Thursday, May 28, 2026
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एअर इंडिया बोला- ड्रीमलाइनर सबसे सुरक्षित प्लेन: दुनियाभर में इसकी हजार से ज्यादा फ्लाइट्स; PAC को अहमदाबाद प्लेन क्रैश की रिपोर्ट सौंपी


नई दिल्ली/मुंबई2 घंटे पहले

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12 जून को अहमदाबाद प्लेन क्रैश में 270 लोगों की मौत हुई थी।

अहमदाबाद प्लेन क्रैश मामले में एअर इंडिया ने पब्लिक अकाउंट्स कमेटी (PAC) को रिपोर्ट सौंपी है। इसमें कहा गया है कि ड्रीमलाइनर प्लेन सबसे ज्यादा सुरक्षित विमानों से एक हैं। दुनियाभर में इसकी हजार से ज्यादा फ्लाइट्स हैं।

इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, एयरलाइन ने PAC की बैठक के दौरान अपना पक्ष रखते हुए ड्रीमलाइनर पर बयान दिया है। हालांकि, बैठक एयरपोर्ट पर लेवी चार्जेस लगाने पर चर्चा के लिए थी।

वहीं, मंगलवार को अहमदाबाद प्लेन क्रैश की जांच कर रहे विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय MOCA को अपनी प्राइमरी रिपोर्ट सौंपी। AAIB अमेरिका के राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड (NTSB) के साथ मिलकर काम कर रहा है।

12 जून को अहमदाबाद से लंदन जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI 171 टेकऑफ के कुछ ही देर बाद एक मेडिकल हॉस्टल की इमारत से टकरा गई थी। इसमें 270 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें 241 यात्री और क्रू मेंबर शामिल थे। सिर्फ एक यात्री इस हादसे में जिंदा बचा है।

एविएशन के सेफ्टी प्रोसीजर पर सवाल

रिपोर्ट के मुताबिक, PAC कमेटी में शामिल सांसदों ने सेफ्टी प्रोसिजर पर एविएशन अधिकारियों से जवाब मांगा। BCAS से तत्काल ऑडिट की मांग की। बैठक में DGCA की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए गए।

इसके साथ ही हाल के सिक्योरिटी लैप्स पर चिंता जताई। पहलगाम आतंकी हमले के बाद हवाई किराया महंगा होने को कंट्रोलर की विफलता बताया।

कमेटी ने अहमदाबाद प्लेन क्रैश की जांच के लिए बनाई कमेटी के सिलेक्शन के आधार की भी जानकारी मांगी। सवाल किया कि- विदेशी एविएशन एक्सपर्ट को जांच में शामिल किया गया, क्या उनकी राय ली गई?

इस पर एअर इंडिया ने कहा- प्लेन क्रैश को लेकर हम भी चिंता में हैं। फिलहाल ऑफिशियल रिपोर्ट का इंतजार है।

ये अधिकारी बैठक में मौजूद रहे

मीटिंग में एअर इंडिया CEO विल्सन कैंपबेल, नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MOCA), नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA), एयरपोर्ट्स इकोनॉमिक रेगुलेटरी अथॉरिटी (AERA), भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) और नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (BCAS) के सीनियर अफसर मौजूद थे। बैठक में एअर इंडिया के अलावा इंडिगो, अकासा एयर समेत दूसरी एयरलाइन्स के सीनियर अधिकारी भी मौजूद थे।

अहमदाबाद विमान हादसे का फोटो-वीडियो इन्वेस्टिगेशन

इसी हफ्ते न्यूयॉर्क टाइम्स (NYT) ने हादसे के फोटो-वीडियो और ऑडियो का विश्लेषण किया था। एविएशन सिक्योरिटी स्पेशलिस्ट, पूर्व पायलटों, जांचकर्ताओं और ऑडियो एक्सपर्ट की मदद से किया गया, यह एनालिसिस संकेत देता है कि विमान का टेकऑफ नॉर्मल था। विमान में खराबी हवा में शुरू हुई।

NYT की रिपोर्ट के मुताबिक टेकऑफ से पहले विमान ने विंग फ्लैप और स्लैट्स को खोला, रनवे की पूरी लंबाई का उपयोग कर जनरल पॉइंट से उड़ान भरी, लेकिन उड़ान के कुछ सेकेंड बाद लैंडिंग गियर पूरी तरह बंद नहीं हो पाया।

