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महंगाई, कच्चे माल की ऊंची कीमतों और सामान्य से कम बारिश जैसी चुनौतियों के बावजूद देश की बड़ी एफएमसीजी (FMCG) कंपनियां कारोबार को लेकर सकारात्मक नजर आ रही हैं. डाबर (Dabur), मैरिको (Marico) और गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स (Godrej Consumer Products) ने जून तिमाही के बिजनेस अपडेट में मजबूत मांग, बेहतर बिक्री और आने वाले महीनों में मार्जिन सुधार की उम्मीद जताई है.
कंपनियों के मुताबिक इस तिमाही में ग्रामीण इलाकों से मांग शहरी बाजार के मुकाबले ज्यादा मजबूत रही. (AI)
नई दिल्ली. चालू वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में महंगाई और मौसम की चुनौतियों के बावजूद एफएमसीजी सेक्टर का प्रदर्शन उम्मीद से बेहतर रहने के संकेत मिले हैं. डाबर, मैरिको और गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स जैसी दिग्गज कंपनियों ने अपने बिजनेस अपडेट में कहा है कि बाजार में खपत मजबूत बनी हुई है और आने वाली तिमाहियों में कारोबार में और सुधार की उम्मीद है. कंपनियों का कहना है कि स्थिर आर्थिक गतिविधियों, ग्रामीण बाजार में बेहतर मांग और डिजिटल बिक्री चैनलों के तेजी से विस्तार ने कारोबार को सहारा दिया है. हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि कच्चे माल की लागत और मौसम से जुड़े जोखिमों पर लगातार नजर रखनी होगी.
जून तिमाही के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक मैरिको को अपने कंसोलिडेट रेवेन्यू में 20 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी की उम्मीद है. वहीं गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स ने 15 से 19 प्रतिशत के बीच ग्रोथ का अनुमान जताया है. डाबर इंडिया को भी राजस्व और टैक्स के बाद मुनाफे, दोनों में दहाई अंक की बढ़ोतरी की उम्मीद है.
| कंपनी | जून तिमाही में अनुमानित ग्रोथ | कारोबार की प्रमुख ताकत |
|---|---|---|
| मैरिको (Marico) | 20% से अधिक | मजबूत ब्रांड और बेहतर वॉल्यूम ग्रोथ |
| गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स (Godrej Consumer Products) | 15% से 19% | कीमतों में संतुलित बदलाव और लागत नियंत्रण |
| डाबर (Dabur) | डबल डिजिट | ग्रामीण मांग और विदेशी बाजार में सुधार |
ग्रामीण बाजार बना सबसे बड़ा सहारा
कंपनियों के मुताबिक इस तिमाही में ग्रामीण इलाकों से मांग शहरी बाजार के मुकाबले ज्यादा मजबूत रही. डाबर ने कहा कि गांवों में उपभोक्ता खर्च में सुधार देखने को मिला है, जिससे बिक्री को अच्छा समर्थन मिला. इसके अलावा ई कॉमर्स और क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म ने भी बिक्री बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई. कंपनियों का मानना है कि अब उपभोक्ता तेजी से ऑनलाइन खरीदारी की ओर बढ़ रहे हैं और इसका फायदा एफएमसीजी कंपनियों को मिल रहा है.
महंगाई का दबाव अभी पूरी तरह खत्म नहीं
हालांकि, कंपनियों ने कारोबार को लेकर सकारात्मक रुख दिखाया है लेकिन उन्होंने कच्चे माल की ऊंची कीमतों को अब भी चुनौती बताया है. गोदरेज कंज्यूमर प्रोडक्ट्स के मुताबिक, तिमाही के अधिकांश समय कमोडिटी की कीमतें ऊंची रहीं लेकिन आखिरी कुछ हफ्तों में इनमें नरमी के संकेत मिलने लगे. कंपनी का कहना है कि कीमतों में संतुलित बदलाव, बेहतर लागत प्रबंधन और ऑपरेशनल एफिशिएंसी के जरिए मार्जिन में सुधार की कोशिश जारी रहेगी.
बारिश और अल नीनो पर बनी हुई है नजर
एफएमसीजी कंपनियों ने यह भी कहा कि सामान्य से कम बारिश और अल नीनो जैसी मौसम संबंधी स्थितियां ग्रामीण मांग को प्रभावित कर सकती हैं. अगर कृषि उत्पादन पर असर पड़ता है तो इसका प्रभाव उपभोक्ता खर्च पर भी दिख सकता है. हालांकि कंपनियों का मानना है कि उनका मजबूत सप्लाई नेटवर्क और विविध प्रोडक्ट पोर्टफोलियो ऐसे जोखिमों से निपटने में मदद करेगा.
पश्चिम एशिया के हालात सुधरने से बढ़ी उम्मीद
डाबर ने कहा कि पश्चिम एशिया में हालात सामान्य होने से उसके अंतरराष्ट्रीय कारोबार को फायदा मिल सकता है. कंपनी के कुल कारोबार में विदेशी बाजारों की हिस्सेदारी करीब एक चौथाई है. वहीं मैरिको ने कहा कि वह नए उत्पादों और नए बाजारों में निवेश जारी रखेगी ताकि लंबे समय तक टिकाऊ और मुनाफे वाली ग्रोथ हासिल की जा सके. एफएमसीजी कंपनियों का मानना है कि अगर आने वाले महीनों में कमोडिटी की कीमतों में नरमी बनी रहती है और ग्रामीण मांग मजबूत रहती है तो वित्त वर्ष 2026-27 की अगली तिमाहियां इस सेक्टर के लिए और बेहतर साबित हो सकती हैं.
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मैं जय ठाकुर, न्यूज18 हिंदी में सीनियर सब-एडिटर के तौर पर अपनी सेवाएं दे रहा हूं. मेरा मुख्य काम बिजनेस की पेचीदा खबरों को आसान भाषा में लोगों तक पहुंचाना है. फिर चाहे वह शेयर बाजार की हलचल हो, देश की इकोनॉमी क…और पढ़ें

