अमित सौरभ | कासगंज5 मिनट पहले
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कासगंज जिलाधिकारी प्रणय सिंह ने कासगंज स्थित तीर्थ स्थल सोरों सूकर क्षेत्र के समग्र विकास और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश शासन को एक पत्र भेजा है। इस पत्र में उन्होंने श्रद्धालुओं के लिए सभी आवश्यक जनोपयोगी सुविधाएं उपलब्ध कराने का अनुरोध किया है।
जिलाधिकारी ने शासन को अवगत कराया कि सोरों सूकर क्षेत्र उत्तर भारत का एक पौराणिक और प्राचीन तीर्थ स्थल है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, भगवान विष्णु के तीसरे अवतार भगवान वराह ने यहीं पृथ्वी का उद्धार कर हरिपदी गंगा कुंड से स्वर्गारोहण किया था।

यह क्षेत्र महर्षि कपिल की तपस्थली के रूप में भी जाना जाता है। यहां भारत के तीन अति प्राचीन वट वृक्षों में से एक वट वृक्ष और भागीरथी गंगा मौजूद है। विष्णु पुराण, वराह पुराण, पद्म पुराण और देवी भागवत पुराण जैसे विभिन्न धार्मिक ग्रंथों में इस क्षेत्र की महत्ता का विस्तृत वर्णन मिलता है।
जिलाधिकारी के अनुसार, प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में पर्यटक और श्रद्धालु इस तीर्थ क्षेत्र में अपने धार्मिक अनुष्ठान पूर्ण करने आते हैं। वे अपने मृत परिजनों की अस्थियां विसर्जित करने, पिंडदान करने, तथा एकादशी, पूर्णिमा, सोमवती अमावस्या, प्रांतीय मेला मार्गशीर्ष और पंचकोसी परिक्रमा जैसे विशेष अवसरों पर स्नान कर पुण्य अर्जित करते हैं।
उत्तर प्रदेश शासन ने 30 नवंबर को जारी एक अधिसूचना के माध्यम से कासगंज जनपद की नगर पालिका सोरों सूकर क्षेत्र को पवित्र तीर्थ स्थल घोषित किया है। इसी घोषणा के मद्देनजर, जिलाधिकारी ने शासन से सोरों सूकर क्षेत्र के समुचित विकास और यहां आने वाले श्रद्धालुओं व पर्यटकों को बढ़ावा देने हेतु सभी आवश्यक जनोपयोगी सुविधाएं उपलब्ध कराने का पुनः अनुरोध किया है।

