रायसेन के वार्ड नंबर-4 स्थित प्राचीन रामपुर हनुमान मंदिर में वीर हनुमान का मुखौटा उठाने से पहले होने वाली करीब 40 दिन की साधना और अभ्यास को रोकने के आरोप पर विवाद बढ़ गया है। मंगलवार को ‘जय महावीर तेरी जय रघुवीर’ समिति के सैकड़ों सदस्य कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा के नाम डिप्टी कलेक्टर रोहित लोधी को ज्ञापन सौंपकर मंदिर के पुजारी भोले स्वरूप महाराज को हटाने की मांग की। 40 दिन तक साधना और अभ्यास की परंपरा समिति के सदस्यों का आरोप है कि मंदिर के पुजारी भोले स्वरूप महाराज करीब 65 साल पुरानी परंपरा में अड़चन डाल रहे हैं। समिति के अनुसार, वीर हनुमान का मुखौटा उठाने वाले साधक रामपुर मंदिर में करीब 40 दिन तक ब्रह्मचर्य का पालन करते हैं। इस दौरान साधक सुबह 4 बजे उठकर व्यायाम, साधना और पूजा-अर्चना करते हैं। समिति का आरोप है कि इसी प्रक्रिया को रोकने की कोशिश की जा रही है। पुजारी को मंदिर से हटाने की मांग समिति ने पुजारी भोले स्वरूप महाराज को मंदिर से हटाने की मांग की है। सदस्यों ने कहा कि वीर हनुमान का मुखौटा उठाने से पहले होने वाली साधना और अभ्यास की परंपरा वर्षों से चली आ रही है और इसमें किसी तरह की दखलंदाजी स्वीकार नहीं की जाएगी। परंपरा में दखल जारी रहा तो मुखौटा नहीं उठाने की चेतावनी समिति के सदस्यों ने कहा कि यदि परंपरा में दखलंदाजी जारी रही और पुजारी को मंदिर से नहीं हटाया गया, तो इस साल दशहरा और रामलीला मेले के समापन पर वीर हनुमान का मुखौटा नहीं उठाया जाएगा। समिति ने प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि करीब 65 साल पुरानी इस परंपरा को लेकर यदि कोई अप्रिय स्थिति बनती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
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हनुमान मंदिर की 65 साल पुरानी परंपरा रोकने का आरोप: समिति के सदस्यों ने पुजारी को हटाने की मांग को लेकर ज्ञापन दिया – Raisen News
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