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Startups Update : देश में स्टार्टअप के लिए बेहतर माहौल बनाने के लिए डीपीआईआईटी ने 5 और कंपनियों के साथ समझौता किया है. यह कंपनियां अलग-अलग सेक्टर से संबंधित हैं और इन सेक्टर्स से जुड़े स्टार्टअप को अपनी एक्सपर्टीज का फायदा देने के साथ वित्तीय रूप से भी मदद दिलाने में बड़ी भूमिका निभाएंगी.
स्टार्टअप को मदद करने के लिए डीपीआईआईटी ने अपना दायरा बढ़ाया है.
नई दिल्ली. देश में स्टार्टअप का माहौल और बेहतर बनाने के लिए सरकार ने 5 और कंपनियों को इस काम में शामिल किया है. उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) ने स्टार्टअप्स को सपोर्ट करने के लिए कैशफ्री पेमेंट्स, डार्विन डायनामिक्स, वल्चर इंडिया, कार्स24 और काउंसिल फॉर स्टार्टअप इंडिया के साथ समझौते किए हैं. ये सभी कंपनियां मिलकर नए स्टार्टअप को बेहतर बनाने पर काम करेंगी और उन्हें फंड दिलाने के साथ क्लाइंट खोजने में भी मदद करेंगी.
डीपीआईआईटी ने बताया है कि कैशफ्री पेमेंट्स इंडिया के साथ हुए एमओयू के तहत योग्य स्टार्टअप्स को सुरक्षित और स्केलेबल भुगतान और पेआउट समाधान, पहचान सत्यापन और जोखिम प्रबंधन सेवाओं के साथ-साथ पसंदीदा ऑनबोर्डिंग सपोर्ट और वाणिज्यिक लाभ मिलेगा. इसी तरह, डार्विन डायनामिक्स के साथ समझौते का उद्देश्य स्वच्छ ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, जलवायु प्रौद्योगिकियों और उन्नत विनिर्माण सहित रणनीतिक क्षेत्रों में क्षमता-निर्माण कार्यक्रमों का समर्थन करना और नवाचार को बढ़ावा देना है. इसका फायदा उठाने के लिए युवाओं को सरकारी पोर्टल के जरिये आवेदन करना होगा.
वल्चर इंडिया करेगा तकनीक में मदद
DPIIT ने कहा है कि वल्चर इंडिया के साथ सहयोग का उद्देश्य स्टार्टअप्स की क्लाउड कंप्यूटिंग संसाधनों, तकनीकी क्षमता-निर्माण और डिजिटल बुनियादी ढांचे तक पहुंच बढ़ाना है. इससे स्टार्टअप अधिक कुशलता से निर्माण, विस्तार और नवाचार कर सकेंगे. दूसरी ओर, कार्स24 के साथ MoU का उद्देश्य स्टार्टअप फाउंडर्स को मेंटरशिप प्रदान करना, गतिशीलता और ऑटो-टेक कौशल कार्यक्रमों को बढ़ावा देना, AI-केंद्रित प्रौद्योगिकी सक्षम करना और स्टार्टअप-नेतृत्व वाले समाधानों को प्रोत्साहित करने के लिए नवाचार चुनौतियों और हैकाथॉन का आयोजन करना है.
डीपीआईआई भी करेगा मदद
इन कंपनियों के साथ-साथ डीपीआईआईटी ने भी मान्यता प्राप्त स्टार्टअप्स के लिए निवेश, रणनीतिक साझेदारी, मेंटरशिप, नेतृत्व विकास और वैश्विक बाजारों तक पहुंच की सुविधा प्रदान करके समर्थन को मजबूत करने के लिए काउंसिल फॉर स्टार्टअप इंडिया (CSI) के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं. इस समझौते का मकसद नए स्टार्टअप के लिए माहौल तैयार करने के साथ उन्हें वित्तीय सहायता देना भी है.
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प्रमोद कुमार तिवारी को शेयर बाजार, इन्वेस्टमेंट टिप्स, टैक्स और पर्सनल फाइनेंस कवर करना पसंद है. जटिल विषयों को बड़ी सहजता से समझाते हैं. अखबारों में पर्सनल फाइनेंस पर दर्जनों कॉलम भी लिख चुके हैं. पत्रकारि…
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