हनुमानगढ़ में बारिश मकानों में हुए नुकसान के कारण मजबूरन लोगों को खुले में या मकान किराए पर लेकर रहना पड़ रहा है।
मानसून की बारिश हनुमानगढ़ के कई परिवारों के लिए मुसीबत बनकर आई। अत्यधिक बारिश की वजह से टाउन की पारीक कॉलोनी, वार्ड 33 में भी कई मकानों को नुकसान पहुंचा। नींव में पानी भरने से मकान धंस गए और दीवारों में दरारें आ गईं। अब यह मकान कभी भी गिर सकते हैं। मज
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लोगों ने बारिश से कई मकानों मे हुए नुकसान की भरपाई की मांग की है।
प्रभावित परिवारों का आरोप है कि नगर परिषद अधिकारियों की ओर से नुकसान का मुआवजा दिलवाने की दिशा में कोई प्रयास नहीं किए जा रहे। कालूराम ने बताया कि गत दिनों हुई अत्यधिक बारिश के दौरान उसके मकान के नजदीक बनी नाली टूट गई। नाली का पानी पास ही खाली पड़े प्लाट से होते हुए उसके मकान तक पहुंच गया और पानी नींव में चला गया। इससे मकान धंस गया। मकान के अन्दर दीवारों में जगह-जगह दरारें आ गई हैं। उसने करीब डेढ़ साल पहले ही मकान का निर्माण करवाया था, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही।
नगर परिषद के अधिकारी कह रहे हैं कि उनके मकान का पट्टा नहीं है। इसलिए कोई आर्थिक मदद नहीं की जा सकती। खाली पड़े प्लॉट में भी उसके मकान को नुकसान होने के बाद अब भर्ती करवाई जा रही है। जनप्रतिनिधियों ने भी सुनवाई नहीं की। उन्होंने नगर परिषद अधिकारियों पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कहा कि नगर परिषद उसके मकान की मरम्मत करवाकर दे। अन्यथा मकान गिरने से होने वाले नुकसान का जिम्मेवार नगर परिषद का होगा।
उन्होंने पांच दिन में सुनवाई नहीं होने पर नगर परिषद कार्यालय के समक्ष भूख हड़ताल शुरू करने की चेतावनी दी। भंवरलाल ने बताया कि उन्होंने किश्तों पर रुपए लेकर मकान तैयार करवाया था, लेकिन गत दिनों हुई भारी बारिश की वजह से मकान के नजदीक बनी नाली टूट गई और पानी उनके मकान की नींव में भरने से मकान को काफी नुकसान पहुंचा। पिछले दस-बारह दिनों से घरेलू सामान खुले में पड़ा है। वे खुद किराए पर बैठे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। वे पहले ही किश्तों का भुगतान नहीं कर पा रहे हैं। अब दोबारा मकान की मरम्मत करवाने के लिए उनके पास व्यवस्था नहीं है।

