भारत के हर राज्य के खानपान की अपनी अलग पहचान है. कहीं सुबह पोहा और जलेबी खाई जाती है, तो कहीं पराठे और इडली नाश्ते का हिस्सा होते हैं. केरल में भी एक ऐसा पारंपरिक नाश्ता है, जो अपनी सादगी और स्वाद के लिए जाना जाता है. इसका नाम है पुट्टू-कडला करी. चावल के आटे, नारियल और काले चने से बनने वाली यह डिश केरल के घरों से लेकर स्थानीय भोजनालयों तक में पसंद की जाती है.
पुट्टू-कडला करी असल में दो अलग-अलग चीजों का मेल है. पहली है पुट्टू, जो चावल के आटे और कद्दूकस किए हुए नारियल से बनता है. दूसरी है कडला करी, जिसे काले चने और मसालों की मदद से तैयार किया जाता है. दोनों को एक साथ खाने पर अलग तरह का स्वाद मिलता है.
पुट्टू बनाने के लिए चावल के आटे में थोड़ा पानी और नमक मिलाया जाता है. ध्यान रखा जाता है कि आटा न तो बहुत सूखा रहे और न ही गीला होकर चिपकने लगे. इसके बाद इसे नारियल की परतों के साथ एक खास बर्तन में भरकर भाप में पकाया जाता है. पकने के बाद पुट्टू नरम और हल्का भुरभुरा हो जाता है.
कडला करी में क्या होता है खास?
पुट्टू का स्वाद हल्का होता है, इसलिए इसके साथ मसालेदार करी परोसी जाती है. कडला करी बनाने के लिए काले चनों को पहले भिगोया जाता है और फिर अच्छी तरह पकाया जाता है. इसके बाद प्याज, करी पत्ते और दूसरे मसालों के साथ इसकी ग्रेवी तैयार की जाती है. कई घरों में करी का स्वाद बढ़ाने के लिए नारियल का भी इस्तेमाल किया जाता है.
इस करी की खासियत यह है कि इसमें चने का भरपूर स्वाद मसालों के साथ मिल जाता है. इसे पुट्टू के साथ खाने पर सूखे और नरम चावल के मिश्रण को ग्रेवी का स्वाद मिलता है. यही मेल इस नाश्ते को अलग बनाता है.
केरल में क्यों पसंद किया जाता है यह नाश्ता?
केरल के पारंपरिक खानपान में चावल और नारियल का इस्तेमाल काफी आम है. पुट्टू-कडला करी में ये दोनों चीजें मुख्य भूमिका निभाती हैं. चावल से पुट्टू तैयार होता है, जबकि नारियल इसकी परतों और कई बार करी में भी इस्तेमाल किया जाता है. काले चने इस भोजन को ज्यादा भरपूर बनाते हैं.
इस डिश को आमतौर पर सुबह के नाश्ते में खाया जाता है. हालांकि, इसे बनाने का तरीका हर घर में थोड़ा अलग हो सकता है. कोई करी को ज्यादा गाढ़ा रखता है, तो कोई उसमें मसालों का स्वाद अधिक पसंद करता है. इसी तरह पुट्टू में नारियल की मात्रा भी पसंद के अनुसार बदली जा सकती है. इस पारंपरिक नाश्ते को घर पर बनाने के लिए बहुत ज्यादा सामग्री की जरूरत नहीं होती. चावल का आटा, नारियल, काले चने और रोजमर्रा के मसाले इसके मुख्य हिस्से हैं.

