अमेजन की ग्रेट इंडियन फेस्टिवल और फ्लिपकार्ट की बिग बिलियन डे सेल ने ऑनलाइन खरीदारी को नए मुकाम पर पहुंचा दिया है।
भारत में इस साल का फेस्टिव सीजन सिर्फ शॉपिंग के लिए ही नहीं, बल्कि डिजिटल पेमेंट्स के लिए भी ऐतिहासिक साबित हो रहा है। अमेजन की ग्रेट इंडियन फेस्टिवल और फ्लिपकार्ट की बिग बिलियन डे सेल ने ऑनलाइन खरीदारी को नए मुकाम पर पहुंचा दिया है। नतीजा यह रहा कि सितंबर में ऑनलाइन क्रेडिट कार्ड खर्च पहली बार 1.2 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े को पार करने की ओर है, जो अब तक का एक सबसे बड़ा रिकॉर्ड है।
मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के अनुसार, सितंबर 22 को देश में पहली बार ऑनलाइन क्रेडिट कार्ड खर्च ने एक ही दिन में 10,000 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया। यह वह दिन था जब नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही ई-कॉमर्स सेल का बिगुल बजा और सरकार की ओर से घटे जीएसटी रेट्स का असर भी देखने को मिला। रिपोर्ट के अनुसार, 26 सितंबर तक ही क्रेडिट कार्ड खर्च 1.03 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका था, जो पिछले साल अक्टूबर के 1.06 लाख करोड़ रुपये के आंकड़े के लगभग बराबर है। अभी भी महीने के चार दिन बाकी थे, जिससे साफ है कि सितंबर का आंकड़ा सभी रिकॉर्ड ध्वस्त करेगा।
डेबिट कार्ड और यूपीआई पर असर
जहां क्रेडिट कार्ड की चमक बढ़ी, वहीं डेबिट कार्ड खर्च पिछड़ता नजर आया। इस सितंबर में ऑनलाइन डेबिट कार्ड खर्च 11,000 करोड़ रुपये पर सिमट गया, जो पिछले साल अक्टूबर के 14,300 करोड़ रुपये से कम है। इसकी वजह साफ है कि लोग ज्यादा से ज्यादा कैशबैक, डिस्काउंट और ईएमआई ऑफर्स का फायदा क्रेडिट कार्ड के जरिए उठा रहे हैं।
यूपीआई के आंकड़ों में भी हल्की गिरावट दर्ज हुई। महीने की शुरुआत में जहां रोजाना 670 मिलियन ट्रांजेक्शन हो रहे थे, वहीं सेल पीरियड के दौरान यह घटकर करीब 640 मिलियन रह गया। ट्रांजेक्शन वैल्यू भी 1 लाख करोड़ रुपये से घटकर करीब 80,000 करोड़ रुपये पर आ गई। हालांकि, एक्सपर्ट्स का मानना है कि यूपीआई इतना बड़ा पेमेंट नेटवर्क है कि यह गिरावट इसके वर्चस्व को प्रभावित नहीं कर सकती।
क्यों बढ़ा कार्ड खर्च?
- ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स ने को-ब्रांडेड क्रेडिट कार्ड पर भारी डिस्काउंट और कैशबैक ऑफर्स दिए।
- फिनटेक कंपनियों के जरिए नए यूजर्स को रूपे-यूपीआई लिंक्ड क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराए गए।
- बड़ी खरीदारी और ईएमआई ऑप्शन में उपभोक्ताओं ने क्रेडिट कार्ड को तरजीह दी।

