दौसा में जूनियर अकाउंटेंट की जहर से मौत के बाद ट्रेजरी ऑफिसर ने भी सुसाइड कर लिया। अकाउंटेंट के भाई ने ट्रेजरी ऑफिसर पर प्रताड़ित और हत्या करने का आरोप लगाते हुए मानपुर पुलिस थाने में 11 मई को FIR दर्ज कराई थी। घटना के बाद गुरुवार रात का को ट्रेजरी ऑफिसर ने महवा थाना क्षेत्र में अपने घर पर फंदा लगा लिया। पढ़िए… सिलसिलेवार पूरा घटनाक्रम 1. ड्यूटी के दौरान तबीयत बिगड़ना
दौसा जिले के सिकराय उपखंड स्थित ट्रेजरी/उप कोष कार्यालय में पोस्टेड जूनियर अकाउंटेंट शीतल मीणा (25), जो मूल रूप से कैलाई (सिकराय) निवासी थीं। पिछले करीब डेढ़ साल से कार्यरत थीं। बुधवार (10 जून) शाम करीब 5 बजे ड्यूटी के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ गई। वह कार्यालय के बाहर सीढ़ियों पर बैठ गईं। स्टाफ ने उन्हें तुरंत उप जिला हॉस्पिटल पहुंचाया। 2. अस्पताल में शुरुआती इलाज और ‘बादाम शेक’ का जिक्र
उप जिला हॉस्पिटल में उपचार के दौरान डॉ. रामजी लाल मीणा के अनुसार, शीतल ने बताया था कि ‘बादाम शेक’ पीने के बाद उन्हें पेट दर्द और घबराहट शुरू हुई। इलाज के दौरान उल्टियां होने पर उसमें से आई दुर्गंध के आधार पर डॉक्टरों ने जहरीला पदार्थ खाने का अंदेशा जताया। प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उन्हें जयपुर रेफर किया गया, जहां देर रात उनकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में शीतल मीणा की मौत जहर से होने की पुष्टि हुई है। शव का मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम जयपुर एसएमएस अस्पताल में कराया गया, जिसके बाद उसे परिजनों को सौंप दिया गया। 3. कल का घटनाक्रम और मौके पर जांच
गुरुवार (11 जून) सुबह मानपुर पुलिस और डिप्टी एसपी धर्मराज चौधरी ने ट्रेजरी ऑफिस पहुंचकर मौका मुआयना किया। पुलिस ने कार्यालय परिसर से मृतका की स्कूटी और एक टूटा हुआ मोबाइल फोन बरामद किया, जिसे अहम सबूत माना जा रहा है। डिप्टी एसपी धर्मराज चौधरी के अनुसार पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। 4. ट्रेजरी ऑफिसर ने कहा था- सबकुछ सामान्य था
ट्रेजरी ऑफिसर (उपकोषाधिकारी) मनोज मीणा ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि शीतल बुधवार को पेंशन कार्य से गीजगढ़ गई थीं और दोपहर करीब 2 बजे वापस लौटी थीं। इसके बाद दोपहर लगभग 3 बजे एडीएम की इंस्पेक्शन टीम सहित कुल 7 लोगों ने मिलकर ‘बादाम शेक’ पिया था। कार्यालय में किसी तरह का विवाद या तनाव नहीं था और सभी लोग सामान्य रूप से कार्य कर रहे थे। 5. हत्या का आरोप और FIR दर्ज
ललिता मीणा के भाई मोहनलाल मीणा ने 11 जून को उपकोषाधिकारी (एटीए) मनोज मीणा के खिलाफ मानपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। आरोप लगाया गया कि उनकी बहन को लंबे समय से प्रताड़ित किया जा रहा था और जहर देकर हत्या की गई। एटीओ पर कार्रवाई और आगे की घटना
एफआईआर दर्ज होने के बाद उपकोषाधिकारी मनोज मीणा ने महवा थाना क्षेत्र के सिंदूकी गांव स्थित अपने घर पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने शव को महवा जिला हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया और मामले की जांच जारी रखी है।
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