मधेपुरा के बीएन मंडल विश्वविद्यालय (BNMU) की स्नातक द्वितीय सेमेस्टर परीक्षा के दौरान एक छात्रा का परीक्षा हॉल में भोजपुरी गाने पर रील बनाने का मामला सामने आया है।
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सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो में छात्रा अपना एडमिट कार्ड भी दिखाती नजर आ रही है। मामले को गंभीरता से लेते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।
वायरल वीडियो में छात्रा भोजपुरी गीत “पढ़े न जाइब पढ़ाई… कोचिंग क्लास करे के… माई रे, चुमा मांगे ले मास्टरवा, मैट्रिक पास करे के…” पर रील बनाती दिखाई दे रही है।
वीडियो में वह विश्वविद्यालय का एडमिट कार्ड भी प्रदर्शित करती नजर आती है। इससे परीक्षा की गोपनीयता और परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
इंस्टाग्राम पर अपलोड हुआ वीडियो, बाद में प्रोफाइल प्राइवेट
यह वीडियो इंस्टाग्राम पर ‘काजल विष्णु’ नामक यूजर अकाउंट से अपलोड किया गया था। वीडियो के कैप्शन में “बीए सेकंड सेमेस्टर एग्जाम टाइम मस्ती,
आरजेएम कॉलेज सहरसा” लिखा गया था। वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद संबंधित इंस्टाग्राम प्रोफाइल को प्राइवेट कर दिया गया।
रमेश झा महिला कॉलेज का बताया जा रहा वीडियो
कथित तौर पर यह वीडियो बीएनएमयू के अंतर्गत रमेश झा महिला कॉलेज, सहरसा में आयोजित बीए द्वितीय सेमेस्टर परीक्षा के दौरान बनाया गया बताया जा रहा है।
हालांकि, वायरल वीडियो की सत्यता या उसके वास्तव में परीक्षा केंद्र के अंदर बनाए जाने की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। विश्वविद्यालय भी जांच पूरी होने तक वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं कर रहा है।

विश्वविद्यालय ने कहा- जांच के बाद होगी कार्रवाई
परीक्षा नियंत्रक प्रो. अरुण कुमार झा ने बताया कि उन्हें अभी तक इस संबंध में कोई प्रामाणिक सूचना नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो किस कॉलेज और किस परीक्षा का है,
इसकी जांच कराई जा रही है। संबंधित अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए जा रहे हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पहले से लागू है मोबाइल पर पूर्ण प्रतिबंध
गौरतलब है कि विश्वविद्यालय ने 25 जून 2026 को सभी परीक्षा केंद्राधीक्षकों को लिखित निर्देश जारी कर परीक्षा केंद्रों के भीतर मोबाइल फोन, ब्लूटूथ और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया था।
निर्देश में स्पष्ट कहा गया था कि किसी भी परिस्थिति में परीक्षा हॉल के अंदर मोबाइल या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नहीं रहने चाहिए।

वीडियो वायरल होने पर निष्कासन का भी था निर्देश विश्वविद्यालय ने यह भी चेतावनी दी थी कि यदि किसी परीक्षा केंद्र से परीक्षा का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होता है, तो संबंधित छात्र को तत्काल निष्कासित करते हुए इसकी सूचना परीक्षा नियंत्रक कार्यालय को भेजी जाए।
सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल इसके बावजूद परीक्षा हॉल के अंदर कथित तौर पर रील बनाए जाने का मामला सामने आने से विश्वविद्यालय की निगरानी व्यवस्था और परीक्षा केंद्रों पर लागू सुरक्षा उपायों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
अब पूरे मामले में विश्वविद्यालय की जांच रिपोर्ट का इंतजार है, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

