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Halwai Wali Gali: पुष्कर की मशहूर हलवाई गली में सावन के महीने में यहां देसी घी में बने गरमा-गरम मालपुओं की मांग कई गुना बढ़ जाती है. हल्की बारिश, ठंडी हवाओं और तवे से उतरते ताजे मालपुओं की खुशबू के बीच रबड़ी के साथ इसका स्वाद पर्यटकों को खास अनुभव देता है. वर्षों पुरानी मिठाई बनाने की परंपरा को आज भी संभाले हुए यह गली देश-विदेश से आने वाले सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करती है.
अजमेर. अगर आप पुष्कर आ रहे हैं तो यहां की हलवाई वाली गली का रूख जरूर करें. यह गली पूरे दिन गरमा-गरम मालपुओं की मिठास और देसी घी की खुशबू से महकती है. मालपुआ के साथ रबड़ी और अन्य पारंपरिक मिठाइयों का स्वाद लेने के लिए अजमेर ही नहीं बल्कि दूर दराज से भी बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंचते हैं. मानसून के दौरान पुष्कर की हलवाई गली का नजारा और भी खास हो जाता है. हल्की बारिश, ठंडी हवाएं और तवे से उतरते गरमा- गरम मालपुए यहां आने वाले पर्यटकों के लिए यादगार अनुभव बन जाते हैं.
यही कारण है कि बारिश के दिनों में यहां लोगों की अच्छी-खासी भीड़ देखने को मिलती है. दुकानदार उमेश चंद्र पाराशर बताते है कि सावन के महीने में मालपुओं की मांग सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ जाती है. कारोबारी उमेश चंद्र पाराशर आगे बताते हैं कि उनके पूर्वजों ने इस गली में मालपुए बनाना शुरू किया था और आज भी उसी अंदाज़ में ये मिठास लोगों के दिलों तक पहुंच रही है. देश ही नहीं, विदेशों से आए सैलानी भी यहां मालपुआ चखने आते हैं और कुछ तो इसे पैक कर अपने देश तक ले जाते हैं.
धार्मिक यात्रा के साथ खानपान के लिए बेहतरीन जगह
अगर आप पुष्कर की धार्मिक यात्रा के साथ स्थानीय खानपान का असली स्वाद लेना चाहते हैं, तो हलवाई गली आपके लिए एक बेहतरीन जगह है. यहां का पारंपरिक स्वाद, देसी घी की गुणवत्ता और वर्षों पुरानी मिठाई बनाने की परंपरा हर किसी को आकर्षित करती है.
कैसे पहुंचे पुष्कर ?
पुष्कर का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन अजमेर रेलवे स्टेशन है, जो यहां से 15 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है. अजमेर से आप पुष्कर बस या टैक्सी से आसानी से पहुंच सकते हैं. हवाई यात्रा के लिए सबसे नजदीकी हवाई अड्डा किशनगढ़ हवाई अड्डा है जो पुष्कर से 65 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.
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नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…
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