Tuesday, May 26, 2026
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फरीदाबाद की कंपनी से 15.75 करोड़ की ठगी: स्टील कॉइल सप्लाई करने का झांसा दिया, दिल्ली से पकड़े गए पिता-पुत्र – Ballabgarh News


फरीदाबाद की आर्थिक अपराध शाखा द्वारा गिरफ्तार किए गए पिता-पुत्र।

फरीदाबाद में स्टील कॉइल सप्लाई के नाम पर करोड़ों की ठगी का मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध शाखा बल्लभगढ़ की टीम ने इस मामले में आरोपी बाप-बेटे को दिल्ली से गिरफ्तार किया है।

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फरीदाबाद स्थित कंपनी के प्रतिनिधि ने थाना सेक्टर-8 में शिकायत दर्ज कराई थी कि 2 अगस्त 2024 को मैसर्स स्वदेश ग्रीन इंफ्रा लिमिटेड कंपनी के मालिक रवि गुप्ता और सलील गुप्ता उनसे मिलने आए थे। दोनों ने शिकायतकर्ता को HR COIL स्टील शीट बेचकर अच्छी कमाई होने का भरोसा दिलाया और साझेदारी में बड़ा मुनाफा होने का लालच दिया।

पुलिस प्रवक्ता यशपाल सिंह ने जानकारी दी कि, आरोपियों ने HR COIL स्टील शीट की एडवांस बुकिंग के नाम पर 4.5 करोड़ रुपए भेजने को कहा। इसके बाद शिकायतकर्ता कंपनी ने विश्वास में आकर तीन अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए आरोपियों की कंपनी के खाते में कुल 15 करोड़ 75 लाख रुपए भेज दिए। रकम मिलते ही आरोपितों ने कोई भी स्टील कॉइल सप्लाई नहीं की, बल्कि पीड़ित कंपनी से किया गया वादा तोड़ दिया। जब लगातार बातचीत के बाद भी कोई सप्लाई नहीं मिली, तो पीड़ित ने इसकी शिकायत पुलिस में दी।

फरीदाबाद की एक कंपनी से स्टील कॉइल सप्लाई के नाम पर करोड़ों की ठगी की गई है।

दिल्ली से गिरफ्तार किए गए दो आरोपी

शिकायत मिलने पर थाना सेक्टर-8 पुलिस ने संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए आर्थिक अपराध शाखा बल्लभगढ़ की टीम ने तुरंत कार्रवाई की और दोनों आरोपितों रवि गुप्ता और सलील गुप्ता निवासी नई दिल्ली को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ के दौरान सामने आया कि रवि और सलील गुप्ता बाप-बेटे हैं और दोनों अपनी कंपनी मैसर्स स्वदेश ग्रीन इंफ्रा लिमिटेड के डायरेक्टर हैं। उनकी कंपनी काफी समय से घाटे में चल रही थी और उस पर भारी कर्ज हो गया था। कर्ज से छुटकारा पाने के लिए दोनों ने ठगी की योजना बनाई और HR COIL स्टील शीट के व्यवसाय के नाम पर शिकायतकर्ता कंपनी से करोड़ों रुपए एडवांस में ले लिए और रकम हड़प ली।

पुलिस ने दोनों आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपितों से धन की रिकवरी और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जाएगी।



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