खैरथल-तिजारा जिले के मातौर गांव में बुधवार देर रात करीब 500 लोगों की भीड़ ने दो घरों पर हमला बोल दिया। गुस्साई भीड़ ने घरों पर पत्थरबाजी की। घर के बाहर खड़ी बाइक को आग के हवाले कर दिया। हालात काबू में करने के लिए चार थानों की पुलिस बुलानी पड़ी। वहीं
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इस मामले में एडिशनल एसपी रतन लाल भार्गव ने बताया- हमें बुधवार देर रात सूचना मिली थी कि मातौर गांव में संचालित नवअंश इंडिया निधि लिमिटेड फाइनेंस कंपनी के दो एजेंट्स दाताराम चौधरी और उसके भाई के घर पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया है। गुस्साई भीड़ ने घर पर जमकर पत्थरबाजी और तोड़फोड़ की, साथ ही बाहर खड़ी कई बाइकों को आग के हवाले कर दिया।
देखिए, घटना से जुड़ी तस्वीरें-
भीड़ ने पर घर पर पत्थर मारकर सभी खिड़की-दरवाजे तोड़ दिए।

गुस्साए ग्रामीणों ने घर के बाहर खड़ी बाइक को तोड़ दिया।

परिजनों का आरोप है कि घर के अंदर रखे सामान को भी हमला करने वाले उठा कर ले गए।

घटना के बाद जांच करती हुई पुलिस टीम।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। हालात गंभीर होने के चलते महिला थाना प्रभारी रामनिवास मीणा, मुंडावर थाना प्रभारी महावीर सिंह शेखावत, तातारपुर थाना प्रभारी जसवंत यादव सहित भारी पुलिस बल मौके पर भेजा गया।
एडिशनल एसपी ने बताया कि पुलिस टीम ने हल्क बल प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ दिया है। 5 लोगों को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।

मातौर गांव में चार थानों की पुलिस को तैनात किया गया है।
‘ग्रामीणों ने लगा गांव छोड़कर भाग रहा है एजेंट’
एडिशनल एसपी ने बताया कि घटना उस समय हुई जब कुछ लोग दाताराम के घर पर बंधी भैंसों को गाड़ी में लेकर जाने पहुंचे। ग्रामीणों को लगा कि दाताराम मकान खाली कर गांव छोड़कर जा रहा है और भैंसें भी ले जा रहा है। यह देखते ही भीड़ आक्रोशित हो उठी।
गुस्साई भीड़ ने दाताराम के घर में जमकर तोड़फोड़ कर दी और बाहर खड़ी तीन बाइकों को आग के हवाले कर दिया। घटना की सूचना पुलिस को रात करीब 8:30 बजे मिली। शुरुआती टीम मौके पर पहुंची, लेकिन भारी भीड़ को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल बुलाना पड़ा।
‘करोड़ों का फ्रॉड कर फरार हुआ कंपनी संचालक’ नवअंश इंडिया निधि लिमिटेड फाइनेंस कंपनी के निवेशकों का आरोप है कि कंपनी का मालिक करोड़ों रुपये लेकर फरार हो गया है। क्षेत्र के हजारों निवेशकों ने गांव के एक एजेंट के माध्यम से कंपनी में पूंजी लगाई थी।
कुछ दिन पहले एजेंट की संदिग्ध मौत के बाद से ग्रामीणों को अपनी जमा रकम डूबने का अंदेशा होने लगा। बीते कई दिनों से कंपनी के परिवार पर पैसे लौटाने का दबाव बनाया जा रहा था, लेकिन बुधवार देर रात गुस्सा हिंसा में बदल गया।

