्री लेने के लिए कोई स्ट्रगल नहीं करना पड़ा. अयूब खान के पिता नसीर खान भी एक्टर थे. मां बेगम पारा भी एक्ट्रेस रही हैं. अयूब खान कभी एयरफोर्स ज्वाइन करना चाहते थे. मां के कहने पर फिल्मों में आए. अयूब ने 1992 में आई फिल्म ‘माशूक’ से बॉलीवुड में कदम रखा लेकिन यह मूवी बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप हो गई. फिर उन्होंने सलामी, संजय, मृत्युदंड, सलमा पे दिल आ गया, जियो शान से, दादागिरी, खोटे सिक्के, हफ्ता वसूली, मेला, दिल चाहता है जैसी फिल्मों में काम किया. इनमें से सलामी, सलमा पे दिल आ गया, मृत्यदंड में ही उनके काम को नोटिस किया गया लेकिन बतौर लीड हीरो उनका करियर डूब गया.

2000 आते-आते अयूब खान कैरेक्टर रोल करने लगे. उन्होंने कितने दूर कितने पास, कयामत, गंगाजल, एलओसी : कारगिल, अपहरण जैसे फिल्मों में कुछ अच्छे रोल्स किए. अयूब खान ने मुस्कान, करिश्मा, आंधी और उतरन जैसे कई टीवी सीरियल्स में भी काम किया. पर्सनल लाइफ की बात करें, अयूब खान ने निहारिका भसीन से 2000 में शादी की. दोनों की मुलाकात कॉलेज में हुई थी. 2016 में दोनों का तलाक हो गया. लॉक डाउन के दौरान अयूब खान सुर्खियों में आए. उन्होंने कहा था कि पिछले डेढ़-दो साल से उनके पास कोई काम नहीं है. अयूब खान फिलहाल टीवी सीरियल्स की दुनिया में एक्टिव हैं लेकिन बतौर हीरो उनका करियर नहीं चला.

इस लिस्ट में तीसरा नाम विवेक मुश्रान का है जिनका नाम 90 के दशक के हैंडसम-चॉकलीटो हीरो में शुमार था. उत्तर प्रदेश के रेनूकोट में जन्मे विवेक मुश्रान ने अपने करियर की शुरुआत 1991 में सुभाष घई की फिल्म ‘सौदागर’ से की थी. डेब्यू फिल्म ही हिट रही. फिल्म का गाना ‘दिल करता है इलू-इलू’ बहुत पॉप्युलर हुआ था. हर तरफ विवेक मुश्रान के नाम की चर्चा थी. वह रातोंरात स्टार बन गए. इस मूवी में बॉलीवुड के दो महारथी राजकुमार और दिलीप कुमार भी थे.
मनीषा कोइराला ने भी इस फिल्म से डेब्यू किया था. सौदागर के बाद उन्होंने फर्स्ट लव लेटर, प्रेम दीवाने, बेवफा से वफा, दिल है बेताब (1993), इंसानियत के देवता, राम जाने (1995), जान (1996), छोटा सा घर, सनम (1997), कृष्ण अर्जुन (1997) जैसी फिल्मों में काम किया लेकिन सौदागर जैसी सफलता उन्हें नहीं मिली. फर्स्ट लव लेटर और सनम में उनकी जोड़ी मनीषा कोइराला के साथ थी. इन फिल्मों के गाने भी बहुत हिट हुए. ये गाने प्यार में तड़पने वाले लवर्स की पहली पसंद थे, हालांकि ये फिल्में नहीं चलीं.