चार पहलुओं पर NYT की इन्वेस्टिगेशन में क्या संकेत मिले…

1. टेकऑफ: AI 171 ने रनवे के जिस पॉइंट से उड़ान भरी थी, पिछले सात टेकऑफ भी लगभग उसी जगह से हुए थे

  • हादसे के बाद AI 171 का टेकऑफ जांच के दायरे में था। सवाल था- क्या टेकऑफ के समय कोई पूर्व चेतावनी के संकेत दिखे थे।
  • पैनल में शामिल कई विशेषज्ञों ने कहा- टेकऑफ सामान्य था। ऐसा नहीं लगा कि जमीन पर विमान को इंजन से आवश्यक थ्रस्ट नहीं मिल रहा था।
  • सीसीटीवी फुटेज और फ्लाइट डेटा विश्लेषण बताता है कि विमान ने जिस पॉइंट से रनवे छोड़ा, वहां से पहले भी सात बार उड़ान भर चुका था।
  • NYT ने CCTV की संभावित स्थिति तय की और इससे टेकऑफ बिंदु का अनुमान लगाया।
  • फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार दोपहर 1:34 बजे विमान रनवे के बगल में टैक्सी कर रहा था। 5 मिनट बाद 1:39 बजे विमान रनवे के छोर के पास हवा में था। विमान 1:38 बजे जब फ्रेम में आता है तो जो स्थिति थी, वह तभी संभव है, जब उसने बैकट्रैक किया हो यानी उड़ान भरने के लिए रनवे के एक सिरे तक पहुंचा हो।
  • विमान की हवा में शुरुआती दिशा कुछ हद तक सामान्य है। उड़ान डेटा दिखाता है कि यह AI 171 की पिछली 7 उड़ानों से अलग नहीं थी। पूर्व पायलट जॉन कॉक्स कहते हैं, ‘जब विमान हवा में आया तो प्रारंभिक चढ़ाई की दर काफी सामान्य दिखी’।

2. स्लैट्स,फ्लैप्सः दोनों फैली हुई स्थिति में थे, यानी टेकऑफ की शुरुआत में पायलटों ने कुछ मानक प्रक्रियाएं अपनाईं

  • टेकऑफ के तुरंत बाद विमान गिरने से चिंता बढ़ी कि क्या उसके पंखों पर स्लैट्स और फ्लैप्स टेकऑफ के लिए विस्तारित (एक्सटेंडेड) थे। ये अमूमन उड़ान से पहले खोले जाते हैं, ताकि लिफ्ट के लिए सतह क्षेत्र बढ़ जाए।
  • मलबे की एक तस्वीर में दाहिने पंख पर स्लैट्स विस्तारित स्थिति में दिख रहे हैं। इससे यह संकेत मिलता है कि वे शायद टेकऑफ से पहले सक्रिय किए गए थे।
  • छत से शूट किए गए क्रैश के वीडियो में विमान के दाहिने पंख के अगले भाग पर हल्की छाया दिख रही है। यह संकेत देता है स्लैट्स संभवतः विस्तारित थे।
  • कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि वीडियो की गुणवत्ता के आधार पर स्लैट्स की स्थिति पर निश्चित रूप से कुछ भी कहना कठिन है। फिर भी यह इस बात का एक और प्रमाण है कि टेकऑफ की शुरुआत में पायलटों ने मानक प्रक्रियाएं पूरी की थीं।

एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन में दुर्घटना जांचकर्ता रहे शॉन प्रुचनिकी कहते हैं, जलने के निशान दिखाते हैं कि स्लैट्स या तो इम्पैक्ट से पहले या जमीन पर विस्फोट के समय विस्तारित थे। पंखों के पिछले किनारों पर स्थित फ्लैप्स भी तैनात थे, भले वीडियो में स्पष्ट नहीं दिख रहे। बोइंग 787-8 विमानों में जब पायलट फ्लैप्स सक्रिय करते हैं, तो स्लैट्स अपने आप विस्तारित हो जाते हैं।

