Thursday, April 16, 2026
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वाराणसी में वकील-पुलिस विवाद पर अफसरों से संवाद करेगी टीम-11: पूर्व अध्यक्षों की 11 सदस्यीय टीम मिटाएगी गतिरोध, दरोगा अस्पताल से डिस्चार्ज – Varanasi News


वाराणसी जिला न्यायालय में दरोगा को पीटने के बाद अधिवक्ताओं में दो गुट आपस में विद्रोही हो गए हैं। एक टीम पूरी तरह से बैकफुट पर है तो दूसरी टीम वर्तमान बार के विरोध में उतर आई है। अध्यक्ष और महामंत्री के खिलाफ भी एक टीम ने मोर्चा खोल दिया और सेंट्रल ब

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उधर, बार सभागार में गहमागहमी के बीच पूर्व अध्यक्षों ने बैठक कर पुलिस-अधिवक्ता गतिरोध दूर करने के लिए मंथन किया। सेंट्रल बार और बनारस बार के वर्तमान एवं पूर्व पदाधिकारियों की कुल 11 सदस्यीय कमेटी बनाई गई। यह कमेटी गुरुवार को अफसरों के साथ बैठक करेगी।

इसमें कचहरी परिसर में दरोगा पर हमले में दर्ज मुकदमे में विवेचना पूरी होने तक गिरफ्तारी न किए जाने, समिति की निगरानी में साक्ष्यों के परीक्षण, समिति को भरोसे में रखकर विवेचना पूरी करने समेत अन्य बिंदुओं पर बातचीत होगी।

कमेटी में सेंट्रल बार के अध्यक्ष मंगलेश दुबे, महामंत्री राजेश गुप्ता, बनारस बार के अध्यक्ष सतीश तिवारी, महामंत्री शशांक श्रीवास्तव, सेंट्रल बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष रामजन्म सिंह, सुरेश श्रीवास्त, मोहन यादव, विवेक शंकर तिवारी, अवधेश सिंह, राजेश मिश्रा, पूर्व महामंत्री नित्यानंद राय शामिल हैं।

बार अध्यक्ष बोले- अधिवक्ताओं का नहीं होगा उत्पीड़न

सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मंगलेश दुबे ने कहा कि दरोगा पर हमले में दर्ज मुकदमे में नामजद एवं अज्ञात अधिवक्ताओं पर किसी तरह की उत्पीड़नात्मक कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ अधिवक्ता शहर में भी नहीं थे उनके नाम शामिल होने की बात सामने आई है।

इसके लिए बनाई गई कमेटी आज सभी मुद्दों पर बिंदुवार बात करेगी। इसके लिए जिला जज जयप्रकाश तिवारी, पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल, डीएम सत्येंद्र कुमार से समय लेकर उनके साथ बैठक करेगी।

प्रेम शंकर पांडेय, विजय शंकर रस्तोगी, अशोक उपाध्याय, अजय श्रीवात्सव, कमलेश यादव, घनश्याम सिंह पटेल, चंद्रमा सिंह, राधेश्याम सिंह, राधेलाल श्रीवास्तव, सभाजीत सिंह, मुरलीधर सिंह, विनोद पांडेय, अनिल पाठक, राम राजीव सिंह, अरविंद राय, राम अवतार पांडेय, प्रमोद पाठक, वीरेंद्र नाथ शर्मा समेत 80 वकील शामिल थे।

वाराणसी कोर्ट के बाहर फोर्स तैनात।

वाराणसी कोर्ट के बाहर फोर्स तैनात।

70 वकीलों पर दर्ज हुआ केस

वाराणसी कचहरी में दरोगा और सिपाही को दौड़ा-दौड़ाकर पीटने के मामले में पुलिस ने घायल दरोगा की तहरीर पर दस नामजद वकीलों और 60 अज्ञात वकीलों के खिलाफ केस दर्ज किया है। कचहरी एरिया में छह थानों के करीब 300 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।

16 सितंबर को बनारस कचहरी में वकीलों ने एक दरोगा और सिपाही की जमकर पिटाई कर दी थी। दरोगा की वर्दी फाड़ दी थी। दरोगा के सिर और चेहरे पर 3 गहरे घाव हैं। पूरे शरीर पर 13 चोट के निशान हैं। सिपाही से भी मारपीट की है। गंभीर हालत में दरोगा को ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया।

