प्रतापगढ़ में रबी सीजन के बीच यूरिया खाद की कमी लगातार गहराती जा रही है। प्रतापगढ़, अरनोद, धरियावद, छोटीसादड़ी, सुहागपुरा, पीपलखूंट और दलोट सहित अधिकांश क्षेत्रों में स्थिति गंभीर बनी हुई है। किसानों का कहना है कि कई दिनों से सहकारी समितियों के चक्कर
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खाद के लिए अरनोद, प्रतापगढ़ शहर और अन्य कई स्थानों पर सुबह से ही लगभग 800 मीटर तक लंबी कतारें देखी गईं। इन कतारों में बड़ी संख्या में महिला किसान भी शामिल थीं, जिन्हें घंटों धूप में इंतजार करना पड़ा। देर रात खाद की गाड़ी आने की सूचना पर भी किसान आधी रात को समितियों के बाहर पहुंच गए, ताकि सुबह जल्दी खाद मिल सके।
किसानों के अनुसार, खाद न मिलने से बुवाई का कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। सप्ताहभर से लाइन में लगने के बावजूद खाद उपलब्ध न होने से पहली सिंचाई और टॉप ड्रेसिंग में देरी हो रही है। खेतों का काम छोड़कर दिनभर लाइन में खड़े रहने से किसानों को समय और मजदूरी दोनों का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
रबी सीजन में यूरिया की खपत बढ़ने के बावजूद जिले में इसकी आपूर्ति पर्याप्त नहीं हो पा रही है। इस कारण हर दिन हजारों किसान खाद के लिए परेशान हो रहे हैं। कई स्थानों पर खाद वितरण को लेकर किसानों और कर्मचारियों के बीच बहस और अव्यवस्था की स्थिति भी देखी गई।
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि जिलेभर में पर्याप्त मात्रा में यूरिया उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने वितरण व्यवस्था को सुव्यवस्थित करने और अधिक मांग वाले क्षेत्रों में अस्थाई वितरण केंद्र खोलने की भी अपील की है। किसानों का कहना है कि यदि समय पर खाद नहीं मिली, तो रबी फसल की उत्पादकता पर सीधा असर पड़ेगा, जिसका खामियाजा पूरे जिले को भुगतना पड़ेगा।

