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Amitabh Bachchan Superhit Moives : बॉलीवुड में वैसे तो हर फिल्म का टाइटल-सॉन्ग अलग होते हैं. फिल्मों की लोकेशन भी अलग होती है. लोकेशन भले ही एक हो लेकिन सीन अलग होते हैं. गाने तो बिल्कुल ही अलग ढंग से फिल्माए जाते हैं. बॉलीवुड में दो फिल्में ऐसी भी आईं जिनके गाने एक ही सेट पर फिल्माए गए थे. दिलचस्प बात यह है कि दोनों ही फिल्मों के निर्देशक अलग थे. यह भी मजेदार है कि दोनों फिल्में बॉक्स ऑफिस पर सुपरहिट रहीं. दोनों ही गाने मोस्ट पॉप्युलर सॉन्ग में शामिल हैं. 42 साल भी उतने ही हिट हैं. इन दोनों फिल्में का लीड हीरो सेम था. दोनों ही फिल्में एक साल के अंतराल में रिलीज हुईं. दोनों की गिनती आज क्लासिक फिल्मों में होती है. ये फिल्में कौन सी थीं, वो गाने कौन थे, आइये जानते हैं…….
कई बार कई फिल्मों की पहचान उनके गानों-डायलॉग से भी होती है. 70-80-90 के दशक में कई फिल्मों के हीरो-विलेन का सिर्फ एक डायलॉग इतना पॉप्युलर हुआ कि हमेशा के लिए अमर हो गया. ‘कितने आदमी थे’ बोलते ही शोले फिल्म के सीन मन में उभरने लगते हैं. बॉलीवुड में करीब 42 साल पहले ऐसी ही दो फिल्में रिलीज हुई थीं जिनका एक गाना एक ही सेट पर फिल्माया गया था. दोनों फिल्मों में लीड हीरो सेम था. ये फिल्में थीं : कालिया और नमक हलाल. वो दो सदाबहार गाने थे : ‘जहां पर तेरी नजर है, मेरी जां मुझे खबर है’ और ‘जवानी जानेमन, हसीन दिलरुबा’.

सबसे पहले बात करते हैं 25 दिसंबर 1981 को रिलीज हुई कालिया फिल्म की जिसका निर्देशन टीनू आनंद ने किया था. टीनू आनंद का मूल नाम वीरेंद्र राज आनंद है. कालिया (1981) फिल्म में अमिताभ बच्चन के अलावा परबीन बॉबी, आशा पारेख, कादर खान, अमजद खान और प्राण ने अपनी एक्टिंग का जलवा बिखेरा था. कहानी-स्क्रीन प्ले टीनू आनंद ने लिखा था. डायलॉग उनके पिता इंद्र राज आनंद ने लिखे थे. म्यूजिक आरडी बर्मन का था. गीत मजरूह सुल्तानपुरी ने लिखे थे. कालिया फिल्म धर्मेंद्र के साथ बनाई जानी थी. प्रोड्यूसर इकबाल सिंह यह फिल्म बनाने वाले थे. धर्मेंद्र इस फिल्म का हिस्सा नहीं बन पाए. फिर अमिताभ बच्चन के साथ फिल्म बनाने का फैसला किया गया. पूरे एक साल तक की लंबी कोशिश के बाद टीनू आनंद अमिताभ बच्चन से ‘डॉन’ फिल्म के सेट पर मिल पाए. अमिताभ ने स्क्रिप्ट सुनने के बाद हामी भर दी. कालिया फिल्म को बनने में चार साल का लंबा वक्त लगा.

