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India South Korea Meeting Live: दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग की अहम मुलाकात आज होने जा रही है. इस बैठक में AI, सेमीकंडक्टर, व्यापार और रक्षा सहयोग पर बड़े फैसले हो सकते हैं. यह दौरा दोनों देशों की रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देगा और एशिया में बदलते समीकरणों पर असर डाल सकता है.
दिल्ली में पीएम मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग की होगी मुलाकात. (फाइल फोटो)
India South Korea Meeting Live: दिल्ली आज एक अहम कूटनीतिक हलचल का गवाह बनने जा रही है. जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग की मुलाकात को सिर्फ एक औपचारिक बैठक नहीं, बल्कि रणनीतिक ताकत के नए अध्याय के तौर पर देखा जा रहा है. वैश्विक तनाव, तकनीकी प्रतिस्पर्धा और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में बदलते समीकरणों के बीच यह मुलाकात कई मायनों में खास है. भारत और दक्षिण कोरिया दोनों ही उभरती अर्थव्यवस्थाएं हैं और दोनों का फोकस अब हाई-टेक सेक्टर, रक्षा सहयोग और सप्लाई चेन मजबूत करने पर है. ऐसे में यह बैठक सिर्फ समझौतों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आने वाले वर्षों में एशिया की ताकत का संतुलन तय करने में भी भूमिका निभा सकती है.
राष्ट्रपति ली की यह पहली आधिकारिक भारत यात्रा है, इससे दोनों देशों के रिश्तों को नई गति मिलने की उम्मीद है. इस दौरान जहाज निर्माण, निवेश, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई तकनीकों पर फोकस रहेगा. इसके साथ ही सांस्कृतिक और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने पर भी चर्चा होगी, जिससे रिश्ते सिर्फ सरकारों तक सीमित न रहें, बल्कि समाज तक भी पहुंचे.
विदेश मंत्री एस. जयशंकर रविवार को दिल्ली में दक्षिण कोरियाई राष्ट्रपति ली जे-म्युंग के साथ. (PTI)
किन-किन मुद्दों पर होगी बात?
- भारत और दक्षिण कोरिया के बीच यह बैठक कई स्तरों पर अहम मानी जा रही है. सोमवार सुबह राष्ट्रपति ली का औपचारिक स्वागत राष्ट्रपति भवन में किया गया, इसके बाद हैदराबाद हाउस में प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी विस्तृत बातचीत तय है. दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी चर्चा होगी. खासतौर पर इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता और सहयोग पर जोर दिया जाएगा.
- इस मुलाकात के दौरान कई अहम समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है. जहाज निर्माण, सेमीकंडक्टर निर्माण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा सकते हैं. इसके अलावा निवेश बढ़ाने और व्यापार को नई ऊंचाई देने के लिए भी रोडमैप तैयार किया जाएगा. यह साझेदारी भारत के “मेक इन इंडिया” और दक्षिण कोरिया के टेक्नोलॉजी लीडरशिप को जोड़ने का काम कर सकती है.
रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती
भारत और दक्षिण कोरिया के रिश्ते सिर्फ व्यापार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह एक विशेष रणनीतिक साझेदारी में बदल चुके हैं. दोनों देश लोकतांत्रिक मूल्यों और सांस्कृतिक जुड़ाव को साझा करते हैं. इस दौरे के दौरान लोगों के बीच संपर्क, शिक्षा, संस्कृति और पर्यटन को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जाएगा. यह कदम दोनों देशों के संबंधों को और गहरा बनाने में मदद करेगा.
तकनीक और रक्षा सहयोग पर बड़ा दांव
इस मुलाकात का सबसे बड़ा फोकस नई तकनीकों पर है. सेमीकंडक्टर और AI जैसे क्षेत्रों में सहयोग से भारत को तकनीकी आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूती मिलेगी. वहीं, रक्षा और समुद्री सुरक्षा के क्षेत्र में भी साझेदारी बढ़ने की संभावना है, जिससे क्षेत्रीय संतुलन मजबूत होगा.
राजकीय स्वागत और कूटनीतिक संदेश
राष्ट्रपति ली के सम्मान में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा दोपहर भोज और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारा राजकीय भोज का आयोजन किया जाएगा. यह सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि भारत की कूटनीतिक प्राथमिकताओं का स्पष्ट संकेत है कि वह एशिया में मजबूत साझेदारियों को आगे बढ़ाना चाहता है.
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सुमित कुमार News18 हिंदी में सीनियर सब एडिटर के तौर पर काम कर रहे हैं. वे पिछले 4 साल से यहां सेंट्रल डेस्क टीम से जुड़े हुए हैं. उनके पास जर्नलिज्म में मास्टर डिग्री है. News18 हिंदी में काम करने से पहले, उन्ह…और पढ़ें

