तिराना4 घंटे पहले
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अल्बानिया में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने रविवार को प्रधानमंत्री कार्यालय के बाहर रखी कुर्सियों में आग लगा दी। प्रधानमंत्री एडी रामा ने छात्रों से बातचीत करने के लिए ये कुर्सियां और पत्थर की एक बड़ी मेज रखवाई थी। कुर्सियों पर ‘डायलॉग’ यानी बातचीत लिखा था, लेकिन छात्रों ने बातचीत के इस प्रस्ताव को ठुकरा दिया। उन्होंने कुर्सियों पर ‘इस्तीफा’ लिखकर अपना विरोध जताया।
राजधानी तिराना में छात्र और युवा पिछले 13 दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। रविवार को प्रदर्शनकारी पहले शिक्षा मंत्रालय के बाहर जुटे। यहां उन्होंने कुछ देर तक प्रदर्शन किया और इमारत पर पत्थर भी फेंके। इसके बाद वे प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर बढ़ गए और वहां रखी कुर्सियों में आग लगा दी।

प्रधानमंत्री एडी रामा कुर्सियों पर 20 अक्टूबर को ‘डायलॉग’ लिखी पर्चियां रखते हुए।

प्रधानमंत्री कार्यालय के बाहर बातचीत के लिए रखी कुर्सियां जलाते हुए प्रदर्शनकारी। तस्वीर 25 अक्टूबर 2026 की है।

तिराना में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान पुलिस के सामने खड़ी प्रदर्शनकारी। तस्वीर 25 अक्टूबर की है।
अल्बानिया में छात्रों की मांगें क्या है?
- विश्वविद्यालयों में पढ़ाई और सुविधाओं की स्थिति सुधारी जाए।
- पढ़ाई का खर्च कम किया जाए और छात्रों को आर्थिक मदद मिले।
- पढ़ाई पूरी करने के बाद युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएं।
- भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच हो और सरकार जवाबदेही तय करे।
- प्रधानमंत्री एदी रामा इस्तीफा दें।

तिराना में छात्रों के सरकार विरोधी प्रदर्शन के दौरान सुरक्षाघेरा बनाए हुए पुलिसकर्मी। तस्वीर 24 अक्टूबर 2026 की है।
ट्रम्प के दामाद के लग्जरी रिसॉर्ट बनाने का भी विरोध
एदी रामा सरकार के खिलाफ शुरू हुआ विरोध अब भ्रष्टाचार, शिक्षा, रोजगार और पर्यावरण से जुड़े कई मुद्दों पर फैल गया है। इस विरोध की एक बड़ी वजह सरकारी अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं।
इसके अलावा, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के दामाद जेरेड कुशनर से जुड़ी लग्जरी रिसॉर्ट परियोजना को लेकर भी कई महीनों से नाराजगी है।
योजना के तहत दो प्रमुख क्षेत्रों में पर्यटन विकास की बात है:
सान्जान द्वीप: एड्रियाटिक सागर में स्थित यह द्वीप बड़े पर्यटन परिसर के लिए प्रस्तावित है।
व्योसा-नार्ता का तटीय इलाका: यह दक्षिणी अल्बानिया का संवेदनशील प्राकृतिक क्षेत्र है, जहां फ्लेमिंगो समेत कई पक्षी और समुद्री जीव पाए जाते हैं।
परियोजना से जुड़े प्रस्ताव में लग्जरी होटल, विला, अपार्टमेंट और नौकाओं के लिए बंदरगाह जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
पर्यावरण संगठनों को आशंका है कि बड़े निर्माण से समुद्र तट, आर्द्रभूमि और वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास को नुकसान पहुंच सकता है। इस इलाके में प्रवासी पक्षियों के अलावा समुद्री कछुए और सील जैसे जीव भी पाए जाते हैं।
पश्चिमी अल्बानिया के नार्ता लैगून क्षेत्र का इलाका। यहां जेरेड कुशनर से जुड़ी तटीय विकास की एक बड़ी परियोजना का विरोध हो रहा है।
हिंसक प्रदर्शन के बाद नया कानून लाएंगे रामा
प्रधानमंत्री एडी रामा ने हिंसा और शहर में तोड़फोड़ रोकने के लिए नए कानूनी उपायों का ऐलान किया है। इसके तहत हिंसा में नुकसान उठाने वाले कारोबारियों को मुआवजा दिया जाएगा। छोटे कारोबारियों को नुकसान का पूरा मुआवजा मिलेगा, जबकि बड़े कारोबारियों को 70% रकम दी जाएगी।
- रामा ने कहा है कि सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों को इसकी भरपाई करनी होगी।
- नुकसान की भरपाई जनता के टैक्स के पैसे से नहीं, बल्कि जिम्मेदार लोगों से कराई जाएगी।
- अगर कोई व्यक्ति जानता है कि भीड़ में हिंसा हो रही है और संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, फिर भी वहां बना रहता है, तो उस पर 5 लाख लेक (करीब ₹5.7 लाख) तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।
- नाबालिगों के जुर्माने और नुकसान की भरपाई की जिम्मेदारी उनके माता-पिता से होगी।
पत्रकारों, डॉक्टरों, निगरानी करने वालों, ड्यूटी पर तैनात सरकारी कर्मचारियों और वहां से गुजर रहे लोगों को इससे छूट मिलेगी। नए नियमों से लोगों के प्रदर्शन करने और अपनी बात रखने की आजादी पर रोक नहीं लगेगी।
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