कालिया फिल्म में आशा पारेख ने अमिताभ बच्चन की भाभी का रोल निभाया जबकि कादर खान ने पिता का रोल निभाया था लेकिन इन एक्टर्स के साथ में कोई सीन नहीं थे. फिल्म की शूटिंग के दौरान दो मौके पर डायरेक्ट टीनू आनंद और अमिताभ बच्चन में बहस हुई.’कालिया’ फिल्म का एक डायलॉग ‘हम जहां खड़े हो जाते हैं, लाइन वहीं से शुरू होती है.’ अमर हो गया. दिलचस्प बात यह है कि यह डायलॉग पहले मूवी के विलेन बॉब क्रिस्टो ने बोला था लेकिन यह डायलॉग अमिताभ बच्चन के नाम से फेमस हुआ. स्टारडम की यही खूबी होती है.
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कालिया फिल्म का म्यूजिक आरडी बर्मन ने तैयार किया था. ‘जहां पर तेरी नजर है..’ सॉन्ग आज भी उतना ही पॉप्युलर है. यह गाना 1980 के दशक के सबसे मकबूल गाने में शुमार है. आज भी पार्टी-क्लब-डिस्को में सुनाई देता है. यह सॉन्ग ईरानी सिंगर के एक ट्रैक से इंस्पायर्ड था. यह गाना प्रकाश मेहरा की फिल्म ‘नमक हलाल’ के सेट पर फिल्माया गया था. फिल्म के बैक ग्राउंड में अमिताभ बच्चन की प्रजेंस के साथ ‘कालिया-कालिया’ सुनाई देता है. यह आवाज टीनू आनंद ने ही दी थी. फिल्म के बजट की सटीक जानकारी कहीं पर भी उपलब्ध नहीं है. फिल्म ने करीब 3.75 करोड़ का कलेक्शन किया था.

अब बात करते हैं प्रकाश मेहरा की फिल्म ‘नमक हलाल’ की जिसमें बतौर लीड हीरो अमिताभ बच्चन और शशि कपूर नजर आए थे. ‘नमक हलाल’ 30 अप्रैल 1982 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी. प्रकाश मेहरा ने यह फिल्म 1978 में ‘मुकद्दर का सिकंदर’ की शूटिंग के दौरान प्लान की थी लेकिन विनोद खन्ना ने काम करने से इनकार कर दिया था. फिर शत्रुघ्न सिन्हा को साथ में लेने की बात हुई लेकिन अमिताभ बच्चन उनके साथ काम नहीं करना चाहते थे ऐसे में शशि कपूर की एंट्री फिल्म में हुई. फिल्म में बप्पी लहरी का म्यूजिक सुपरहिट रहा था.

फिल्म का एक गाना ‘जवानी जानेमन हसीन दिलरुबा’ के लिए प्रकाश मेहरा ने खास तौर से लाइटिंग सेट डिजाइन किया था. इसी सेट पर टीनू आनंद की फिल्म ‘कालिया’ का गाना ‘जहां पर तेरी नजर है, मेरी जां मुझे खबर है’ फिल्माया गया था. नमक हलाल फिल्म में एक क्लासिकल-मॉडर्न फ्यूजन का 12 मिनट लंबा सॉन्ग भी था. इसके बोल थे : ‘पग घुंघरू बांध मीरा नाची थी..’ किशोर कुमार ने इस गाने को आवाज दी थी लेकिन इस सॉन्ग में एक सरगम है जिसे वो नहीं गा पाए थे. किशोर कुमार रिश्ते में बप्पी लहरी के मामा थे, यह फैक्ट शायद ही कम लोग जानते हों.

अमजद खान इस फिल्म के लिए भी विलेन के रोले के लिए प्रकाश मेहरा की पहली पसंद थे लेकिन उन दिनों उनका एक्सीडेंट हो गया था. सत्येन कप्पू को मेन विलेन के लिए चुना गया. इस फिल्म में वहीदा रहमान ने अपने से 4 साल छोटे अमिताभ बच्चन की मां का रोल निभाया. इतना ही नहीं अपने हमउम्र शशि कपूर की मां का किरदार निभाकर सबको हैरत में डाल दिया था. 70-80 के दशक में कई फिल्मों में ऐसा देखने को मिलता है. नमक हलाल ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया था. यह एक सुपरहिट फिल्म साबित हुई.

बप्पी लहरी ने नमक हलाल फिल्म में पहली बार प्रकाश मेहरा के लिए काम किया था. फिल्म का एक और गाना ‘आज रपट जाएं तो हमें ना बचइयो’ भी बहुत मकबूल हुआ. इस गाने की शूटिंग करने से स्मिता पाटिल हिचकिचा रही थीं. अमिताभ बच्चन ने भी उन्हें मनाया तब जाकर वो तैयार हुईं. ‘नमक हलाल’ 1982 की ब्लॉकबस्टर मूवी साबित हुई. मूवी के 2 करोड़ टिकट बिके थे. फिल्म ने अमिताभ बच्चन ने ‘आई कैन टॉक इंग्लिश, आई कैन वॉक इंग्लिश’ डायलॉग बोला था जो कि हिंदी सिनेमा के मोस्ट फनी डायलॉग में से एक है. इसकी क्लिप को आज भी लोग यूट्यूब-सोशल मीडिया पर देखकर आनंदित होते हैं.

