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वेदांता के ताजा नतीजों ने बाजार को चौंका दिया है. कंपनी का मुनाफा 88% बढ़ गया और रेवेन्यू में भी बड़ी तेजी आई है. कंपनी का कर्ज भी कम हुआ है, जो एक अच्छा संकेत है. जानिए पूरी डिटेल…
वेदांता का चौथी तिमाही का नतीजा जारी हुआ है.
दिग्गज मेटल और माइनिंग कंपनी वेदांता लिमिटेड (Vedanta Limited) ने इस साल कामयाबी की एक नई इबारत लिख दी है. कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 के अपने नतीजे घोषित कर दिए हैं, जो अब तक का सबसे बेहतरीन प्रदर्शन दिखाते हैं. साल की आखिरी तिमाही (जनवरी-मार्च) में कंपनी का मुनाफा पिछले साल के मुकाबले 89% उछलकर ₹9,352 करोड़ हो गया है. अगर पूरे साल की बात करें, तो कंपनी ने ₹25,096 करोड़ का शुद्ध मुनाफा कमाया है, जो पिछले साल से 22% ज्यादा है. मुंबई में 29 अप्रैल 2026 को हुई बोर्ड मीटिंग में कंपनी ने बताया कि यह उनकी अब तक की सबसे जबरदस्त वित्तीय परफॉरमेंस है. इस सफलता के पीछे कंपनी के काम करने के कुशल तरीके और लागत में कमी लाना एक बड़ी वजह रही है.
रेवेन्यू ने भी इस बार छुआ आसमान
वेदांता की कुल कमाई यानी रेवेन्यू ने भी इस बार आसमान छू लिया है. पूरे साल में कंपनी ने ₹1,74,075 करोड़ की कमाई की, जो पिछले साल से 15% अधिक है. सिर्फ आखिरी तिमाही में ही कंपनी ने ₹51,524 करोड़ का रेवेन्यू हासिल किया, जिसमें 29% की बड़ी बढ़ोतरी देखी गई. कंपनी की मजबूती का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उनका एबिटडा (EBITDA) ₹55,976 करोड़ के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है.
सबसे अच्छी बात यह रही कि कंपनी ने अपना कर्ज भी काफी हद तक काबू में कर लिया है. नेट डेट और एबिटडा का अनुपात 1.22 से घटकर 0.95 हो गया है, जो पिछले 14 महीनों में सबसे बेहतर स्थिति है. कंपनी के पास नकद पैसा भी 38% बढ़कर ₹28,485 करोड़ हो गया है, जिससे भविष्य में नए निवेश करना आसान होगा.
एल्युमीनियम और जिंक कारोबार में जबरदस्त उत्पादन
कंपनी की इस बड़ी जीत में उसके अलग-अलग बिजनेस का बहुत बड़ा हाथ रहा है. एल्युमीनियम (Aluminium) के मामले में कंपनी ने अब तक का सबसे ज्यादा यानी 2,456 किलो टन उत्पादन किया है. वहीं जिंक इंडिया (Zinc India) ने भी रिकॉर्ड तोड़ते हुए 1,114 किलो टन मेटल निकाला है. तांबा, लोहा और बिजली के क्षेत्र में भी वेदांता का प्रदर्शन शानदार रहा है.
वेदांता ने दिया कितना डिविडेंड
इस शानदार मुनाफे का फायदा कंपनी ने अपने निवेशकों को भी दिया है. कंपनी ने साल भर में ₹34 प्रति शेयर का डिविडेंड (लाभांश) दिया और शेयरधारकों को करीब 48.6% का रिटर्न मिला, जो बाजार के औसत से कहीं ज्यादा है. कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि वे अब अपनी कंपनी के बंटवारे यानी डिमर्जर (Demerger) की प्रक्रिया पर ध्यान दे रहे हैं, जो 1 मई 2026 से प्रभावी होने जा रहा है. इससे आने वाले समय में निवेशकों को और भी ज्यादा फायदा होने की उम्मीद है.
कैसा भविष्य देख रही है कंपनी?
वेदांता के कार्यकारी निदेशक अरुण मिश्रा (Arun Misra) ने खुशी जताते हुए कहा कि वित्त वर्ष 2026 हमारे लिए शानदार रहा है. हमने न केवल रिकॉर्ड उत्पादन किया, बल्कि नए प्रोजेक्ट्स जैसे छत्तीसगढ़ का बालको (BALCO) स्मेल्टर और लांजीगढ़ के विस्तार को भी तेजी से पूरा किया है. हमने इस साल ₹15,000 करोड़ का निवेश भविष्य की योजनाओं पर किया है. वहीं कंपनी के सीएफओ (CFO) अजय गोयल (Ajay Goel) ने बताया कि यह तिमाही हमारे लिए एक ऐतिहासिक मोड़ है क्योंकि हमने रेवेन्यू और मुनाफे के सारे पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं. कंपनी का लक्ष्य 2030 तक पानी के इस्तेमाल के मामले में पूरी तरह आत्मनिर्भर बनना और प्रदूषण को कम करना है.
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मलखान सिंह पिछले 17 वर्षों से ख़बरों और कॉन्टेंट की दुनिया में हैं. प्रिंट मीडिया से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई नामी संस्थानों का नाम प्रोफाइल में जुड़ा है. लगभग 4 साल से News18Hindi के साथ काम कर रहे …और पढ़ें

