2 घंटे पहले
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ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने अमेरिका और इजराइल को चेतावनी दी है कि अगर दोनों देशों ने दोबारा हमला किया तो ईरान उसका तुरंत जवाब देगा। उन्होंने कहा कि जंग कब और किन शर्तों पर खत्म होगी, यह भी ईरान तय करेगा।
खामेनेई ने शनिवार को ईरान की सेना के वरिष्ठ कमांडरों के साथ बैठक में यह बयान दिया। इसके बाद उनका बयान टेलीग्राम अकाउंट पर जारी किया गया।
सुप्रीम लीडर खामेनेई ने सेना को किसी भी खतरे का जवाब देने के लिए तैयार रहने का आदेश भी दिया है। उन्होंने यह भी कहा है कि जवाबी हमले के लिए किसी भौगोलिक सीमा की पाबंदी नहीं होगी।
खामेनेई ने हमले के लिए नई टारगेट लिस्ट बनाने को कहा
खामेनेई ने ईरानी सेना को अमेरिका और इजराइल के सैन्य ठिकानों और दूसरी संपत्तियों की नई सूची तैयार करने का आदेश भी दिया है, ताकि जरूरत पड़ने पर उन्हें निशाना बनाया जा सके।
वहीं, अमेरिकी न्यूज चैनल MS NOW की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प प्रशासन ने खाड़ी देशों को अलर्ट रहने को कहा है। तीन वरिष्ठ अधिकारियों के हवाले से रिपोर्ट में बताया गया है कि अमेरिका ने 4 नवंबर से ईरान पर संभावित हमले की तैयारी करने को कहा है।
अधिकारियों के मुताबिक, हमला ज्यादा समय तक नहीं चलेगा, लेकिन काफी घातक हो सकता है।
अराघची बोले- अमेरिकी हमले की आशंका से इनकार नहीं
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अल जजीरा को दिए इंटरव्यू में कहा कि उनका देश अमेरिका के एक और हमले की आशंका को खारिज नहीं कर सकता। उन्होंने कहा, हमारी सेनाएं पूरी तरह तैयार हैं।
अराघची ने यह भी बताया कि ईरान को अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का एक पत्र मिला है। ईरान के बड़े अधिकारियों ने इस पर चर्चा की है। फिलहाल अमेरिकी अधिकारियों के साथ सीधे बैठक की कोई योजना नहीं है। आगे बातचीत आमने-सामने होगी या मध्यस्थों के जरिए, यह ईरान की शर्तें पूरी होने पर निर्भर करेगा।
अराघची ने यह भी माना है कि अमेरिकी आर्थिक प्रतिबंधों का ईरान पर असर पड़ा है। इससे देश की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा है। लेकिन उन्होंने कहा कि ईरान इन दबावों के आगे झुकने वाला नहीं है। उन्होंने कहा, ‘हम आत्मसमर्पण नहीं करेंगे।’

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा है कि परमाणु कार्यक्रम का मुद्दा अमेरिका के लिए सिर्फ एक बहाना है। (फाइल फोटो)
अमेरिकी विदेश मंत्री बोले- ट्रम्प बातचीत से मामला सुलझाना चाहते हैं
अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने शनिवार को अटलांटा में G20 की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ईरान को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर दोबारा हमला करने का अभी कोई फैसला नहीं लिया है।
ट्रम्प फिलहाल बातचीत के जरिए मामला सुलझाना चाहते हैं, लेकिन जरूरत पड़ने पर अमेरिका सैन्य कार्रवाई भी कर सकता है। रुबियो ने ईरान पर आरोप लगाया कि वह अपनी मांगें मनवाने के लिए जहाजों पर हमले करने और पड़ोसी देशों के तेल-गैस ठिकानों को तबाह करने की धमकी दे रहा है।

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो अटलांटा में G20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक से इतर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए। तस्वीर 31 अक्टूबर 2026 की है।
अमेरिका संग बातचीत में ईरान की तीन बड़ी मांगें
- तेल बेचने की छूट बहाल हो: ईरान चाहता है कि अमेरिका उसे तेल बेचने की पहले जैसी छूट दें।
- आर्थिक प्रतिबंध हटें: ईरान पर लगे अमेरिकी प्रतिबंध खत्म किए जाएं, ताकि उसकी अर्थव्यवस्था को राहत मिले।
- कतर में जमा 6 अरब डॉलर वापस मिलें: ईरान चाहता है कि कतर में रोकी गई उसकी करीब 6 अरब डॉलर की रकम उसे वापस दी जाए।
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