नगरपालिका चुनाव के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए, भिवंडी के पूर्व महापौर विलास पाटिल और उनके पुत्र मयुरेश पाटिल सहित तीन अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि उन्होंने वोट के बदले सड़क निर्माण कार्य का लालच देकर मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश की। इसे आदर्श आचार संहिता का गंभीर उल्लंघन माना जा रहा है।
वार्ड निरीक्षक की शिकायत पर निजामपुरा थाने में एफआईआर
चुनाव प्रक्रिया के बीच नगर निगम अधिकारियों को एक स्थान पर सड़क निर्माण सामग्री डाली हुई मिली, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। यह शिकायत वार्ड समिति नंबर 5 के बीट इंस्पेक्टर हनुमान महात्रे ने की थी। उन्होंने इसे मतदाताओं को लुभाने का स्पष्ट प्रयास बताया।
अधिकारियों के अनुसार, विलास पाटिल और उनके बेटे मयुरेश पाटिल कथित तौर पर क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य शुरू कर चुनावी फायदा उठाने की कोशिश कर रहे थे, ताकि विकास कार्यों के जरिए मतदाताओं का समर्थन हासिल किया जा सके। निरीक्षण के दौरान नगर निगम की टीम ने मौके पर मौजूद ठेकेदार से पूछताछ की, जिसने कथित रूप से बताया कि उसे यह काम विलास पाटिल और मयुरेश पाटिल ने सौंपा था।
पांच लोगों पर दर्ज हुआ मामला, जांच शुरू
ठेकेदार के बयान और मौके से मिले सबूतों के आधार पर निजामपुरा पुलिस ने विलास पाटिल, मयुरेश पाटिल, इरफान अंसारी, जहीरुद्दीन अंसारी और अब्दुल रज्जाक बेग के खिलाफ चुनावी नियमों का उल्लंघन कर मतदाताओं को प्रभावित करने के आरोप में मामला दर्ज किया है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, वहीं नगर प्रशासन ने निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया है। इस प्रकरण से भीवंडी की राजनीति में हलचल मच गई है और विपक्षी दलों ने ऐसे कृत्यों पर कड़ी सजा की मांग की है, ताकि नगर निगम चुनाव के दौरान इस तरह की गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके।

