गयाजी में उत्पाद विभाग की टीम पर एक शख्स को कार से रौंदने का आरोप है। घायल के भाई ने आरोप लगाया है कि 100 की रफ्तार में टक्कर मारी। जिसके बाद मेरे भाई की स्थिति नाजुक है, उसका इलाज चल रहा है। दरअसल, शनिवार रात टीम शराब को लेकर छापेमारी करने गई थी। एक की गिरफ्तारी भी हुई थी, पर स्थानीय लोगों ने उसे छुड़ाने के लिए टीम पर पथराव कर दिया। खुद को बचाने के लिए उत्पाद की टीम अपनी गाड़ी से भागने लगी। इसी दौरान एक शख्स को टक्कर लग गई। घायल के भाई रुस्तम कुरैशी ने ने कहा कि उत्पाद विभाग की गाड़ी काफी तेज रफ्तार में थी, टक्कर मारने के बाद भी गाड़ी नहीं रुकी और न ही घायल को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की गई। रविवार को पीड़ित पक्ष ने इमामगंज थाना में आवेदन दिया है। दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। घटना इमामगंज थाना क्षेत्र भिड़ा गांव की है। पत्थरबाजी करने वालों की हो रही पहचान घायल युवक दिलाशाद कुरैशी (25) को इलाज के लिए मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। उसे लगातार निगरानी में रखा गया है। फिलहाल स्थिति गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पत्थरबाजी करने वालों की पहचान की जा रही है। विभाग के वाहन चालक की भूमिका की भी जांच हो रही है।
पीड़ित परिवार को कहा, गाड़ी का नंबर खोजकर लाओ वहीं सूत्रों कहना है कि इमामगंज पुलिस ने पीड़ित पक्ष से धक्का मारने वाली गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नम्बर पता करने को कहा है। खुद जांच करने से बचने के लिए अब इमामगंज पुलिस नया रास्ता अपना रही है। ग्रामीणों से गाड़ी का नंबर मांगा जा रहा है। इमामगंज थानेदार अमित कुमार से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई तो संपर्क नहीं हो सका। विभाग की गाड़ी से धक्का नहीं लगा इमामगंज क्षेत्र के उत्पाद प्रभारी हरेराम शर्मा ने कहा कि छापेमारी करने टीम गई थी। किसी नेता ने पब्लिक को भड़काया, जिसकी वजह से बवाल हुआ। वरना आम पब्लिक इस तरह का काम नहीं करती है। जब उनसे यह पूछा गया कि विभाग की गाड़ी से भागने के दौरान एक युवक को धक्का लगा है। इस पर उन्होंने कहा कि किसकी गाड़ी से धक्का लगा यह मालूम नहीं। सुबह जब न्यूज पेपर पढ़ा तो पता चला कि आबकारी विभाग की गाड़ी से धक्का लगा है, लेकिन ऐसा नहीं है।
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