Wednesday, April 15, 2026
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बरसात में मिलती है खास मिठाई, चावल से होती है तैयार, जानें खासियत


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भारत विविधताओं का देश है, जहां हर क्षेत्र की अपनी खास पहचान और स्वाद है. जैसे आगरा का पेठा, बनारस का लड्डू या वृंदावन का पेड़ा—ये नाम आपने अक्सर सुने होंगे. लेकिन, क्या आपने कभी ऐसी मिठाई का नाम सुना है जो खोवा या गरी से नहीं, बल्कि चावल से बनती है? अगर नहीं, तो आइए आपको ले चलते हैं उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर जिले में, जहां चावल से बनने वाली मिठाई “अनरसा” न सिर्फ लोगों की पसंद है, बल्कि बरसात के मौसम में तो इसकी मांग सबसे ज्यादा होती है.

वैसे तो हर क्षेत्र में आपको किसी न किसी विशेष मिठाई का स्वाद चखने को मिल ही जाता होगा लेकिन, क्या आपने कभी चावल से बनी मिठाई खाई है..? अगर नहीं! तो आइए आपको बताते हैं कि इस अद्भुत मिठाई का स्वाद चखने के लिए आपको कहां आना होगा. दरअसल सुल्तानपुर जिले के चौक में राजेश मोदनवाल चलते फिरते ठेले पर चावल की मिठाई बनाकर बेचते हैं जिसे अनरसा कहा जाता है.

anarsa

अनरसा के साथ-साथ चावल के प्रयोग से अनरसा का लड्डू भी बनाया जाता है, जिसमें चावल, चीनी और सफेद तिल का मिश्रण कर इस मिठाई को तैयार किया जाता है.

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ज्यादातर बरसात के मौसम में लोगों द्वारा इसका स्वाद चखा जाता है. इसके साथ ही, सुल्तानपुर के अलावा भी कई जिलों के लोग इस अनरसा मिठाई को खाने के लिए आते हैं. बारिश का मौसम चावल की इस मिठाई के लिए काफी पसंदीदा मौसम माना जाता है.

anarsa ki mithai

अगर आप भी चावल की मिठाई या लड्डू को खाना चाहते हैं तो आपके लिए यह जानना जरूरी है कि इसका दाम कितना होता है. दुकानदार राजेश मोदनवाल ने बताया कि इस मिठाई की कीमत 120 रुपए प्रति किलोग्राम होती है, वहीं लड्डू की कीमत 110 रुपए प्रति किलोग्राम होती है.

anarsa ki mithai

अगर आप भी चावल के अनरसे बनाना चाहते हैं तो आपको सबसे पहले चावल को साफ करके धो लेना चाहिए. धोने के बाद चावल को 3 दिनों तक भिगोकर रख दें. हर दिन चावल का पानी चेंज करते रहें. तीन दिन हो जाने के बाद चावल को पानी से बाहर निकाल लें और उन्हें अच्छी तरह से धोकर एक सूती कपड़े पर सूखने के लिए फैला दें. चावल जब सूख जाएं तो उन्हें मोटा-मोटा पीस लें.

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पीसे हुए आटे में बचे हुए पिसी शक्कर, दही, घी मिलाएं और साथ में थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए सख्त आटा गूंथ लें. इस आटे को गूंथने के बाद गीले कपड़े से ढ़क कर 12 घंटे के लिए रख दें. इसके बाद आटे को बाहर निकाल लें और इसकी छोटी-छोटी लोइयां बना लें. लोईयां बनाने के बाद चकले पर तिल फैलाएं और लोई की पूरियां बना लें. अब आपको इन लोईयों को मध्यम आंच पर घी में तलना है और आपके चावल के अनरसे बनकर तैयार हो जाते हैं. 

chawal ki mithai

चावल की मिठाई अनरसा को बनाने वाले राजेश मोदनवाल ने बातचीत करते हुए बताया कि यह मिठाई सुल्तानपुर वालों की पहली पसंद है. 

chawal ki mithai

अगर आप भी चावल की इस अद्भुत मिठाई का स्वाद चखना चाहते हैं तो आपके लिए यह जानना ज़रूरी हो जाता है कि इस मिठाई को कहां और कब प्राप्त किया जा सकता है. आपको बता दें कि सुल्तानपुर शहर के चौक से लेकर शाहगंज चौराहे तक यह मिठाई आपको ठेले पर लगी हुई मिल जाएगी.

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