वॉशिंगटन डीसी1 घंटे पहले
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अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने सोमवार रात इजराइली पीएम नेतन्याहू से फ्लोरिडा के मार-ए-लागो एस्टेट में मुलाकात की।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने को कहा है कि अगर ईरान दोबारा अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम को शुरू करने की कोशिश करता है, तो अमेरिका उस पर एक और बड़ा हमला कर सकता है।
इसके साथ ही ट्रम्प ने फिलिस्तीनी संगठन हमास को चेतावनी दी कि अगर उसने हथियार नहीं डाले, तो उसे गंभीर नतीजे भुगतने होंगे।
ट्रम्प ने इजराइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू के साथ सोमवार रात मुलाकात के दौरान पत्रकारों से यह कहा।

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू सोमवार को अपने-अपने प्रतिनिधिमंडलों के साथ अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य के पाम बीच स्थित ट्रम्प के मार-ए-लागो क्लब में मुलाकात करते हुए।
ट्रम्प बोले- ईरान क्या कर रहा, मुझे पूरी जानकारी ट्रम्प ने कहा कि उन्हें आशंका है कि जून में किए गए बड़े अमेरिकी हमले के बाद ईरान अपने हथियार कार्यक्रम को फिर से खड़ा करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने बताया कि मीडिया रिपोर्ट्स में इस तरह के संकेत मिल रहे हैं।
ट्रम्प ने कहा, “मैं ऐसी खबरें पढ़ रहा हूं कि वे फिर से हथियार और दूसरी सैन्य क्षमताएं विकसित कर रहे हैं। अगर वाकई ऐसा हो रहा है, तो वे उन ठिकानों का इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं जिन्हें हमने पूरी तरह नष्ट कर दिया था, बल्कि किसी दूसरी जगह से यह काम कर रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “हमें पूरी जानकारी है कि वे कहां जा रहे हैं और क्या कर रहे हैं। मुझे उम्मीद है कि वे ऐसा रास्ता नहीं अपनाएंगे, क्योंकि हम B-2 बॉम्बर पर ईंधन खर्च नहीं करना चाहते। इसमें दोनों ओर से मिलाकर करीब 37 घंटे की उड़ान होती है, और मैं इस तरह ईंधन की बर्बादी नहीं चाहता।”
अमेरिका का सबसे ताकतवर फाइटर जेट है B-2
B-2 अमेरिका का सबसे आधुनिक और ताकतवर स्टेल्थ बॉम्बर है, जिसका इस्तेमाल सिर्फ बेहद गंभीर और बड़े सैन्य अभियानों में किया जाता है। जून में ईरान पर हुए अमेरिकी हमले में भी इसी का इस्तेमाल किया गया था, इसलिए ट्रम्प उसी कार्रवाई की याद दिला रहे थे।
B-2 स्टेल्थ बॉम्बर की सटीक ईंधन खपत सार्वजनिक नहीं की जाती, लेकिन माना जाता है कि B-2 बॉम्बर औसतन हर घंटे करीब 20 हजार से 25 हजार किलोग्राम जेट फ्यूल खर्च करता है।
37 घंटे की उड़ान हो, तो इसमें लगभग 7 लाख 40 हजार से 9 लाख 25 हजार किलोग्राम तक ईंधन खर्च हो सकता है। यानी एक ही मिशन में करीब 750 से 900 टन जेट फ्यूल जल जाता है।
इतनी मात्रा में ईंधन की खपत हजारों सामान्य यात्री विमानों की उड़ानों के बराबर मानी जाती है और इसकी लागत करोड़ों डॉलर तक पहुंच जाती है। इसी भारी खर्च की ओर इशारा करते हुए ट्रम्प ने कहा था कि वह बी-2 बॉम्बर पर ईंधन ‘बर्बाद’ नहीं करना चाहते।

ट्रम्प बोले- हमास को हथियार छोड़ने का बहुत कम वक्त देंगे
ट्रम्प ने बताया कि नेतन्याहू के साथ हुई चर्चा का मुख्य फोकस गाजा में लागू नाजुक शांति समझौते को आगे बढ़ाने, ईरान को लेकर इजराइल की सुरक्षा चिंताओं और लेबनान में हिजबुल्लाह से जुड़े मुद्दों पर रहा।
उन्होंने कहा कि गाजा में लागू युद्धविराम के तहत इजराइल अपनी जिम्मेदारी निभा रहा है। ट्रम्प ने कहा, “हमने हमास को लेकर बातचीत की और निरस्त्रीकरण पर भी चर्चा हुई। हमास को हथियार छोड़ने के लिए बहुत कम समय दिया जाएगा और फिर देखा जाएगा कि हालात किस दिशा में जाते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “अगर हमास ने हथियार नहीं डाले, तो उसे इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। हम ऐसा नहीं चाहते, लेकिन यह साफ है कि नतीजे गंभीर होंगे।” इस बयान पर हमास की ओर से फिलहाल कोई रिएक्शन नहीं आया है।
ट्रम्प ने तुर्किये और सीरिया पर भी चर्चा की
ट्रम्प ने कहा था कि वह गाजा में तुर्किये के पीस फोर्स तैनात करने की संभावना पर नेतन्याहू से बात करेंगे। यह मुद्दा संवेदनशील है। ट्रम्प जहां तुर्किये के राष्ट्रपति तैयप एर्दोआन की अक्सर तारीफ करते हैं, वहीं इजराइल और तुर्किये के रिश्ते उतने सहज नहीं हैं।
हालांकि गाजा में लड़ाई कम हुई है, लेकिन पूरी तरह खत्म नहीं हुई। अक्टूबर में संघर्षविराम लागू होने के बाद भी इजराइली हमलों में 400 से ज्यादा फिलिस्तीनी मारे गए हैं, जिनमें ज्यादातर आम नागरिक हैं, ऐसा गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है। वहीं फिलिस्तीनी लड़ाकों ने तीन इजराइली सैनिकों को भी मार डाला है।
नेतन्याहू ने सोमवार को कहा कि इजराइल सीरिया के साथ शांतिपूर्ण सीमा चाहता है। ट्रम्प ने कहा कि उन्हें भरोसा है कि इजराइल, राष्ट्रपति अहमद अल-शरा के साथ तालमेल बिठा लेगा, जिन्होंने पिछले साल लंबे समय से सत्ता में रहे बशर अल-असद के हटने के बाद सत्ता संभाली।
हालांकि, इजराइल नए सीरियाई नेता को लेकर सतर्क है। अल-शरा कभी अल-कायदा से जुड़े रहे थे। इसी शक के चलते इजराइल ने जुलाई में दमिश्क में सरकारी इमारतों पर बमबारी भी की थी।

