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Chhattisgarh Sabji Recipe: मखना भाजी और दाल का यह मिश्रण स्वाद के साथ-साथ सेहत का भी खजाना है. इसमें विटामिन, फाइबर और प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है.
बिलासपुर. छत्तीसगढ़ की पारंपरिक खानपान संस्कृति में हरी-भरी देशी भाजियों का विशेष महत्व है. इन्हीं में से एक है मखना भाजी और दाल की स्वादिष्ट रेसिपी, जो ग्रामीण अंचलों में आज भी बड़े शौक से बनाई जाती है. यह व्यंजन कम समय में तैयार होने के साथ-साथ पौष्टिकता से भरपूर भी होता है. मखना भाजी में मौजूद प्राकृतिक पोषक तत्व और दाल का प्रोटीन इसे एक संतुलित भोजन बनाते हैं. खास बात यह है कि इसे बनाने में ज्यादा मसालों की जरूरत नहीं पड़ती, फिर भी इसका देसी स्वाद लोगों को खूब पसंद आता है. जांजगीर-चांपा जिले के जर्वे गांव की महिलाओं द्वारा पीढ़ियों से बनाई जा रही यह पारंपरिक रेसिपी अब शहरों में भी लोकप्रिय हो रही है. बिलासपुर जिले के अन्नू सूर्यकांत ने इस आसान और स्वादिष्ट रेसिपी की विधि साझा की है.
मखना भाजी बनाने के लिए सबसे पहले ताजी भाजी को अच्छी तरह साफ करके कई बार पानी से धो लिया जाता है. इसके बाद भाजी को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर अलग रख दिया जाता है ताकि पकाने में आसानी हो.
दाल को पहले से उबाल लें
इस रेसिपी में अरहर, मूंग या मसूर दाल का उपयोग किया जा सकता है. दाल को साफ पानी से धोकर हल्का नरम होने तक उबाला जाता है. दाल पूरी तरह गलने से पहले ही उसे अलग निकाल लिया जाता है ताकि भाजी के साथ पकने पर उसका स्वाद बेहतर बने.
देसी तड़का बढ़ाता है स्वाद
एक कड़ाही में तेल गर्म करें. तेल गर्म होने पर उसमें सूखी लाल मिर्च और कुटा हुआ लहसुन डालकर सुनहरा होने तक भूनें. यह पारंपरिक तड़का भाजी को खास सुगंध और देसी स्वाद प्रदान करता है.
भाजी और दाल को साथ में पकाएं
तैयार तड़के में मखना भाजी डालकर कुछ मिनट तक चलाएं. इसके बाद उबली हुई दाल और स्वादानुसार नमक मिलाकर करीब 10 मिनट तक पकाएं. जब भाजी और दाल अच्छी तरह मिल जाएं, तो गैस बंद कर दें.
पौष्टिकता से भरपूर पारंपरिक व्यंजन
मखना भाजी और दाल का यह मिश्रण स्वाद के साथ-साथ पोषण का भी खजाना माना जाता है. इसमें फाइबर, विटामिन और प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है.
गांव से शहर तक बढ़ रही लोकप्रियता
जांजगीर-चांपा जिले के जर्वे गांव में यह रेसिपी वर्षों से घर-घर में बनाई जाती रही है. बदलते समय के साथ अब यह पारंपरिक व्यंजन ग्रामीण क्षेत्रों से निकलकर शहरों के लोगों की थाली में भी अपनी खास जगह बना रहा है. कम समय में तैयार होने वाली मखना भाजी और दाल छत्तीसगढ़ की पारंपरिक रसोई का एक बेहतरीन उदाहरण है. देसी तड़के और पौष्टिक गुणों से भरपूर यह डिश स्वाद और सेहत दोनों का शानदार मेल है.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

