बुरहानपुर जिले की नावरा रेंज का जंगल, जो अक्टूबर 2022 से मार्च 2023 तक बड़े पैमाने पर अतिक्रमण और कटाई का शिकार हुआ था, अब फिर से हरा-भरा हो गया है। वन विभाग, जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई के बाद यहां पौधारोपण और बीज रोपण का कार्य किया गया था, जिससे दो साल में क्षेत्र की तस्वीर बदल गई है। 2022-23 के बीच बड़े पैमाने पर कब्जा हुआ था
अतिक्रमणकारियों ने अक्टूबर 2022 से मार्च 2023 के बीच नावरा रेंज के हरे-भरे पेड़ों को काटकर बड़े पैमाने पर जमीन पर कब्जा कर लिया था। यह कटाई 2020-21 से ही तेज हो गई थी, जिससे वन क्षेत्र को भारी नुकसान पहुंचा। इस स्थिति से निपटने के लिए अप्रैल 2023 में वन विभाग, जिला प्रशासन और पुलिस ने मिलकर एक बड़ा अभियान चलाया। यह कार्रवाई लगातार 17 दिनों तक चली, जिसमें बाहरी अतिक्रमणकारियों को वन क्षेत्र से बेदखल किया गया। इस दौरान एक हजार से अधिक अस्थायी झोपड़ियों को तोड़ा गया। अतिक्रमणकारियों ने पहले भी वन विभाग के कर्मचारियों, पुलिस और ग्रामीणों पर हमले किए थे। बेदखली के बाद रूटशूट लगाए गए
अतिक्रमणकारियों को बेदखल करने के तुरंत बाद, 2023 में ही वन विभाग ने बड़े पैमाने पर रिकवरी का काम शुरू किया। इसमें खंतियां खोदकर बीज रोपित किए गए और रूटशूट लगाए गए। नावरा रेंजर पुष्पेंद्र जादौन के अनुसार, दो हजार हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र को बाहरी अतिक्रमणकारियों ने नुकसान पहुंचाया था, जिसकी भरपाई के लिए यह प्रयास किए गए। आज ये बीज और रूटशूट हरियाली की चादर ओढ़ चुके हैं, जिससे क्षेत्र का जंगल एक बार फिर हरा-भरा नजर आ रहा है। हालांकि, इन पौधों को पूर्ण वृक्ष बनने में अभी कई साल लगेंगे।
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नावरा रेंज में अतिक्रमण के बाद जंगल फिर हुआ हरा-भरा: 17 दिन में 1 हजार झोपड़ियां हटाईं, 2 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बीज-रूटशूट से हरियाली लौटाई – Burhanpur (MP) News
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