‘बेवफा से वफा’ में उनकी जोड़ी जूही चावला के साथ बनी. फिल्म के सैड सॉन्ग तो बहुत पसंद किए गए लेकिन फिल्म कुछ खास कमाल नहीं दिखा सकी. 1993 में ‘दिल है बेताब’ फिल्म में विवेक मुश्रान-अजय देवगन और प्रतिभा सिन्हा नजर आए. इस फिल्म के गाने ब्लॉकबस्टर थे. फिल्म का गाने ‘क्या तुम्हें बताएं ऐ गुलशन, मेरे दिलवर आने वाले हैं’ आज भी सुना जाता है. इंसानियत के देवता जरूर कुछ राहत लेकर आई. जान फिल्म का क्रेडिट अजय देवगन के खाते में गया. 2005 के बाद वो इंडस्ट्री से गायब हो गए. फिर 2015 में रनबीर कपूर की फिल्म तमाशा में नजर आए. 2017 में बेगम जान, 2019 में वीर दी वेडिंग और 2024 में दो पत्ती में एक छोटे से रोल में नजर आए. बतौत हीरो उनका करियर फिल्म इंडस्ट्री में नहीं चल पाया लेकिन वो टीवी सीरियल्स और वेब सीरीज में काम कर रहे हैं. पर्सनल लाइफ की बात करें तो उन्होंने आज तक शादी नहीं की.

अब बात करते हैं सूरज बड़जात्या की फिल्म से बॉलीवुड में एंट्री लेने वाले बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान की. सलमान खान ने अपने करियर की शुरुआत बीवी हो तो ऐसी (1988) से की थी. यह फिल्म कुछ खास कमाल नहीं दिखा सकी. फिर 29 दिसंबर 1989 को एक्ट्रेस भाग्य श्री के साथ उनकी एक फिल्म ‘मैंने प्यार किया’ आई, जिसने बॉक्स ऑफिस पर इतिहास रच दिया. यह फिल्म ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर साबित हुई. फिर उन्होंने बागी, सनम बेवफा, साजन, कुर्बान और पत्थर के फूल जैसे कई सफल फिल्में आई. इन फिल्मों ने उनके करियर को नई गति दी. इंडस्ट्री में उन्हें स्थापित किया. फिर 1994 में माधुरी दीक्षित के साथ आई फिल्म ‘हम आपके हैं कौन’ ने तो सलमान खान को नया स्टारडम दिया. यह फिल्म भी ऑल टाइम ब्लॉकबस्टर फिल्म निकली. 1998 में ‘प्यार किया तो डरना क्या’, ‘कुछ-कुछ होता है’ और 1999 सूरज बड़जात्या की ‘हम साथ-साथ हैं’ ब्लॉकबस्टर फिल्मों ने सलमान खान को बॉलीवुड का सुपरस्टार बना दिया.

सलमान खान बॉलीवुड के ऐसे इकलौते सुपरस्टार हैं जिन्होंने अपने करियर में सात साल में 9 ब्लॉकब्स्टर फिल्में दी हैं. 2011 उनकी दो फिल्में रेडी और बॉडीगार्ड ब्लॉकबस्टर रहीं. रेडी फिल्म का डायरेक्शन जहां अनीस बज्मी ने किया, वहीं बॉडीगार्ड हमेशा के लिए यादगर बन गई. 2012 में सलमान खान की दो फिल्में बॉक्स ऑफिस पर ब्लॉकस्टर साबित हुईं. पहली बार 2012 में उन्होंने यशराज फिल्म्स के बैनर बनीं आदित्य चोपड़ा की फिल्म ‘एक था टाइगर’ में काम किया. आगे चलकर इस सीरीज में एक और फिल्म ‘टाइगर जिंदा है’ में भी उन्होंने काम किया. 2012 में ही दबंग 2 ब्लॉकबस्टर रही थी. 2014 में ‘किक’ ने बॉक्स ऑफिस पर झंडे गाड़ दिए थे. 2015 में बजरंगी भाईजान ने वर्ल्ड वाइड 900 करोड़ से ज्यादा का कलेक्शन कर सबको हैरत में डाल दिया. 2016 में सलमान खान की फिल्म सुल्तान ने दुनियाभर में 623.33 करोड़ रुपए का कलेक्शन दर्ज किया था. 2017 में ‘टाइगर जिंदा है’ ब्लॉकबस्टर साबित हुई.