दरअसल, बड़ागांव में दो पट्टीदारों का विवाद था। जिसमें हुई मारपीट के बाद दोनों पक्षों का 151 में चालान हुआ था। इस मारपीट में घायल एक वकील ट्रॉमा सेंटर में भर्ती था जिसे बुधवार रात डॉक्टरों ने डिस्चार्ज कर दिया। आरोप है कि दरोगा मिथलेश प्रजापति ने ही उसे मारा था।

अब जानिए पूरा घटनाक्रम

बड़ागांव थाने में तैनात दरोगा मिथिलेश प्रजापति मंगलवार(16 सिंतबर) की दोपहर 2 बजे कोर्ट में पहुंचे थे। उन्हें एसीएम प्रथम कोर्ट में गो-वध निषेध अधिनियम के तहत रिमांड पर्ची लेनी थी। दरोगा मिथिलेश प्रजापति ने अप्लीकेशन दी थी। कोर्ट में दरोगा को देखकर बड़ागांव के कुछ वकीलों को साथी वकील मारने की घटना याद आ गई।

अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम कार्यालय के पास अधिवक्ताओं ने दरोगा को घेर लिया और मारने लगे। दरोगा खुद को बचाने के लिए अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम) के कार्यालय में घुसे और दरवाजा बंद करने लगे। अधिवक्ता भी जबरिया घुस गए।

इसके बाद एसीएम प्रथम कार्यालय में ही पिटाई शुरू कर दी। मिथलेश प्रजापति (37) और कॉन्स्टेबल राणा प्रसाद (27) को डीएम पोर्टिका में बेरहमी से पीटा और उनकी वर्दी फाड़ दी। कोर्ट आए एसीपी विदुष सक्सेना ने बचाने का प्रयास किया तो उनसे भी धक्का मुक्की हो गई।

कोर्ट मोहर्रिर रामा प्रसाद को भी दरोगा समझ पीट दिया। जानकारी पाकर एसीपी कैंट नितिन तनेजा, थाना प्रभारी निरीक्षक शिवाकांत मिश्र पहुंचे। पुलिसवालों ने किसी तरह दरोगा को वहां से निकाला। सिर पर चोट की वजह से दरोगा मिथिलेश गंभीर हाल में थे। पुलिस ने घायल दरोगा को लेकर जिला अस्पताल पहुंचाया।

हालत नाजुक होने पर उन्हें बीएचयू ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। घायल दरोगा का बीएचयू के ट्रॉमा सेंटर में इलाज चल रहा है। दरोगा के सिर और चेहरे पर गंभीर चोट लगी है। सिपाही राणा प्रसाद का जिला अस्पताल में प्राथमिक उपचार कराया गया है।

हम बताते हैं कब शुरू हुआ विवाद

बड़ागांव थाना अंतर्गत पुआरी खुर्द गांव के दो पट्टीदारों मोहित कुमार सिंह पुत्र मुन्ना लाल और प्रेमचंद्र मौर्या पुत्र स्व. दयाराम मौर्या के बीच जमीन विवाद था। दरअसल, मोहित पक्ष का आरोप है कि आराजी संख्या 125 पर अस्थायी स्थगन आदेश के बावजूद निर्माण कराया जा रहा है।

प्रेमचंद्र पक्ष का कहना है कि वह आराजी संख्या 126 पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत वैध निर्माण कर रहे हैं। मेड से 4 फीट दूरी छोड़कर काम कर रहे हैं। लेकिन मोहित और उसके परिजन जबरन रोक-टोक कर रहे हैं। दोनों पक्ष पहले भी कई बार जमीन को लेकर भिड़ चुके हैं। 28 जून 2025 को भी इसी विवाद पर बड़ागांव थाने में दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज हुए थे।

13 सितंबर 2025 को समाधान दिवस जनसुनवाई के दौरान जब दोनों पक्षों को पुलिस ने समझाने का प्रयास किया, तो वे आपस में भिड़ गए। दोनों पक्षों में कहासुनी और मारपीट हुई। पुलिस ने शांति भंग में दोनों पक्षों का चालान कर दिया। आरोप है कि इसी दौरान थाने के दरोगा ने वकील को मारपीट कर घायल कर दिया। मामले की जानकारी के बाद वकीलों का गुस्सा फूट पड़ा।



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