Homemade Desi Ghee Recipe: देसी घी हमारे किचन का ऐसा खजाना है, जो सिर्फ खाने का स्वाद ही नहीं बढ़ाता, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माना जाता है. पुराने जमाने में घर-घर में गाय या भैंस का दूध आता था, जिसे उबालकर छाछ मथी जाती थी और मक्खन बनाकर घी तैयार किया जाता था, लेकिन आज की तेज रफ्तार जिंदगी में रोज दूध उबालना, छाछ मथना और मक्खन निकालना किसी के बस की बात नहीं रह गई. यही वजह है कि कई लोग सोचते हैं कि घर पर शुद्ध देसी घी बनाना मुश्किल है, अगर आप भी यही सोचते हैं, तो अब चिंता की कोई जरूरत नहीं है. अब ना मक्खन बनाने की झंझट है, ना छाछ मथने की मेहनत. सिर्फ दूध की मलाई और एक आसान सा तरीका अपनाकर आप मिनटों में ढेर सारा स्वादिष्ट और खुशबूदार देसी घी बना सकते हैं. यह तरीका न सिर्फ समय बचाता है, बल्कि मेहनत भी कम करता है. इसके अलावा, घर पर बना घी बाजार वाले घी से कई गुना शुद्ध और प्राकृतिक होता है.
क्या वाकई सिर्फ मलाई से घी बन सकता है?
कई लोग सोचते हैं कि घी बनाने के लिए मक्खन बनाना जरूरी है. असल में, दूध की मलाई में पर्याप्त फैट होता है, जिससे घी तैयार किया जा सकता है, अगर मलाई सही तरीके से इकट्ठा की जाए और उसमें एक खास चीज मिलाई जाए, तो मक्खन निकाले बिना भी आसानी से घी बनाया जा सकता है. यह तरीका उन लोगों के लिए बेहद फायदेमंद है जो रोज दूध उबालते हैं और ऊपर की मलाई जमा करते रहते हैं.
घी बनाने के लिए कौन-सी चीज मिलानी है?
इस तरीके की सफलता का राज है थोड़ा सा दही. दही मिलाने से मलाई जल्दी पकती है, जले नहीं और घी का रंग और खुशबू दोनों बढ़िया आता है. दही फैट को सही तरीके से अलग करने में मदद करता है, जिससे ज्यादा घी निकलता है.
सिर्फ मलाई से घी बनाने का आसान तरीका
1. मलाई इकट्ठा करें
रोज दूध उबालने के बाद ऊपर जमी मलाई को साफ डिब्बे में निकालें और फ्रिज में रखें. लगभग 7-10 दिन में जब अच्छी मात्रा जमा हो जाए, तब घी बनाएं.
2. मलाई को कमरे के तापमान पर लाएं
फ्रिज से निकालने के बाद मलाई को 1-2 घंटे कमरे में रखें ताकि वह ज्यादा ठंडी न रहे.
3. दही मिलाएं
हर 1 कप मलाई में 1-2 चम्मच दही डालें और हल्के हाथ से मिलाएं. ज्यादा दही न डालें, वरना स्वाद पर असर पड़ सकता है.
4. धीमी आंच पर पकाएं
मलाई को मोटे तले वाले पैन में डालें और धीमी आंच पर रखें. बीच-बीच में चलाते रहें ताकि मलाई जले नहीं.
5. घी अलग होने दें
कुछ ही समय में मलाई पिघलने लगेगी और ऊपर साफ घी तैरने लगेगा. नीचे दूध के ठोस कण (मावा जैसे) बैठ जाएंगे.
6. छानकर स्टोर करें
जब घी सुनहरा हो जाए और खुशबू आने लगे, गैस बंद कर दें. ठंडा होने पर छानकर कांच के जार में भरें.

घर का बना घी क्यों है बाजार वाले से बेहतर?
-शुद्ध और प्राकृतिक: बिना किसी केमिकल या प्रिज़र्वेटिव के.
-स्वाद बढ़ाए: खाने का स्वाद कई गुना बढ़ता है.
-सेहतमंद: पाचन मजबूत करता है और इम्यूनिटी बढ़ाता है.
-कम मेहनत और समय: मक्खन या छाछ की जरूरत नहीं.
कुछ जरूरी सावधानियां
-आंच हमेशा धीमी रखें.
-पैन मोटे तले वाला हो.
-मलाई पुरानी या बदबूदार न हो.
-घी को नमी से दूर रखें.
फायदे
-मक्खन और छाछ बनाने की झंझट नहीं.
-समय और मेहनत दोनों की बचत.
-ज्यादा और शुद्ध घी.
-बेहतर खुशबू और रंग.

