विधि विधान के साथ टीना मां ने अपने शिविर के लिए भूमि पूजन किया।
किन्नर अखाड़े से अलग होकर अपना नया अखाड़ा (सनातनी किन्नर अखाड़ा) बनाने वाली कौशल्या नंद उर्फ टीना मां पहली बार अपने अलग शिविर में होंगी। यह पहला मौका होगा जब टीना मां अपनी शिष्यों के साथ किन्नर अखाड़े के बजाय अपने नए अखाड़े सनातनी किन्नर अखाड़ें मौजूद रहें
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वहीं, दूसरी ओर माघ मेले में किन्नर अखाड़े का अलग शिविर पहले की तरह बनाया जाना है। किन्नर अखाड़े की आचार्य महामंडलेश्वर डॉ. लक्ष्मी नारायण त्रिपाठी भी माघ मेले में शामिल होंगी।
भूमि पूजन कर अपने शिविर की नींव कौशल्या नंद गिरि ने रख दिया है।
महाकुंभ में था एक शिविर, अब अलग-अलग
दरअसल, बीते महाकुंभ में किन्नर अखाड़े में ही टीना मां भी थीं। सेक्टर 16 में स्थित यह अखाड़ा सबसे ज्यादा चर्चाओं में रहा। यहां बालीवुड एक्ट्रेस रहीं ममता कुलकर्णी भी महामंडलेश्वर बनीं थीं। महाकुंभ के बाद से ही टीना मां ने नया अखाड़ा बनाने का काम शुरू कर दिया।
तीन नवंबर को ही टीना मां ने अपने नए सनातनी किन्नर अखाड़े का गठन कर लिया और खुद आचार्य महामंडलेश्वर बन गईं। इसके बाद उनका पट्टाभिषेक भी हुआ।

तीन नवंबर को टीना मां का आचार्य महामंडलेश्वर पद पर पट्टाभिषेक किया गया था।
मेले के अखाड़े में होंगे विभिन्न आयोजन
भूमि पूजन के बाद आचार्य महामंडलेश्वर कौशल्या नंद गिरि ने कहा, सनातनी किन्नर अखाड़े में पूरे मेला अवधि में विभिन्न आयोजन होते रहेंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा। हिंदू धर्म छोड़कर दूसरे धर्मों में जाने वालों की घर वापसी कराई जाएगी।

