मध्य प्रदेश की राजनीति, नौकरशाही और अन्य घटनाओं पर चुटीली और खरी बात का वीडियो (VIDEO) देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन खबरों को आप पढ़ भी सकते हैं। ‘बात खरी है’ मंगलवार से रविवार तक हर सुबह 6 बजे से दैनिक भास्कर एप पर मिलेगा।
.
पूर्व मंत्री नरोत्तम मिश्रा के लिए कांग्रेस की चिंता भाजपा में ‘दादा’ के नाम से मशहूर पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा की हालत इन दिनों अपनी ही पार्टी में बेरोजगार जैसी हो गई है। मतलब उनके पास न तो सत्ता और न ही संगठन में कोई खास जिम्मेदारी है। ऐसे में कांग्रेस ने उनकी चिंता की है।
कांग्रेस के सीनियर नेता और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने नरोत्तम मिश्रा को राज्यसभा भेजने की पैरवी की है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने मध्य प्रदेश को चरागाह बना रखा है। एक कुरियन हैं, एक मुरुगन हैं। ये दोनों लोग साउथ से आते हैं। भाजपा का जो नेता बरसों से यहां काम कर रहा है, उसका अधिकार आप छीन रहे हैं।
सज्जन वर्मा ने कहा- भाजपा की लीडरशिप अपने ही नेताओं का हक मार रही है। जैसे नरोत्तम मिश्रा हैं। उनमें काम करने की शक्ति है, माद्दा है। प्रदेश अध्यक्ष के लिए भी उनका नाम चला था, लेकिन जब भी मौका आता है, उन्हें आश्वासन देकर नए कपड़े सिलवा देते हैं। ऐसे लोगों को भाजपा को मौका देना चाहिए।
सज्जन वर्मा के इस बयान को नरोत्तम मिश्रा के लिए राजनीतिक समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है। कांग्रेस के इस रुख से भले ही दतिया के ‘दादा’ के अरमानों को हवा मिल गई हो, लेकिन सियासी हकीकत यह है कि भाजपा में फैसले दिल्ली में बैठे शीर्ष नेता ही करते हैं।
कांग्रेस नेता सज्जन सिंह वर्मा ने भाजपा नेता नरोत्तम मिश्रा को राज्यसभा भेजने की पैरवी की है।
पटवारी क्लीन बोल्ड, बोले- हार के बाद ही जीत है दिग्विजय सिंह के ग्राउंड पर बल्लेबाजी करने उतरे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी एक बॉल पर क्लीन बोल्ड हो गए। पटवारी दिग्विजय सिंह के विधायक बेटे जयवर्धन सिंह के साथ राघौगढ़ में एक स्पोर्ट्स फेस्टिवल में शामिल हुए थे।
बल्लेबाजी में हाथ आजमाने के बाद मंच पर बोलने की बारी आई तो जीतू पटवारी ने मुस्कुराते हुए कहा- जिंदगी की यही रीत है, हार के बाद ही जीत है। उन्होंने पास ही खड़े विधायक जयवर्धन सिंह के लिए कहा- जेवी भैया इस बार आपकी सरकार नहीं बनी। पिछली बार बनी थी, आप मंत्री बन गए थे। अगली बार फिर बन जाओगे।
पटवारी ने भले ही इशारों में कांग्रेस की सरकार बनने और जयवर्धन के मंत्री बनने की भविष्यवाणी कर दी। लेकिन राजनीति की पिच को लेकर जानकारों का कहना है कि यहां हर कदम संभलकर रखना पड़ता है, क्योंकि जरा-सी चूक पर खिलाड़ी सीधे ‘क्लीन बोल्ड’ हो सकता है।

बल्लेबाजी में हाथ आजमाने उतरे जीतू पटवारी एक बॉल पर बोल्ड हो गए।
सीएम के आभार के बहाने मंत्री का शक्ति प्रदर्शन रायसेन जिले में एक सिंचाई परियोजना के लिए राशि मंजूर होने पर मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल किसानों के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार जताने सीएम हाउस पहुंचे। इस दौरान बड़ी संख्या में किसान भी उनके साथ मौजूद थे।
जब किसान मुख्यमंत्री से मिलने और उनका आभार जताने पहुंचे, तो उनके साथ फोटो खिंचवाने की होड़ मच गई। स्थिति यह हो गई कि वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों को लोगों को जल्दी-जल्दी आगे बढ़ाना पड़ा। किसी को आगे खींचा गया तो किसी को हल्का धक्का भी देना पड़ा।
हालांकि मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने आराम से मुख्यमंत्री से मुलाकात कर उनका स्वागत और आभार जताया। अब इस पूरे घटनाक्रम को सीएम के सामने मंत्री के शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है।
जानकारों का कहना है कि मोहन मंत्रिमंडल में विस्तार होना है और ऐसे में मुखिया की नजरों में अपनी मौजूदगी दर्ज कराना राजनीतिक तौर पर फायदेमंद माना जा रहा है।

मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने किसानों के साथ मिलकर सीएम का आभार जताया।
गुजराती रंग में रंगे नजर आए मामा शिवराज सिंह राजनीति का असली मजा इन दिनों ‘मामा जी’ यानी केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान लेते नजर आ रहे हैं। पत्नी साधना सिंह के साथ गुजरात दौरे पर पहुंचे शिवराज सिंह चौहान ने गुजरात के आदर्श गांव हणोल का दौरा किया, जहां वे पूरी तरह गांव के रंग में रंगे दिखाई दिए।
गांव पहुंचते ही शिवराज सिंह और साधना सिंह का पारंपरिक तरीके से जोरदार स्वागत किया गया। इसके बाद दोनों रथ पर सवार होकर पूरे गांव में घूमे और ग्रामीणों का अभिवादन स्वीकार किया।
इस दौरान शिवराज सिंह चौहान ने ग्रामीणों के साथ गरबा भी खेला। उन्होंने खुद कुएं से पानी निकालकर अपने साथ मौजूद केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया को पिलाया। इसके बाद वे खाट पर बैठकर चाय की चुस्कियां लेते भी नजर आए।
यहीं नहीं, शिवराज सिंह ने गांव की परंपरा के मुताबिक सुपड़ा लेकर अनाज का कचरा भी निकाला और खुद को एक आम ग्रामीण की तरह गतिविधियों में शामिल किया।
कुल मिलाकर मामा जी एक बार फिर अपने अंदाज में नजर आए। वे जहां भी जाते हैं, वहां सुर्खियों में आने का मौका नहीं छोड़ते और अपने सहज, देसी अंदाज से लोगों का ध्यान खींच ही लेते हैं।

गुजरात के आदर्श गांव हणोल में शिवराज सिंह ने गरबा खेला। पत्नी साधना सिंह भी साथ रहीं।
इनपुट सहयोग – विजय सिंह बघेल (भोपाल), आशीष रघुवंशी (गुना)
ये भी पढ़ें – भाजपा नेता ने धमकाया- शहर की फिजा बिगाड़ दूंगा: कलेक्टर के सामने बांसुरी बजाकर शिकायत

वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने राज्यसभा नहीं जाने का फैसला कर सबको चौंका दिया है। उनके इस फैसले को लेकर कांग्रेस के अंदर ही अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। दिग्विजय सिंह के फैसले से पार्टी में कहीं खुशी का माहौल है तो कहीं मायूसी भी। पूरी खबर पढ़ें

