2 घंटे पहले
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया है कि वे अब तक 9 अंतरराष्ट्रीय संघर्ष खत्म कराने में भूमिका निभा चुके हैं। उन्होंने कहा कि अब उनकी कोशिश रूस-यूक्रेन युद्ध को रोकने की है और वे इसे अपनी 10वीं शांति पहल बनाना चाहते हैं।
न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, व्हाइट हाउस से वर्जीनिया रवाना होने से पहले ट्रम्प ने कहा कि यह युद्ध द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे खतरनाक संघर्ष बन गया है और हर महीने हजारों सैनिक मारे जा रहे हैं।
इस बीच ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर 9 से 11 मई तक रूस और यूक्रेन के बीच 3 दिन के सीजफायर का ऐलान किया है। उन्होंने बताया कि इस दौरान दोनों देश किसी तरह की सैन्य कार्रवाई नहीं करेंगे। साथ ही दोनों पक्ष 1000-1000 कैदियों की अदला-बदली भी करेंगे।
उन्होंने दावा किया कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने उनकी अपील पर सीजफायर के लिए सहमति दी है। उन्होंने संकेत दिए कि अगर हालात ठीक रहे तो इस अस्थायी युद्धविराम को आगे भी बढ़ाया जा सकता है।
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अर्जेंटीना बोला- हमारी वजह से नहीं फैला हंतावायरस, बिना ठोस सबूत के उशुआइया शहर की छवि खराब हो रही

अटलांटिक माहासागर में एक लग्जरी क्रूज में फैले घातक वायरस के मामले में अब अर्जेंटीना के टिएरा डेल फुएगो जिले ने खुद को जिम्मेदार मानने से इनकार कर दिया है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि बिना ठोस सबूत के उशुआइया को वायरस का स्रोत बताने से इलाके की छवि खराब हो रही है।
दरअसल, राष्ट्रीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने शक जताया था कि डच दंपति अर्जेंटीना के शहर उशुआइया के एक कचरा स्थल के पास बर्ड वॉचिंग के दौरान संक्रमित हुए होंगे। बाद में दोनों की मौत हो गई।
लेकिन अधिकारियों के मुताबिक यहां पहले कभी हंतावायरस का मामला नहीं मिला।
उन्होंने यह भी कहा कि संक्रमित डच दंपति अपने लंबे दक्षिण अमेरिकी दौरे में सिर्फ दो दिन उशुआइया में रुके थे, इसलिए संक्रमण वहीं से होने की संभावना बहुत कम है।
उशुआइया को अंटार्कटिका जाने का मुख्य रास्ता माना जाता है और यहां का पर्यटन कारोबार काफी हद तक क्रूज टूरिज्म पर टिका है। ऐसे में हंतावायरस की खबरों से स्थानीय कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है।
स्थानीय अधिकारियों ने केंद्र सरकार पर जांच में देरी का आरोप लगाया है। वहीं कई विशेषज्ञों का मानना है कि वायरस का असली स्रोत उशुआइया नहीं, बल्कि मध्य पैटागोनिया के जंगल हो सकते हैं, जहां पहले भी हंतावायरस के मामले सामने आ चुके हैं।
इस बीच, WHO ने हंतावायरस के 6 मामलों और 3 मौतों की पुष्टि की। हंतावायरस से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…