3. लैंडिंग गियर (यही दिक्कत का पहला संकेत): कॉकपिट से इन्हें समेटने की प्रक्रिया शुरू तो हुई, लेकिन यह पूरी नहीं हो सकी…

  • वीडियो विश्लेषण में टेकऑफ के तुरंत बाद दिक्कत का पहला संकेत मिला। यह था- लैंडिंग गियर का विमान के अंदर पूरी तरह वापस न जाना।
  • टेकऑफ के बाद पायलट लैंडिंग गियर खींचते हैं। विमान खुले लैंडिंग गियर के साथ भी उड़ सकता है, पर ड्रैग घटाने पायलट इसे खींच लेते हैं।
  • वीडियो में टेकऑफ के बाद लैंडिंग गियर ट्रक फ्रंट व्हील डाउन स्थिति में दिखता है। यह संकेत है कि कॉकपिट से लैंडिंग गियर समेटने की प्रक्रिया शुरू तो हुई, लेकिन यह बीच में ही रुक गई।
  • नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड के पूर्व सदस्य जॉन गोगलिया कहते हैं, गियर सही स्थिति में होना जरूरी है, ताकि वह विमान में ठीक से समा सके। लगता है कि पायलटों ने लैंडिंग गियर बंद करने की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन पूरा नहीं कर सके। शायद बिजली फेल हाेने के कारण। इससे हाइड्रॉलिक पावर प्रभावित हुई।

आपातकालीन पावर जनरेटर सक्रिय हो गया था

  • बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर में बिजली, हाइड्रॉलिक या इंजन पावर फेल होने पर ऑप्शनल पावर स्रोत विमान के निचले हिस्से से बाहर आता है। इसे रैम एयर टरबाइन कहते हैं। यह आपात लैंडिंग में मदद लायक पावर देता है।
  • उड्डयन विशेषज्ञों ने क्रैश के वीडियो में सुनी विशिष्ट ध्वनि को आपातकालीन पावर जनरेटर एक्टिव होने का प्रमाण बताया। फोरेंसिक ऑडियो विश्लेषण के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त विमान की आवाज उस उदाहरण से 97% से अधिक मेल खाती है, जिसमें आपातकालीन टरबाइन सक्रिय था।

4. झटका (यह बेहद असामान्य बात): विमान में झटका या साइड मूवमेंट नहीं दिखा, यानी दोनों इंजन एक साथ खराब हुए…

  • संकेत हैं कि टेकऑफ के बाद इंजन फेल हो गए। अक्सर एक इंजन फेल होने पर विमान झुकता है या साइड मूवमेंट करता है। पायलट या विमान का सिस्टम इसे ठीक करता है। दोनों वीडियो में ऐसा कुछ नहीं दिखा।
  • एफएए के पूर्व जांचकर्ता जेफ गजेट्टी कहते हैं, ‘एसिमेट्रिक थ्रस्ट का कोई संकेत नहीं। यॉइंग, रडार डिफ्लेक्शन नहीं। इंजन से धुआं या आग नहीं। यानी पावर का सिमेट्रिकल लॉस था।’ यह संकेत है कि दोनों इंजन एक साथ खराब हुए। यह बेहद असामान्य स्थिति है।
  • इंजन फेल होने की वजहों में दूषित ईंधन स्रोत, टेकऑफ से पहले उड़ान पैरामीटर्स के गलत इनपुट जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

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अहमदाबाद प्लेन क्रैश से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें….

पायलट ने 2000 से ज्यादा जानें बचाईं: कुछ सेकेंड पहले ही डाउन कर दिया था प्लेन, 3 सेकेंड की देरी से बहुत बड़ी तबाही होती

अहमदाबाद में 12 जून को ​एअर इंडिया विमान हादसे में जान गंवाने वालों की संख्या हजारों में हो सकती थी। हालांकि, कैप्टन सुमीत सभरवाल (56) की सूझबूझ की वजह से कई जानें बच गईं। सूत्रों के अनुसार, कैप्टन सुमीत काे जब ये अहसास हो गया कि वे विमान क्रैश होने से नहीं रोक सकेंगे तो उन्होंने जानबूझकर विमान को ऐसी जगह गिराया जहां नुकसान कम से कम हो। पूरी खबर पढ़ें…

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