Thursday, August 20, 2026
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राशन कर्मी 20 से 26 अगस्त तक बांधेंगे काली पट्टी: बिहार आपूर्ति सेवा संघ की आंदोलन की घोषणा; कार्ड निर्माण, E-KYC ठप – Katihar News




कटिहार में राशन कार्ड निर्माण, ई-केवाईसी और सर्वर संबंधी समस्याओं से परेशान बिहार आपूर्ति सेवा संघ ने आंदोलन की घोषणा की है। संघ ने अपनी छह सूत्री मांगों के समर्थन में 20 से 26 अगस्त तक काला बिल्ला धारण कर सांकेतिक विरोध करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी को 19 अगस्त को एक पत्र सौंपकर सूचित किया गया है। संघ के अनुसार, राज्य में 11 अप्रैल 2025 से नए राशन कार्ड बनाने का अभियान चल रहा है। इसके साथ ही E-KYC का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। लेटर में 6 मांगों का किया उल्लेख हालांकि, एक साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी आपूर्ति पदाधिकारियों और कर्मियों की मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया है, जिसके विरोध में यह सांकेतिक आंदोलन किया जा रहा है। संघ ने जिला पदाधिकारी को सौंपे गए पत्र में अपनी छह प्रमुख मांगों का उल्लेख किया है। इन मांगों में कार्य की समय-सीमा, सर्वर संबंधी दिक्कतें, संसाधनों की कमी, पदोन्नति में देरी और कर्मचारियों के उत्पीड़न जैसे मुद्दे शामिल हैं। पहली मांग राशन कार्ड निर्माण की समय-सीमा से संबंधित है। विभाग ने इसके लिए T+1 की समय-सीमा तय की है, जिसे संघ अव्यावहारिक मानता है। संघ ने 30 दिनों की वैधानिक समय-सीमा निर्धारित करने की मांग की है। ‘प्रति लाभुक 2.50 से 3.00 रुपये दिए’ दूसरी समस्या सर्वर और डेटा से जुड़ी है, जहां 11 लाख 4 हजार 425 नए कार्डों का डेटा सर्वर से डाउनलोड नहीं हो पा रहा है और अपडेशन में भी दिक्कतें आ रही हैं। ई-केवाईसी के लिए लाभुक सूची निकालने की सुविधा भी उपलब्ध नहीं है। तीसरी मांग संसाधनों और मानदेय को लेकर है। ई-केवाईसी के लिए प्रति लाभुक मात्र 2.50 से 3.00 रुपये दिए जा रहे हैं, जबकि विभाग ने न तो वाहन, न डेटा एंट्री ऑपरेटर, न कंप्यूटर-स्कैनर उपलब्ध कराए हैं। काम का बोझ बढ़ गया – कर्मी इससे कर्मियों को अपने खर्च पर काम करना पड़ रहा है। चौथी मांग पदोन्नति से संबंधित है; विभाग में 2010 के बाद से कोई पदोन्नति नहीं हुई है और 200 पद रिक्त हैं। निचले स्तर के कर्मियों को लेवल-9 के बजाय लेवल-8 पर काम कराया जा रहा है। पांचवीं मांग उत्पीड़न के आरोप से जुड़ी है। संघ का कहना है कि 17 जुलाई 2026 को कोरम पूरा न होने के कारण कई पदाधिकारियों ने एक दिन का उपार्जित अवकाश लिया था,लेकिन उन्हें अनुपस्थित कर दिया गया। छठी और अंतिम मांग स्टाफ की भारी कमी को लेकर है। काम का बोझ बढ़ गया है, लेकिन उसके अनुसार पद और संसाधन उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। आंदोलन के दौरान क्या बंद रहेगा संघ ने स्पष्ट किया है कि विरोध के 7 दिनों तक आवाहन वितरण, राशन कार्ड निर्माण और ई-केवाईसी सहित कोई भी जनहित का कार्य बाधित रहेगा। हालांकि खाद्यान्न वितरण सामान्य रूप से जारी रहेगा ताकि गरीबों को परेशानी न हो। सरकार से अपील संघ ने राज्य सरकार से मांग की है कि इन समस्याओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार कर अविलंब समाधान किया जाए। ताकि आपूर्ति पदाधिकारी और कर्मी पूर्व मनोबल के साथ सरकार की योजनाओं को धरातल पर उतार सकें। जिला प्रशासन ने पत्र प्राप्त करने की पुष्टि की है। अब देखना होगा कि सरकार इस सांकेतिक विरोध से पहले कर्मियों की मांगों पर कोई निर्णय लेती है या नहीं।



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