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Nepal protest News: नेपाल के प्रधानमंत्री रहे केपी शर्मा ओली को जनता के आक्रोश के आगे झुकना पड़ा. ‘ओली चोर देश छोड़’ के नारों के बीच उन्होंने इस्तीफा दे दिया है. ओली का कार्यकाल भारत विरोधी नीतियों के लिए जाना …और पढ़ें
नेपाल के पीएम केपी शर्मा ओली को इस्तीफा देना पड़ाबता दें कि ओली का कार्यकाल भारत विरोधी नीतियों के लिए जाना जाता था. उन्होंने अक्सर सार्वजनिक मंचों से भारत के खिलाफ तीखी बयानबाजी की और चीन के साथ नजदीकी बढ़ाई. उनके शासनकाल में भारत-नेपाल संबंध सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए थे. अब जबकि उनकी कुर्सी जा चुकी है, भारत के लिए यह एक मौका है कि वह नेपाल के साथ अपने सदियों पुराने संबंधों को फिर से मजबूत करे.

पीएम ओली को चीन प्रेम ले डूबा.
ओली ने कब-कब भारत को दिखाई आँख?
‘ओली चोर देश छोड़’ का नारा क्यों लगा?
इसके अलावा ओली ने कई बार भारतीय नेतृत्व पर कटाक्ष किया और भारत पर नेपाल के आंतरिक मामलों में दखल देने का आरोप लगाया. उन्होंने जानबूझकर भारत विरोधी भावनाएं भड़काकर अपनी घरेलू राजनीति चमकाने की कोशिश की. उनके इस रुख के पीछे चीन का समर्थन था, जिसने नेपाल में बड़े पैमाने पर निवेश करके अपना प्रभाव बढ़ाया. ओली के खिलाफ जनता का आक्रोश केवल उनकी भारत विरोधी नीतियों तक सीमित नहीं था. नेपाल में सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने के फैसले ने आग में घी का काम किया. यह प्रतिबंध जनता की अभिव्यक्ति की आजादी पर सीधा हमला था, जिसे नेपाली नागरिक बर्दाश्त नहीं कर पाए.

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भारत-नेपाल संबंध की आगे की राह
जानकारों की राय में भारत को नेपाल की नई सरकार के साथ बातचीत शुरू करनी होगी.संवाद के जरिए सीमा विवाद जैसे मुद्दों को सुलझाने का प्रयास करना चाहिए. साथ ही भारत नेपाल में बुनियादी ढांचे के विकास, ऊर्जा और कनेक्टिविटी परियोजनाओं में सहयोग बढ़ाकर अपने संबंधों को मजबूत कर सकता है. भारत को सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों पर फिर से जोर देना चाहिए, जो दोनों देशों को सदियों से जोड़े हुए हैं.

भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें
भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा… और पढ़ें

