Wednesday, July 15, 2026
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भारत-अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता रद्द हो सकती है: छठे दौर की बातचीत के लिए अमेरिकी टीम को भारत आना था; डेयरी प्रोडक्ट्स पर विवाद


वॉशिंगटन डी सीकुछ ही क्षण पहले

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और पीएम नरेंद्र मोदी। (फाइल फोटो)

भारत और अमेरिका के बीच 25 से 29 अगस्त को होने वाली व्यापार बातचीत स्थगित हो सकती है। PTI के मुताबिक ये यह बैठक अब बाद में होने की संभावना है।

अब तक इस समझौते के लिए पांच दौर की बातचीत हो चुकी है, और छठे दौर के लिए अमेरिकी टीम को भारत आना था।

इससे पहले अमेरिका ने 6 अगस्त को भारत पर कुल 50% टैरिफ लगाने की घोषणा थी। अमेरिका कृषि और डेयरी क्षेत्रों में अधिक बाजार पहुंच की मांग कर रहा है, लेकिन भारत इससे इनकार कर चुका है।

भारत ने साफ कहा है कि वह किसानों और पशुपालकों के हितों से समझौता नहीं करेगा। दोनों देश सितंबर-अक्टूबर 2025 तक BTA के पहले चरण को पूरा करने की योजना बना रहे हैं।

ट्रम्प ने 13 फरवरी को वाशिंगटन डीसी में मोदी की से मुलाकात की थी।

ट्रम्प ने 13 फरवरी को वाशिंगटन डीसी में मोदी की से मुलाकात की थी।

डेयरी प्रोडक्ट्स को लेकर भारत-अमेरिका के बीच विवाद

अमेरिका चाहता है कि उसके डेयरी प्रोडक्ट्स जैसे दूध, पनीर, घी को भारत में आयात की अनुमति मिले। भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है और इस सेक्टर में करोड़ों छोटे किसान लगे हुए हैं।

भारत सरकार को डर है कि अगर अमेरिकी डेयरी उत्पाद भारत में आएंगे, तो वे स्थानीय किसानों को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसके अलावा धार्मिक भावना भी जुड़ी हुई हैं।

अमेरिका में गायों को बेहतर पोषण के लिए जानवरों की हड्डियों से बने एंजाइम (जैसे रैनेट) को उनके खाने में मिलाया जाता है। भारत ऐसी गायों के दूध को ‘नॉन वेज मिल्क’ यानी मांसाहारी दूध मानता है।

भारत की शर्त है कि कोई भी डेयरी उत्पाद तभी भारत में बिक सकता है जब वह यह प्रमाणित करे कि वह पूरी तरह शाकाहारी स्रोत से बना हो।

भारत की शर्त है कि कोई भी डेयरी उत्पाद तभी भारत में बिक सकता है जब वह यह प्रमाणित करे कि वह पूरी तरह शाकाहारी स्रोत से बना हो।

भारत बोला- हितों से कोई समझौता करेंगे

स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘स्वदेशी’ उत्पादों को बढ़ावा देने और किसानों, मछुआरों और पशुपालकों के हितों की रक्षा करने का संकल्प दोहराया था।

उन्होंने कहा, ‘भारत अपने किसानों और पशुपालकों के हितों से कोई समझौता नहीं करेगा।’

2030 तक व्यापार को 500 बिलियन डॉलर करने का लक्ष्य

भारत और अमेरिका का लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा 191 अरब डॉलर से बढ़ाकर 500 अरब डॉलर करना है।

अमेरिका ने भारतीय सामानों पर 7 अगस्त से 25% शुल्क लागू किया है, और रूस से तेल और हथियार खरीदने के लिए 27 अगस्त से अतिरिक्त 25% शुल्क लगेगा।

वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-जुलाई 2025 में भारत का अमेरिका को निर्यात 21.64% बढ़कर 33.53 अरब डॉलर हो गया, जबकि आयात 12.33% बढ़कर 17.41 अरब डॉलर रहा।

इस अवधि में अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार रहा, जिसके साथ 12.56 अरब डॉलर का व्यापार हुआ। अप्रैल से भारत का अमेरिका को निर्यात लगातार बढ़ रहा है।

ट्रम्प बोले- रूसी तेल खरीद पर फिलहाल प्रतिबंध नहीं

इसी बीच शुक्रवार देर रात को अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प और रूसी राष्ट्रपति पुतिन के बीच यूक्रेन मुद्दे पर अलास्का में बैठक हुई। इस बैठक से उम्मीद थी कि दोनों देशों के बीच तनाव कम होने से भारत पर अतिरिक्त शुल्क में राहत मिल सकती है।

ट्रम्प ने कहा, ‘अगर मुझे प्रतिबंध लगाना पड़ा, तो मैं लगाऊंगा, लेकिन शायद मुझे ऐसा न करना पड़े।’ उन्होंने यह भी कहा कि भारत रूस से लगभग 40% तेल खरीदता है, भारत पर एक्स्ट्रा टैरिफ से रूस से अपना बड़ा ग्राहक खो दिया है।

2030 तक व्यापार को 500 बिलियन डॉलर करने का लक्ष्य

भारत-अमेरिका डील एक्सपर्ट ने बताया- हफ्तों पहले हुई बातचीत में मुख्य रूप से भारत और अमेरिका में इंडस्ट्री और कृषि उत्पादों के लिए ज्यादा बाजार पहुंच, टैरिफ में कटौती और नॉन-टैरिफ बैरियर पर फोकस रहा।

अमेरिकी डेलिगेशन की अगुआई US ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव ऑफिस के अधिकारियों ने की। जबकि भारतीय व्यापार मंत्रालय की टीम की कमान सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल कर रहे थे।

इस समझौते का लक्ष्य दोनों देशों के बीच सालाना द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा 190 अरब डॉलर (करीब 16 लाख करोड़) से बढ़ाकर 2030 तक 500 अरब डॉलर (करीब 43 लाख करोड़) तक ले जाना है।

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