मोकामा में गैंगस्टर के घर रेड करने गई पुलिस टीम की तलाशी लेने पर कांग्रेस ने सम्राट सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री सह गृह मंत्री AI लेकर हरा गमछा खोज रहे हैं। अब दो कौड़ी के अपराधिक भाइयों के दो कौड़ी के गुर्गे ने गृह विभाग के इकबाल की पैंट उतार दी है। पुलिस वालों को टटोला गया, उनकी पूरी जांच की गई और तब उनको घर के अंदर घुसने दिया गया। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिहार पुलिस का यही इकबाल बचा है। पुलिसकर्मियों को लाइन में खड़ा करके ली गई तलाशी 2 दिन पहले मोकामा के पंचमहला थाना के नौरंगा गांव में पुलिस गैंगस्टर सोनू-मोनू के घर छापेमारी करने गई थी। सोनू-मोनू के परिजनों और समर्थकों ने पुलिस को घर में घुसने से रोक दिया। उन्होंने पुलिस से सर्च वारंट मांगा। पुलिस ने कहा कि सर्च वारंट जरूरी नहीं है। इसके बाद समर्थकों ने शर्त रखी कि अंदर जाने से पहले पुलिस को अपनी तलाशी देनी होगी। सोनू-मोनू के समर्थकों ने पंचमहला के थानेदार कुंदन कुमार और हथिदह थानेदार रंजन कुमार समेत 8 पुलिसकर्मियों को लाइन में खड़ा किया। उनके शरीर से लेकर पॉकेट तक की तलाशी ली गई। इसके बाद ही उन्हें घर के अंदर जाने दिया गया। पुलिस की हुई भारी किरकिरी वीडियो वायरल होने से पुलिस की भारी किरकिरी हुई। पुलिस मुख्यालय और राजनीतिक गलियारों में खलबली मच गई। मामले में एसएसपी कार्तिकेय शर्मा ने कड़ा एक्शन लिया है। उन्होंने दोनों थानेदारों को ड्यूटी में लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया है। पटना SSP कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि पुलिस का लाइन में लगकर तलाशी देना गलत है। पुलिस वालों को तलाशी स्वतंत्र गवाह के सामने देनी चाहिए थी।
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