Tuesday, May 26, 2026
Homeफूडगली के ठेले से नेशनल स्टेज तक! अनोखे डिश से फूड फेस्टिवल...

गली के ठेले से नेशनल स्टेज तक! अनोखे डिश से फूड फेस्टिवल में छाए स्ट्रीट वेंडर्स, रखी खास मांग


दिल्लीः दिल्ली में आयोजित नेशनल स्ट्रीट फूड फेस्टिवल एक बार फिर देशभर के देसी स्वादों का जश्न बनकर उभरा है. इस फेस्टिवल में भारत के अलग-अलग राज्यों से आए स्ट्रीट फूड वेंडर्स ने अपने पारंपरिक और अनोखे व्यंजनों से लोगों का दिल जीत लिया. गोलगप्पे, कचौड़ी, इडली, डोसा, लिट्टी चोखा से लेकर नॉर्थ ईस्ट और साउथ इंडिया के खास स्ट्रीट फूड तक, हर स्वाद यहां मौजूद है.

स्ट्रीट फूड वेंडर्स को मिलना चाहिए सही पहचान
फेस्टिवल के आयोजकों का साफ कहना है कि स्ट्रीट फूड वेंडर्स देश की फूड कल्चर की रीढ़ हैं. उनका मानना है कि जो लोग रोज सड़कों पर मेहनत कर लोगों को स्वादिष्ट और सुरक्षित खाना खिलाते हैं, उन्हें सम्मान और सही मंच मिलना चाहिए. आयोजकों के अनुसार, इन वेंडर्स का खाना न सिर्फ स्वादिष्ट होता है, बल्कि यह पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा को भी दर्शाता है.

कैसे होता है वेंडर्स का चयन
फेस्टिवल के दौरान आयोजकों ने बताया कि स्ट्रीट फूड वेंडर्स के चयन की प्रक्रिया काफी व्यवस्थित और पारदर्शी है. देशभर से बड़ी संख्या में आवेदन आते हैं, लेकिन सभी को मौका देना संभव नहीं होता. आयोजक संस्था (NASVI) पूरे साल लगभग 20 लाख स्ट्रीट फूड वेंडर्स के साथ काम करती है. वेंडर्स का चयन उनके काम, स्वाद, स्वच्छता और अनुभव के आधार पर किया जाता है. स्थानीय स्तर पर लीडर्स और एसोसिएशन की सिफारिश के बाद ही वेंडर्स को इस बड़े मंच तक पहुंचने का मौका मिलता है.

देश के हर कोने से आए स्वाद
नेशनल स्ट्रीट फूड फेस्टिवल की खास बात यह है कि यहां देश के हर कोने की झलक देखने को मिलती है. छोटे शहरों और कस्बों से आए वेंडर्स को दिल्ली जैसे बड़े मंच पर अपनी पहचान बनाने का अवसर मिलता है. कई वेंडर्स के लिए यह फेस्टिवल न सिर्फ कमाई का जरिया है, बल्कि उनके हुनर को पहचान दिलाने का माध्यम भी है.

लोगों में दिखा जबरदस्त उत्साह
फेस्टिवल में लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली. परिवार, युवा और विदेशी पर्यटक भी भारतीय स्ट्रीट फूड का स्वाद लेते नजर आए. खाने के साथ साथ लोक संगीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और लाइव कुकिंग ने फेस्टिवल को और खास बना दिया.

स्ट्रीट फूड कल्चर को मजबूत करता मंच
नेशनल स्ट्रीट फूड फेस्टिवल न सिर्फ स्वाद का उत्सव है, बल्कि यह स्ट्रीट फूड वेंडर्स को सशक्त बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम भी है. यह मंच साबित करता है कि भारत की गलियों का खाना अब राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान की ओर बढ़ रहा है.



Source link

RELATED ARTICLES
- Advertisment -

Most Popular

Recent Comments