टोंक जिले के देवली क्षेत्र में जलदाय विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्रेनाइट माइंस संचालकों के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। बघेरा फिल्टर प्लांट से गोपालपुरा पंप हाउस तक जा रही मुख्य राइजिंग लाइन में अवैध रूप से छेद कर पानी चोरी किए जाने का मामला सामने आया, जिसके बाद विभाग ने 9 माइंस फर्मों को नोटिस थमा दिए हैं। 9 फर्मों पर 1-1 लाख से अधिक का जुर्माना विभागीय जांच में पाया गया कि संबंधित माइंस संचालक ग्रामीण पेयजल पाइपलाइन से अवैध कनेक्शन लेकर पानी का उपयोग कर रहे थे। इसके बाद पीएचईडी (जलदाय विभाग) की ओर से इन सभी 9 फर्मों पर करीब 1-1 लाख रुपए से अधिक यानी कुल 1,04,986 रुपए प्रति फर्म का जुर्माना लगाया गया है। सभी को सात दिन के भीतर राशि जमा कराने और अवैध कनेक्शन हटाने के निर्देश दिए गए हैं। गर्मी में पेयजल आपूर्ति पर पड़ा असर जानकारी के अनुसार भीषण गर्मी के दौरान मुख्य राइजिंग लाइन में जगह-जगह छेद कर 24 घंटे पानी की चोरी की जा रही थी। इससे गोपालपुरा पंप हाउस तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा था, जिसके कारण उप तहसील क्षेत्र के कई गांवों और ढाणियों में पेयजल संकट गहरा गया और ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। शिकायतों के बाद विभाग ने की कड़ी कार्रवाई लगातार शिकायतों और विभागीय निगरानी के बाद पीएचईडी ने मामले को गंभीरता से लिया और यह बड़ी कार्रवाई की। विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित समय में जुर्माना जमा नहीं कराने और अवैध कनेक्शन नहीं हटाने पर संबंधित फर्मों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। इस कार्रवाई के दौरान जेईएन वीरेंद्र सिंह, विभाग के रामेश्वर मीणा सहित अन्य कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे।
Source link

