Friday, April 10, 2026
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‘24 कैरेट खरा सोना’ में गूंजे पुराने गीतों के सुर: डॉ प्रकाश छबलानी के निर्देशन में जयपुर में सजी रेट्रो संगीत की यादगार शाम – Jaipur News


फिल्मी संगीत के स्वर्ण युग की मधुर यादों को फिर से जीवंत करती एक यादगार संध्या रविवार को जयपुर में सजी।

फिल्मी संगीत के स्वर्ण युग की मधुर यादों को फिर से जीवंत करती एक यादगार संध्या रविवार को जयपुर में सजी। विद्याश्रम के महाराणा प्रताप सभागार में आयोजित संगीतमय कार्यक्रम ‘24 कैरेट खरा सोना’ ने दर्शकों को सुर, लय और भावनाओं की ऐसी यात्रा पर ले गया, जहा

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कार्यक्रम का निर्देशन और परिकल्पना डॉ. प्रकाश छबलानी ने की थी, जिन्होंने अपनी 52 वर्षों की संगीतमय यात्रा में अनेक गायकों के साथ मंच साझा किया है। इस विशेष आयोजन में उन्होंने अपने सहयोगी कलाकारों के साथ मिलकर पुराने हिंदी गीतों का गुलदस्ता श्रोताओं को समर्पित किया। कार्यक्रम का मंच संचालन शिल्पा परवानी ने किया।

कार्यक्रम का मंच संचालन शिल्पा परवानी ने किया।

कार्यक्रम का आगाज श्लोक से, फिर बहा संगीत का स्वर्ण प्रवाह

कार्यक्रम की शुरुआत डॉ सुमन यादव ने श्लोक से की। जिसने पूरे सभागार में शांति और श्रद्धा का वातावरण बना दिया। इसके बाद एक के बाद एक सदाबहार गीतों की प्रस्तुति से हॉल गूंज उठा।

कार्यक्रम की शुरुआत डॉ सुमन यादव ने श्लोक से की। जिसने पूरे सभागार में शांति और श्रद्धा का वातावरण बना दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत डॉ सुमन यादव ने श्लोक से की। जिसने पूरे सभागार में शांति और श्रद्धा का वातावरण बना दिया।

इन गीतों को किया गया प्रस्तुत

“प्यार करने वाले” – प्रियंका काला

“तुम जो मिल गए हो” – यशवर्धन सिंह

“रात भी है कुछ भीगी-भीगी” – ममता झा

“मैं हूं झुमरू” – सलीम

“ये जिंदगी उसी की है” – डॉ. बबीता

“नीले गगन के तले” – संजय रायजादा

“दहलीज पे मेरे दिल की” – सुमंत मुखर्जी

“ओ रे ताल मिले” – डॉ. प्रकाश छबलानी

“फिजा भी है जवा-जवा” – सोनिया बिरला

“यूं हसरतों के दाग” – शशि परनामी

“सत्यम शिवम् सुन्दरम्” – प्रो. डॉ. सुमन यादव

जाने क्या ढूंढती : दीपक महान

“इन्साफ का मंदिर है ये” – सलीम

“एक चतुर नार” – सलीम व सुमंत मुखर्जी

“ये कहां आ गए हम” – सोनिया बिरला

“जवान हो या बुढ़िया” – डॉ. प्रकाश छबलानी

“इन हवाओं ने” – संजय रायजादा

“मेरे महबूब ना जा” – डॉ. बबीता

“जादू है, नशा है” – ममता झा

“तू इस तरह से मेरी जिंदगी में शामिल है” – संजय रायजादा

“तेरे खयालों में हम” – प्रियंका काला

इंसाफ के मंदिर – दीपक महान

मेरे नैना सावन भादो- डॉ सुमन यादव

इस संगीतमय शाम का संगीत संयोजन राजस्थान के प्रसिद्ध संगीतकार रवि टिलवानी ने किया।

इस संगीतमय शाम का संगीत संयोजन राजस्थान के प्रसिद्ध संगीतकार रवि टिलवानी ने किया।

सुर, संगीत और शास्त्रीयता का संगम

इस संगीतमय शाम का संगीत संयोजन राजस्थान के प्रसिद्ध संगीतकार रवि टिलवानी ने किया। कार्यक्रम में स्वर, लय और ताल के अद्भुत सामंजस्य ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। हर प्रस्तुति पर तालियों की गड़गड़ाहट ने साबित किया कि पुराने हिंदी गीतों का जादू आज भी उतना ही असरदार है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता पद्मभूषण पं. विश्वमोहन भट्ट (ग्रैमी अवार्ड विजेता) ने की। मुख्य अतिथि के रूप में त्रिमूर्ति बिल्डर्स एंड डेवलपर्स के चेयरमैन उदयकांत मिश्रा मौजूद रहे। विशिष्ट अतिथियों में सेवानिवृत्त RAS अधिकारी देवेंद्र शर्मा, हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायिका प्रो. सुमन यादव, और डॉक्यूमेंट्री फिल्ममेकर, लेखक व स्तंभकार दीपक महान शामिल रहे।

कार्यक्रम की अध्यक्षता पद्मभूषण पं. विश्वमोहन भट्ट (ग्रैमी अवार्ड विजेता) ने की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता पद्मभूषण पं. विश्वमोहन भट्ट (ग्रैमी अवार्ड विजेता) ने की।

इस मौके पर डॉ. प्रकाश छबलानी ने कहा कि ’24 कैरेट खरा सोना’ पुराने हिंदी गीतों की मिठास और शास्त्रीय संगीत की गरिमा का संगम है। यह केवल एक संगीत कार्यक्रम नहीं, बल्कि उन भावनाओं की यात्रा है जो आज भी हर संगीतप्रेमी के दिल में बसती हैं। ‘24 कैरेट खरा सोना’ संध्या ने यह साबित कर दिया कि पुराना फिल्मी संगीत आज भी उतना ही जादुई और प्रेरणादायक है। जयपुर की इस शाम ने सुरों की वह विरासत फिर से जगा दी, जो समय के साथ और भी ‘खरी’ होती जा रही है।

डॉ. प्रकाश छबलानी ने कहा कि '24 कैरेट खरा सोना’ पुराने हिंदी गीतों की मिठास और शास्त्रीय संगीत की गरिमा का संगम है।

डॉ. प्रकाश छबलानी ने कहा कि ’24 कैरेट खरा सोना’ पुराने हिंदी गीतों की मिठास और शास्त्रीय संगीत की गरिमा का संगम है।



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