Tuesday, May 26, 2026
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कंपनी ने परिजन को मुआवजे का दिया लिखित आश्वासन: बक्सर थर्मल पावर हादसे में मजदूर की मौत, 2024 से ग्राइंडर का कर रहा था काम – Buxar News


बक्सर थर्मल पावर प्लांट में मजदूर की मौत के मामले में गुरुवार देर रात एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया। मजदूर संगठनों और विरोध-प्रदर्शन के दबाव के बाद पावर मेक कंपनी ने मृत मजदूर के परिजनों को मुआवजा देने का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद पुलिस ने शव क

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पावर मेक कंपनी ने मृत मजदूर की पत्नी संगीता देवी को कुल 10 लाख रुपए मुआवजा देने का आश्वासन दिया है। इसमें से 1.5 लाख रुपए तत्काल अंतिम संस्कार के लिए दिए जाएंगे, जबकि शेष 8.5 लाख रुपए 10 दिनों के भीतर डिमांड ड्राफ्ट के माध्यम से पत्नी के खाते में जमा किए जाएंगे।

इसके अतिरिक्त, थर्मल पावर की पूर्ण स्वामित्व वाली कंपनी एसजेवीएम और एलएंडटी द्वारा स्टाफ सहयोग राशि के रूप में 5 लाख रुपए प्रदान किए जाएंगे।

पत्नी को मिलेगा आजीवन पेंशन

कंपनी ने मृतक की पत्नी को आजीवन 2900 रुपए मासिक पेंशन देने की भी घोषणा की है। मृतक के दो बच्चों को पढ़ाई के लिए 750 रुपये प्रतिमाह की सहायता 25 वर्ष की आयु तक दी जाएगी। हालांकि, यदि बच्चों की शादी 25 वर्ष से पहले हो जाती है, तो यह सहायता बंद कर दी जाएगी। कुल मिलाकर, कंपनी ने मृत मजदूर के परिवार को 26 लाख रुपए से अधिक की सहायता राशि देने का लिखित आश्वासन दिया है।

यह समझौता प्लांट में कार्यरत हजारों मजदूरों के विरोध के बाद ही संभव हो पाया। मजदूरों ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए उठाने से इनकार कर दिया था। मजदूरों के विरोध की सूचना पर मजदूर और किसान नेता रामप्रवेश यादव, स्थानीय विधायक की टीम और अन्य जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। उन्होंने कंपनी प्रबंधन पर दबाव बनाया, जिसके बाद लिखित आश्वासन मिला।

घटनास्थल पर मौजूद मजदूर।

10 दिसंबर 2024 से ग्राइंडर का कर रहे थे काम

लिखित आश्वासन मिलने के बाद ही रात करीब 12 बजे पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। यह घटना 8 जनवरी की सुबह लगभग 8 बजे हुई थी। मृतक की पहचान गया जिले के निवासी राजकुमार मल्लाह (44 वर्ष) के रूप में हुई है, जिनके पिता का नाम मंगेश्वर मल्लाह है। राजकुमार मल्लाह 10 दिसंबर 2024 से पावर मेक कंपनी में ग्राइंडर का काम कर रहे थे।

हादसे के समय वे 10 टन से अधिक वजनी पाइप फिटिंग के लिए ग्राइंडिंग का कार्य कर रहे थे, तभी पाइप स्लिप कर गया और उसके नीचे दबने से मौके पर ही उनकी मौत हो गई। मजदूरों ने इस हादसे को सुरक्षा में गंभीर लापरवाही बताया। उनका आरोप है कि पाइप के वजन के अनुसार उसे टांगने के लिए उचित मशीन का इस्तेमाल नहीं किया गया, जो सीधे तौर पर ठेकेदार की लापरवाही को दर्शाता है।

मजदूर नेता रामप्रवेश यादव ने कंपनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि थर्मल पावर निर्माण कार्य में सेफ्टी नियमों की खुलेआम अनदेखी की जा रही है। खराब मौसम में भी ऊंचाई पर काम करने के लिए दबाव डाला जाता है, बिना पास और सुरक्षा उपकरणों के मजदूरों से काम लिया जाता है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि हालात नहीं सुधरे तो मजदूर आंदोलन और तेज किया जाएगा।



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