Friday, August 28, 2026
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नेपाल बाढ़- 392 लोगों की मौत, 1400 अभी भी लापता: 290 भारतीयों की तलाश जारी; झील टूटने पर फिर बाढ़ का खतरा


काठमांडू3 मिनट पहलेलेखक: एजेंसी इनपुट्स के साथ नेपाल से रमेश पोख्रेल

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नेपाल-तिब्बत बॉर्डर पर बुधवार सुबह आई अचानक बाढ़ ने नेपाल के रसुवा समेत कई इलाकों में भारी तबाही मचा दी। बाढ़ और भूस्खलन से दोनों देशों में अब तक 392 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि करीब 1,400 लोग अभी भी लापता हैं। इनमें करीब 290 भारतीय भी शामिल हैं।

बाढ़ का पानी तिब्बत की तरफ से नेपाल में आया था और अब जिस झील में पानी जमा है, उसके दोबारा टूटने पर फिर बाढ़ आने का खतरा बना हुआ है।

चीन ने बताया है कि रसुवागढ़ी बॉर्डर से 18 किमी ऊपर तिब्बत के ल्हेंदे नदी में एक नई बैरियर झील बन गई है। झील करीब 0.11 वर्ग किमी में फैली है। इसमें करीब करीब 200 करोड़ लीटर पानी जमा है। अगले 3 दिनों में 300 करोड़ लीटर और पानी आ सकता है।

तबाही के आंकड़े

नेपाल में

  • 389 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। 910 लोग अब भी लापता हैं।
  • लापता लोगों में 517 विदेशी नागरिक, 44 नेपाली सेना के जवान और 28 नेपाल पुलिसकर्मी शामिल हैं।

तिब्बत में

  • 3 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। 558 लोग अब भी लापता हैं।
  • लापता लोगों में 260 विदेशी नागरिक शामिल हैं।
बाढ़ से पहले और बाद की सैटेलाइट तस्वीरों में नेपाल-चीन सीमा का रसुवागढ़ी बॉर्डर पोस्ट। बाढ़ और लैंडस्लाइड के बाद पोस्ट पूरी तरह तबाह नजर आया।

बाढ़ से पहले और बाद की सैटेलाइट तस्वीरों में नेपाल-चीन सीमा का रसुवागढ़ी बॉर्डर पोस्ट। बाढ़ और लैंडस्लाइड के बाद पोस्ट पूरी तरह तबाह नजर आया।

खबर से जुड़े पल-पल के अपडेट्स के लिए नीचे दिए ब्लॉग से गुजर जाइए…

लाइव अपडेट्स

5 मिनट पहले

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सचिन ने प्रभावित परिवारों और रेस्क्यू टीमों के लिए जताई संवेदना

पूर्व भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर ने बाढ़ से प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि इससे बड़ी अनिश्चितता शायद ही कोई हो सकती है कि आपको यह पता न हो कि आपका कोई अपना सुरक्षित है या नहीं।

सचिन ने नेपाल की बाढ़ से प्रभावित सभी परिवारों के प्रति संवेदना जताते हुए कहा कि खास तौर पर उन लोगों के साथ उनकी संवेदनाएं हैं, जो अब भी किसी खबर का इंतजार कर रहे हैं। वह लापता लोगों के परिजनों और उन तक पहुंचने के लिए दिन-रात काम कर रही बचाव टीमों के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।

14 मिनट पहले

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चार जिलों से बरामद 102 शव पोखरा भेजे गए

त्रिशूली और नारायणी नदी के किनारे से बरामद कुल 102 शवों को पहचान और पोस्टमार्टम के लिए पोखरा भेजा गया है। इनमें नवलपरासी से 41, धादिंग से 27, तनहूं से 23 और गोरखा से 11 शव शामिल हैं।

इन जिलों में शवों को रखने की व्यवस्था नहीं होने के कारण भेजा गया। जिला प्रशासन अब मेडिकल प्रक्रिया पूरी होने के बाद सार्वजनिक सूचना जारी करने की तैयारी कर रहा है, ताकि शोक में डूबे परिवार अपने लापता रिश्तेदारों की पहचान कर सकें।

24 मिनट पहले

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तस्वीरों में दिखा बाढ़ का दर्द, हर चेहरे पर चिंता और मायूसी

31 मिनट पहले

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ऑस्ट्रेलिया ने नेपाल को 35 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया

ऑस्ट्रेलिया ने नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित लोगों की मदद के लिए 50 लाख ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (करीब 35 करोड़ भारतीय रुपए) की मदद देने का ऐलान किया है।

ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्रालय ने बताया कि प्रभावित ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों की मदद के लिए अतिरिक्त कर्मचारियों को भी नेपाल भेजा जा रहा है।

ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्रालय ने कहा कि बाढ़ और भूस्खलन के कारण कई सड़कें और पुल तबाह हो गए हैं। इसकी वजह से कई समुदाय अब भी दूसरे इलाकों से कटे हुए हैं और वहां पहुंचना मुश्किल है। ऐसे में तेजी से मानवीय सहायता पहुंचाना जरूरी है।

मंत्रालय के मुताबिक, नेपाल में कम से कम 39 ऑस्ट्रेलियाई नागरिक अब भी लापता हैं।

50 मिनट पहले

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तबाही से पहले और बाद की 4 सैटेलाइट तस्वीरें…

18 अक्टूबर 2023 और 27 अगस्त 2026 की सैटेलाइट तस्वीरों में नेपाल के स्याप्रुबेसी का सीमेंट प्लांट। बाढ़ के बाद इमारतें और पुल बह गए।

18 अक्टूबर 2023 और 27 अगस्त 2026 की सैटेलाइट तस्वीरों में नेपाल के स्याप्रुबेसी का सीमेंट प्लांट। बाढ़ के बाद इमारतें और पुल बह गए।

नेपाल के स्याप्रुबेसी स्थित त्रिशूली पुल की पहली सैटेलाइट तस्वीर 18 अक्टूबर 2023 की है। दूसरी तस्वीर बाढ़ के बाद 27 अगस्त की है, जिसमें पुल और आसपास की इमारतें बह गईं।

नेपाल के स्याप्रुबेसी स्थित त्रिशूली पुल की पहली सैटेलाइट तस्वीर 18 अक्टूबर 2023 की है। दूसरी तस्वीर बाढ़ के बाद 27 अगस्त की है, जिसमें पुल और आसपास की इमारतें बह गईं।

नेपाल का स्याप्रुबेसी इलाका, जहां 24 अगस्त को बर्फ से ढका ग्लेशियर नजर आ रहा था, जबकि 27 अगस्त को उसी जगह बड़ा गड्ढा और मलबा दिखाई दे रहा है।

नेपाल का स्याप्रुबेसी इलाका, जहां 24 अगस्त को बर्फ से ढका ग्लेशियर नजर आ रहा था, जबकि 27 अगस्त को उसी जगह बड़ा गड्ढा और मलबा दिखाई दे रहा है।

52 मिनट पहले

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नेपाल बाढ़ में 32 देशों के नागरिक लापता

नेपाल में बाढ़ के बाद 32 देशों के 1400 से ज्यादा नागरिक शामिल हैं। इनमें ट्रेकिंग, टूर और कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए पहुंचे लोग भी शामिल हैं। स्थानीय रिपोर्टों के मुताबिक, लापता लोगों में 113 नेपाली पर्यटक, सेना-पुलिस के 85 जवान और रसुवा जिले के 161 लोग शामिल हैं। अब तक 50 विदेशियों को हेलिकॉप्टर से सुरक्षित निकाला गया है।

लापता लोगों में भारत के 290, अमेरिका के 90, यूक्रेन के 55, मलेशिया के 51, ऑस्ट्रेलिया के 39, ब्रिटेन के 33, कनाडा के 25, दक्षिण कोरिया के 9, सिंगापुर, जर्मनी और रूस के 8-8, दक्षिण अफ्रीका और लातविया के 6-6, जापान और न्यूजीलैंड के 5-5, फ्रांस के 4 नागरिक शामिल हैं।

54 मिनट पहले

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पूर्व DRDO चेयरमैन जी. सतीश रेड्डी समेत 35 कैलाश यात्री सुरक्षित

नेपाल में बाढ़ के बीच हैदराबाद से कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गया 45 सदस्यीय दल सुरक्षित है। यह यात्रा MSR चैरिटेबल ट्रस्ट के तहत आयोजित की गई थी। दल में 35 यात्री और 10 सपोर्ट स्टाफ शामिल हैं।

इसमें पूर्व DRDO चेयरमैन जी. सतीश रेड्डी और उनका परिवार भी शामिल है। ट्रस्ट ने बताया कि सभी ने कैलाश की परिक्रमा पूरी कर ली है और अब वापस लौट रहे हैं। जिस कीरुंग रास्ते से उन्हें लौटना था, वहां बाढ़ आने के बाद चीनी और तिब्बती अधिकारियों ने उनका रास्ता बदल दिया है।

अब दल दूसरे रास्ते से नेपाल लौटेगा। यात्री गुरुवार को सागा में रुकेंगे और शुक्रवार को न्यालम पहुंचेंगे। वहां इमिग्रेशन की प्रक्रिया पूरी करने के बाद काठमांडू जाएंगे और फिर हैदराबाद लौटेंगे। सतीश रेड्डी ने भी फोन पर बताया कि सभी लोग सुरक्षित हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ के कारण वापसी का नया रास्ता तय किया जा रहा है और उम्मीद है कि वे 30 अगस्त तक दिल्ली पहुंच जाएंगे।

खबरें और भी हैं…



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