IVF सेंटर सीकर के जनाना हॉस्पिटल में संचालित होता था।
सीकर के राजकीय जनाना अस्पताल में संचालित हुए प्रताप आईवीएफ सेंटर की डॉ सुमन तंवर और काउंसलर मीरा देवी के खिलाफ 1.80 लाख रुपए की ठगी का मामला दर्ज हुआ है। IVF तकनीक से बच्चा पैदा करने के नाम पर महिला से यह रुपए लिए गए। अब कोतवाली पुलिस मामले की जांच क
.
लक्ष्मणगढ़ निवासी महिला ने कोतवाली पुलिस थाने में शिकायत देकर बताया कि उनके संतान नहीं हो रही थी। ऐसे में वह सीकर के नेहरू पार्क के सामने जनाना अस्पताल में संचालित प्रताप आईवीएफ सेंटर में इलाज लेने के लिए गई। वहां उन्हें डॉ सुमन तंवर और काउंसलर मीरा देवी मिली। जिन्होंने इलाज का भरोसा दिलाया और 1.80 लाख रुपए जमा करवाने को कहा।
महिला ने वह रुपए जमा करवा दिए। इसके बाद महिला को दवाइयां लिखकर दी गई जो उन्होंने बाहर से ले ली। इसके बाद डॉ सुमन तंवर और काउंसलर मीरा महिला को मैसेज पर दवाइयां लिखकर भेजती रही जिन्हें महिला लेती रही। कुछ दिनों बाद जब महिला चेकअप के लिए हॉस्पिटल गई तो उन्हें पता लगा कि डॉ सुमन तंवर और काउंसलर आईवीएफ सेंटर के ताला लगाकर भाग गए हैं।
जब महिला ने अस्पताल स्टाफ के मोबाइल से उन्हें कॉल किया तो दोनों ने कहा कि जनवरी या फरवरी 2026 में सेंटर वापस चालू हो जाएगा। इसके बाद महिला कई बार हॉस्पिटल गई लेकिन उन्हें हमेशा आईवीएफ सेंटर बंद मिला।
एक दिन जनाना अस्पताल में उन्हें काउंसलर मीरा देवी मिली। जब उन्हें पैसों के बारे में कहा गया तो उसने कहा कि तुम्हारे पैसों का कोई हिसाब नहीं है। न ही तुम्हारे रुपए मेरे पास है। ना ही मेरे पास तुम्हारा कोई इलाज है। तुम्हें जो कार्रवाई करनी है वह कर लो हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा।
दरअसल महिला ने 21 मई को सीकर जिला कलेक्टर आशीष मोदी द्वारा आयोजित जनसुनवाई में यह शिकायत दी थी। जिसके बाद मुकदमा दर्ज हुआ। फिलहाल मामले की जांच ASI तूफान सिंह कर रहे हैं।
दरअसल इस आईवीएफ सेंटर में 7 महीने पहले करोड़ों रुपए का सामान गायब होने का भी मामला सामने आया था। तब डॉ सुमन तंवर और डॉ विक्रम सिंह ने तत्कालीन पीएमओ कमल अग्रवाल सहित छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया था।

